इन 9 PSU कंपनियों में हिस्सेदारी घटा सकती है सरकार, आएगा OFS; जानें कहां और कितना मिलेगा खरीदारी का मौका
सरकार IRFC में 4% हिस्सेदारी OFS के जरिए बेचकर पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाएगी. इसके बाद हिस्सेदारी करीब 82% रह जाएगी. PSB, IOB, UCO Bank, LIC, ITI और Mazagon Dock जैसी कंपनियों में भी 75% से ज्यादा सरकारी हिस्सेदारी है जहां भविष्य में OFS लाया जा सकता है.
केंद्र सरकार ने मंगलवार को PSU कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) में अपनी हिस्सेदारी घटाने का ऐलान किया है. सरकार कंपनी में 4% हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेगी. इस कदम का मकसद कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाना और न्यूनतम 25% सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियम का पालन करना है. फिलहाल IRFC में सरकार की हिस्सेदारी 86% से ज्यादा है, जो OFS के बाद करीब 82% के आसपास आ सकती है. सरकार आने वाले समय में अन्य पीएसयू कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी घटाने के लिए OFS ला सकती है. सरकार आने वाले दिनों में इन 9 PUS कंपनियों से अपनी हिस्सेदारी घटा सकती है क्योंकि इनमें सरकारी हिस्सेदारी 75% से ज्यादा है.
PSB
- पंजाब एंड सिंध बैंक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 93.85% है.
- न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियम पूरा करने के लिए यहां हिस्सेदारी घटाना जरूरी हो सकता है
- OFS आने पर निवेशकों को सस्ते में शेयर खरीदने का मौका मिल सकता है.
IOB (Indian Overseas Bank)
- इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 92.44% है.
- बैंकिंग सेक्टर में हिस्सेदारी कम करने की रणनीति के तहत यहां OFS संभव है.
- इससे बैंक में पब्लिक होल्डिंग बढ़ेगी और लिक्विडिटी सुधरेगी.
UCO Bank
- यूको बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 90.95% है.
- सरकार धीरे-धीरे पीएसयू बैंकों में हिस्सेदारी घटा रही है.
- OFS से निवेशकों को बैंकिंग शेयरों में एंट्री का मौका मिल सकता है.
Central Bank of India
- सेंट्रल बैंक में सरकारी हिस्सेदारी 89.27% है.
- सरकार यहां भी पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने पर विचार कर सकती है.
- OFS से शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद है.
LIC
- LIC में सरकार की हिस्सेदारी करीब 96.50% है.
- सरकार पहले ही IPO ला चुकी है और आगे हिस्सेदारी कम कर सकती है.
- LIC में OFS आने पर बाजार की नजर रहेगी.
KIOCL
- KIOCL में सरकारी हिस्सेदारी करीब 99% से ज्यादा है.
- यहां हिस्सेदारी घटाने की काफी गुंजाइश है.
- OFS से शेयर में लिक्विडिटी और निवेशक बेस बढ़ सकता है.
ITI
- आईटीआई में सरकार की हिस्सेदारी करीब 90% है.
- टेलीकॉम पीएसयू में हिस्सेदारी कम करने की योजना बन सकती है.
- OFS से कंपनी में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ेगी.
FACT
- FACT में सरकार की हिस्सेदारी करीब 90% है.
- उर्वरक क्षेत्र में भी सरकार हिस्सेदारी घटाने पर विचार कर सकती है.
- इससे कंपनी के शेयर में ट्रेडिंग बढ़ सकती है.
Mazagon Dock
- मझगांव डॉक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 81% है.
- डिफेंस पीएसयू में पहले भी हिस्सेदारी कम की गई है.
- आगे और OFS आने की संभावना से निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
| कंपनी | सरकारी हिस्सेदारी |
|---|---|
| PSB (Punjab & Sind Bank) | 93.85% |
| IOB | 92.44% |
| UCO Bank | 90.95% |
| Central Bank | 89.27% |
| LIC | 96.50% |
| KIOCL | 99.03% |
| ITI | 90.02% |
| FACT | 90% |
| Mazagon Dock | 81.22% |
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