इस इंफ्रा कंपनी ने बोनस शेयर और डिविडेंड देने का किया ऐलान, फिर भी 4% से अधिक टूटा स्टॉक, जानें वजह

IRB Infrastructure Developers ने Q3 नतीजों के साथ 1:1 बोनस शेयर और 7% अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया लेकिन सालाना आधार पर मुनाफे में भारी गिरावट के कारण शेयर 4% से अधिक गिर गया. हालांकि तिमाही-दर-तिमाही प्रदर्शन और एसेट मोनेटाइजेशन से ऑपरेशनल मजबूती के संकेत मिले हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर Image Credit: Getty image

सड़क, हाइवे, निर्माण, हवाई अड्डा विकास और रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूत प्रजेंस वाली इंफ्रॉस्ट्रेक्चर डेवलेपमेंट कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd ने बोनस शेयरों और डिविडेंड देने की घोषणा की है. कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ 1:1 बोनस शेयर और अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया लेकिन इसके बावजूद शेयर में सोमवार को करीब 4 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली. लगभग 25,587 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी का शेयर दिन के कारोबार के अंत में 42.21 रुपये पर बंद हुआ. आइये जानते हैं कि कंपनी ने डिविडेंड के लिए क्या रिकॉर्ड डेट तय की है.

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट

कंपनी ने FY2026 के लिए 7% का तीसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है जिसकी रिकॉर्ड डेट 19 फरवरी 2026 तय की गई है. इसके अलावा बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है. हालांकि इसकी रिकॉर्ड डेट बाद में घोषित होगी. IRB Infra देश की प्रमुख सड़क और हाईवे डेवलपर कंपनियों में शामिल है, जो BOT, HAM और TOT मॉडल पर काम करती है.

तिमाही नतीजे

कंपनी के Q3 नतीजों की बात करें तो सालाना आधार पर प्रदर्शन कमजोर रहा है. रेवेन्यू 2,025 करोड़ रुपये से घटकर 1,871 करोड़ रुपये रह गया यानी करीब 8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. वहीं EBITDA 984 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,022 करोड़ रुपये पहुंचा जो 4 फीसदी की बढ़ा है. हालांकि, नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट आई और यह 6,026 करोड़ रुपये से घटकर 211 करोड़ रुपये रह गया यानी करीब 96.5 फीसदी की तेज गिरावट आई है. इसी तरह EPS भी 9.98 रुपये से घटकर 0.35 रुपये पर आ गया.

वहीं तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा. बिक्री 7% बढ़कर 1,871 करोड़ रुपये पहुंची, EBITDA में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और शुद्ध मुनाफा 141 करोड़ रुपये से बढ़कर 211 करोड़ रुपये हो गया, जो करीब 50% की उछाल है.

क्या बोले चैयरमैन

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेन्द्र डी. ने बताया कि तिमाही के दौरान तीन BOT एसेट्स को प्राइवेट InvIT से पब्लिक InvIT में शिफ्ट कर करीब 4,900 करोड़ रुपये की इक्विटी वैल्यू अनलॉक की गई. साथ ही VM7 HAM एसेट के ट्रांसफर से 513 करोड़ रुपये की इक्विटी रिलीज हुई और 700 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज कम हुआ.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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