सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़ी इन तीन कंपनियों पर रखें नजर, AI बूम से चमकेगा स्टॉक, 5 साल में 397% तक रिटर्न
दुनिया में एआई और उन्नत तकनीक की रफ्तार ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को रणनीतिक रूप से अहम बना दिया है. सरकार के India Semiconductor Mission 2.0 और वैश्विक सहयोग पहल के बाद इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के फोकस में हैं. L&T Technology Services Limited, Linde India Limited और Acutaas Chemicals Limited जैसी कंपनियां अप्रत्यक्ष रूप से इस ग्रोथ का लाभ उठा सकती हैं.
Semiconductors Stocks: दुनिया भर में उन्नत होती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते फोकस ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है. 21 फरवरी को समाप्त हुए AI Impact Summit 2026 में भारत उन 10 देशों की सूची में शामिल हुआ जो Pax Silica के सदस्य हैं. अमेरिकी नेतृत्व वाले इस संगठन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है.
इससे पहले, वित्त वर्ष 2027 के लिए पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने India Semiconductor Mission 2.0 की शुरुआत की घोषणा की थी. इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार भारत को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार के इस नीतिगत समर्थन के बाद इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं.
इनमें कुछ ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं जो सीधे तौर पर सेमीकंडक्टर निर्माण नहीं करतीं, लेकिन सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को टेक्नोलॉजी, सॉल्यूशंस और आवश्यक रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराती हैं. आमतौर पर ये कंपनियां निवेशकों की नजर से दूर रहती हैं, लेकिन जैसे-जैसे सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है, वैसे-वैसे इनके कारोबार में भी तेजी देखने को मिलती है. इस कैटेगरी में L&T Technology Services Limited, Linde India Limited और Acutaas Chemicals Limited जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं.
L&T Technology Services Limited
L&T Technology Services Limited (LTTS) एक प्रमुख ग्लोबल इंजीनियरिंग रिसर्च और डेवलपमेंट (ER&D) कंपनी है. कंपनी मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, मेडिकल डिवाइसेस, टेलीकॉम और हाई-टेक जैसे क्षेत्रों को सेवाएं देती है. ये कंपनियों को नए प्रोडक्ट, प्रोसेस और इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलप करने में मदद करती है. करीब ₹36,024 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर ₹3,396.60 पर बंद हुआ और हरे निशान में रहा. पांच साल में इसने 27% तक रिटर्न दिया है.
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में बढ़ते निवेश (capex) का फायदा LTTS को अप्रत्यक्ष रूप से मिल सकता है. जब चिप बनाने वाली कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाती हैं और नई टेक्नोलॉजी अपनाती हैं, तब उन्हें इंजीनियरिंग डिजाइन, सिस्टम इंटीग्रेशन और प्रोडक्ट सपोर्ट जैसी सेवाओं की जरूरत होती है. LTTS अपनी विशेषज्ञता और ग्लोबल क्लाइंट नेटवर्क के कारण इस बढ़ते अवसर का लाभ उठा सकती है.
Linde India Limited
Linde India Limited मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल और मेडिकल गैस बनाने का काम करती है. इसके अलावा कंपनी क्रायोजेनिक और नॉन-क्रायोजेनिक एयर सेपरेशन प्लांट भी बनाती है. कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹58,065 करोड़ है और इसका शेयर शुक्रवार को बीएसई पर ₹6,808.8 पर बंद हुआ. पांच साल में इसने 397% तक रिटर्न दिया है.
हालांकि कंपनी खुद सेमीकंडक्टर चिप्स नहीं बनाती, लेकिन यह चिप बनाने वाली कंपनियों को जरूरी गैस और तकनीकी सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में हाई-प्योरिटी गैस की बहुत जरूरत होती है, और Linde अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन और एडवांस टेक्नोलॉजी के जरिए इस जरूरत को पूरा करती है. इसलिए सेमीकंडक्टर सेक्टर की ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिल सकता है.
Acutaas Chemicals Limited
Acutaas Chemicals Limited, जिसे पहले Ami Organics Limited के नाम से जाना जाता था, एक स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी है. यह फार्मास्युटिकल, सेमीकंडक्टर, बैटरी केमिकल्स, पर्सनल केयर और एग्रोकेमिकल जैसे कई सेक्टर को सप्लाई करती है. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹17,253 करोड़ है और इसका शेयर शुक्रवार को ₹2,107.35 पर बंद हुआ. पांच साल में इसने 367% तक रिटर्न दिया है.
कंपनी ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी तेजी से कदम बढ़ाए हैं. बाबा फाइन केमिकल्स के अधिग्रहण के जरिए इसने चिप मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले खास केमिकल्स के क्षेत्र में एंट्री ली है. इसके अलावा कंपनी पैरबेंस, मिथाइल सैलिसिलेट और अन्य खास केमिकल्स भी बनाती है, जो कॉस्मेटिक्स और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स में उपयोग होते हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
