UPL ने रीऑर्गेनाइजेशन प्लान को दी मंजूरी, बनेंगी दो लिस्टेड कंपनियां, जानें- क्या होगा फैसले का असर

UPL एक डाइवर्सिफाइड एग्रीकल्चर और स्पेशियलिटी केमिकल्स प्लेटफॉर्म के तौर पर जारी रहेगी और UPL ग्लोबल एक प्योर-प्ले क्रॉप प्रोटेक्शन कंपनी होगी. मंजूर ट्रांजेक्शन स्ट्रक्चर के तहत, UPL सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड को पहले UPL में मिलाया जाएगा.

यूपीएल का रीऑर्गेनाइजेशन प्लान. Image Credit: Social Media

UPL लिमिटेड ने शुक्रवार को बोर्ड से मंजूर ग्रुप रीऑर्गेनाइजेशन की घोषणा की. यह एक नई एंटिटी, UPL ग्लोबल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड के तहत अपने इंडिया और इंटरनेशनल क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस को मिलाकर एक डेडिकेटेड, लिस्टेड क्रॉप प्रोटेक्शन प्लेटफॉर्म बनाएगा. इस कदम के नतीजे के रूप में दो लिस्टेड कंपनियां बनेंगी. एक कम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के जरिए प्लान को लागू किया जाएगा.

UPL एक डाइवर्सिफाइड एग्रीकल्चर और स्पेशियलिटी केमिकल्स प्लेटफॉर्म के तौर पर जारी रहेगी और UPL ग्लोबल एक प्योर-प्ले क्रॉप प्रोटेक्शन कंपनी होगी.

रीऑर्गेनाइजेशन का क्या है मकसद?

UPL ने कहा कि रीऑर्गेनाइजेशन का मकसद शेयरहोल्डर वैल्यू को अनलॉक करना, ग्रुप स्ट्रक्चर को आसान बनाना और अपने अलग-अलग बिजनेस की क्लियर वैल्यूएशन को मुमकिन बनाना है. मंजूर ट्रांजेक्शन स्ट्रक्चर के तहत, UPL सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड को पहले UPL में मिलाया जाएगा. इसके बाद इंडिया क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस का UPL ग्लोबल में वर्टिकल डीमर्जर होगा. इंडिया क्रॉप प्रोटेक्शन ब्रांच में UPL की 90.91 फीसदी हिस्सेदारी है.

कितनी है हिस्सेदारी?

इसके अलावा, UPL क्रॉप प्रोटेक्शन होल्डिंग्स लिमिटेड, जो UPL के इंटरनेशनल क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस की होल्डिंग कंपनी है और जिसमें कंपनी की 77.78 फीसदी हिस्सेदारी है, उसे UPL ग्लोबल में मर्ज कर दिया जाएगा. काम पूरा होने के बाद, इंडिया और इंटरनेशनल क्रॉप प्रोटेक्शन दोनों ऑपरेशन UPL ग्लोबल के अंदर होंगे, जिसे इंडियन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया जाएगा.

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का मिलेगा फायदा

UPL ने कहा कि यह स्कीम एक इंटीग्रेटेड, प्योर-प्ले क्रॉप प्रोटेक्शन प्लेटफॉर्म बनाएगी जिसकी ग्लोबल पहुंच होगी, जिसे एक कंसोलिडेटेड मैन्युफैक्चरिंग बेस, रिसर्च कैपेबिलिटी और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का फायदा मिलेगा. कंपनी ने ज्यादा स्ट्रेटेजिक और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर भी जोर दिया, यह देखते हुए कि UPL और UPL ग्लोबल दोनों ही इंडिपेंडेंटली कैपिटल जुटा पाएंगी और फोकस्ड बिजनेस स्ट्रेटेजी के हिसाब से अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को ऑप्टिमाइज कर पाएंगी.

ट्रांजेक्शन पूरा होने में कितना समय लगेगा?

बोर्ड ने इंडिपेंडेंट वैल्यूअर्स की सिफारिशों के आधार पर शेयर एक्सचेंज और एंटाइटलमेंट रेश्यो को मंजूरी दे दी है. यह ट्रांजेक्शन अगले 12-15 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है, जो SEBI, CCI, RBI, स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और शामिल एंटिटी के शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स जैसे रेगुलेटर्स से मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा.

शेयरों का हाल

शुक्रवार को अनाउंसमेंट से पहले UPL के शेयर 1.77 फीसदी गिरकर 751.50 रुपये पर बंद हुए. पिछले एक साल में स्टॉक में 16.1 फीसदी की बढ़त हुई है, जो Nifty50 की 11.6 फीसदी की बढ़त से बेहतर है, और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 63,700 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

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