तैयार हुआ मेगा प्रोजेक्ट! PM मोदी मार्च में करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, दिल्ली-NCR को बड़ी सौगात
गौतम बुद्ध नगर के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब शुरू होने के बेहद करीब है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च में इसका उद्घाटन कर सकते हैं. पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला यह एयरपोर्ट भविष्य में पांच रनवे के साथ दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है.
Noida International Airport Inaugurate in March: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब अपने उद्घाटन के बेहद करीब पहुंच चुका है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय समुदाय से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यानी मार्च में इस एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने इसे भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला प्रोजेक्ट बताया.
कई बार समयसीमा आगे बढ़ने के बाद अब इस प्रोजेक्ट के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. पहले जहां एयरपोर्ट के लिए दो रनवे की योजना थी, अब इसे विस्तार देकर भविष्य में पांच रनवे तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सके.
लगभग तैयार, उद्घाटन की तारीख का इंतजार
हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एयरपोर्ट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा गया है. प्रोजेक्ट का पहला चरण जल्द ही शुरू होने वाला है, जिसके बाद उत्तर भारत के हवाई नेटवर्क को बड़ा फायदा मिलेगा.
बजट में मिला था बड़ा प्रावधान
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए 2111 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है. इसमें से 750 करोड़ रुपये विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट के विकास के लिए तय किए गए हैं. इसके अलावा राज्य भर में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार और मजबूती के लिए 1100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें जमीन अधिग्रहण भी शामिल है.
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर निर्माण
एयरपोर्ट का निर्माण यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो स्विट्जरलैंड की Zurich Airport International AG की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार और प्राइवेट कंपनी के सहयोग से PPP मॉडल पर विकसित हो रही है. एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण किया गया है. इसमें एक रनवे, एक एडवांस टर्मिनल बिल्डिंग और सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी.
इस प्रोजेक्ट ने 31 अक्टूबर 2025 को एक अहम उपलब्धि हासिल की थी, जब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक यहां लैंडिंग की. यह परीक्षण किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले नेविगेशन और संचार प्रणालियों की सटीकता जांचने के लिए किया जाता है.
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