10% तक टूटे इस एग्री-केमिकल कंपनी के शेयर, ब्रोकरेज ने कहा 30% तक चढ़ सकता है भाव; जानें क्या है टारगेट प्राइस
UPL ने अपने भारत और ग्लोबल क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस को अलग कर नई कंपनी UPL Global बनाने का फैसला किया है, जिसे आगे चलकर शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा. रीस्ट्रक्चरिंग की खबर के बाद शेयर में तेज गिरावट आई, लेकिन ब्रोकरेज Elara Capital ने टारगेट को बढ़ाते हुए लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न की उम्मीद जताई है. जानें क्या है टीपी.
UPL Share Surges by 30pc: भारत की लीडिंग एग्री-केमिकल कंपनी UPL ने 20 फरवरी को अपने बिजनेस ढांचे में बड़ा बदलाव करने की मंजूरी दी है. कंपनी अपने भारत और वैश्विक क्रॉप प्रोटेक्शन यानी फसल सुरक्षा से जुड़े कारोबार को एक नई कंपनी जिसका नाम UPL Global है, में समेटने जा रही है. इसके बाद इस नई यूनिट को अलग करके शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा. साथ ही, कंपनी अपने स्पेशियलिटी केमिकल्स डिविजन “Superform” के बारे में भी अलग रणनीति पर विचार कर रही है, हालांकि अभी उसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. आज की बात करें तो सोमवार, 23 को कंपनी के शेयर में 10 फीसदी तक की गिरावट आई. इन्हीं तमाम बदलावों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म Elara Capital ने रिपोर्ट जारी की है. इसी के साथ फर्म ने टारगेट प्राइस भी दिया है. आइए विस्तार में समझते हैं.
क्या है स्ट्रक्चर बदलाव का मतलब?
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य बिजनेस को स्पष्ट रूप से अलग-अलग हिस्सों में बांटना और हर यूनिट की असली कीमत सामने लाना बताया जा रहा है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्ट्रक्चर सरल होने के बजाय और जटिल हो सकती है. क्योंकि मूल कंपनी UPL Ltd खुद एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी, जिसके नीचे अलग-अलग कारोबार होंगे. ऐसी स्थिति में अक्सर होल्डिंग कंपनियों के शेयरों पर “डिस्काउंट” मिलता है यानी उनके पास की कंपनियों की कुल कीमत के मुकाबले शेयर कम दाम पर ट्रेड करते हैं. रीस्ट्रक्चरिंग के बाद UPL Ltd के पास तीन मुख्य कारोबार होंगे-
- नई कंपनी UPL Global (क्रॉप प्रोटेक्शन)
- Advanta (बीज और पोस्ट-हार्वेस्ट बिजनेस)
- Superform (स्पेशियलिटी केमिकल्स)
नई UPL Global का अनुमानित वार्षिक कारोबार करीब 39,600 करोड़ रुपये और EBITDA लगभग 6,000 करोड़ रुपये बताया गया है, जिसमें लगभग 15.5 फीसदी मार्जिन है. कंपनी का लक्ष्य है कि इसे FY28 की पहली तिमाही तक शेयर बाजार में लिस्ट कर दिया जाए.
क्या है ब्रोकरेज की राय?
हालांकि ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि अल्पकाल यानी शॉर्ट टर्म में यह कदम निवेशकों के लिए थोड़ा नकारात्मक हो सकता है. वजह यह है कि निवेशक कंपनी से कर्ज कम करने और मुनाफा बढ़ाने पर फोकस की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब चर्चा स्ट्रक्चर में बदलाव की कमियों पर जा सकती है. फिर भी लंबी अवधि में स्थिति बेहतर हो सकती है क्योंकि अगर मुनाफा बढ़ता है और कर्ज घटता है, तो कंपनी की ग्रोथ मजबूत हो सकती है.
क्या है टारगेट प्राइस?
ब्रोकरेज हाउस Elara Capital ने UPL पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है और 980 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. 20 फरवरी को कंपनी के शेयरों का भाव 752 रुपये था, उस हिसाब से यह लगभग 30 फीसदी तक की संभावित बढ़त दिख सकती है. हालांकि, आज यानी सोमवार, 23 फरवरी को कंपनी के शेयर 10 फीसदी तक टूटे हैं. ब्रोकरेज का मानना है कि भले ही रीस्ट्रक्चरिंग तुरंत वैल्यू न बढ़ाए, लेकिन आने वाले वर्षों में बेहतर मुनाफा, मजबूत बैलेंस शीट और अलग-अलग बिजनेस की स्वतंत्र ग्रोथ शेयर को ऊपर ले जा सकती है.
इससे इतर, फर्म का मानना है कि अगर UPL Global की लिस्टिंग सफल रहती है और बाकी इकाइयां भी अच्छा प्रदर्शन करती हैं, तो निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की संभावना बढ़ेगी. खास तौर पर कृषि क्षेत्र में मांग स्थिर रहने और कंपनी की वैश्विक मौजूदगी के कारण लंबी अवधि में यह शेयर मजबूत रिटर्न दे सकता है.
क्या है शेयर का हाल?
UPL के शेयर में सोमवार, 23 फरवरी को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के शेयर 14.30 फीसदी यानी 107.55 रुपये टूटकर 644.80 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. स्टॉक अपने 52वीक हाई जो कि 812.20 रुपये था से काफी नीचे कारोबार कर रहा है. रिटर्न की बात करें तो पिछले 1 महीने में स्टॉक में 8 फीसदी और 6 महीने में 10 फीसद तक की गिरावट दर्ज की है. कंपनी का मार्केट कैप 63,460 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
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