अब Netflix से भिड़े ट्रंप, कंपनी को दिया अल्टीमेटम; बोर्ड मेंबर सुसन राइस पर बड़ा हमला, जानें कौन हैं ये महिला
ट्रंप ने नेटफ्लिक्स को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपनी बोर्ड मेंबर सुसन राइस (Susan Rice) को तुरंत हटाए, नहीं तो कंपनी को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. यह बयान उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिया.
Trump vs Netflix: अमेरिका की राजनीति और कॉरपोरेट दुनिया के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है. इस बार मामला सीधे देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया की बड़ी स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स के बीच का है. ट्रंप ने नेटफ्लिक्स को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपनी बोर्ड मेंबर सुसन राइस (Susan Rice) को तुरंत हटाए, नहीं तो कंपनी को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. यह बयान उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिया.
इस पूरे विवाद की जड़ सुसन राइस का एक बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो कंपनियां ट्रंप के दबाव में झुकेंगी, उन्हें भविष्य में जवाब देना पड़ सकता है. अब यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति, बिजनेस और सरकार के रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर रहा है. खासकर तब, जब नेटफ्लिक्स एक बड़े अधिग्रहण की तैयारी में है.
ट्रंप की नेटफ्लिक्स को चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने नेटफ्लिक्स पर सीधा दबाव बनाते हुए कहा कि कंपनी तुरंत सुसन राइस को अपने बोर्ड से हटाए. उन्होंने राइस को ट्रंप विरोधी और राजनीतिक व्यक्ति बताया. ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो कंपनी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसी मौजूदा राष्ट्रपति का किसी कंपनी के बोर्ड में दखल देने का यह असामान्य मामला माना जा रहा है.

विवाद की वजह क्या है
यह विवाद सुसन राइस के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू से शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में डेमोक्रेट्स सत्ता में आए, तो वे उन कंपनियों की जांच कर सकते हैं, जिन्होंने ट्रंप के दबाव में फैसले लिए. उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपने दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने गलत काम किया है, तो कार्रवाई हो सकती है. राइस का मानना है कि कई कंपनियां अपने छोटे फायदे के लिए गलत फैसले ले रही हैं.
सुसन राइस (Susan Rice) कौन हैं
सुसन राइस अमेरिका की एक अनुभवी नेता और विदेश नीति विशेषज्ञ हैं. वह बराक ओबामा के समय संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत और बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुकी हैं. जो बाइडेन सरकार में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई. फिलहाल वह नेटफ्लिक्स के बोर्ड में शामिल हैं.
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नेटफ्लिक्स वार्नर ब्रदर्स को खरीदने की योजना बना रही है और उसे सरकारी मंजूरी की जरूरत है. इस वजह से इस विवाद को और ज्यादा गंभीर माना जा रहा है. कई लोग इसे राजनीति और कॉरपोरेट दुनिया के बीच बढ़ते टकराव के तौर पर देख रहे हैं.
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