JAL डील पर सुनवाई टली, NCLAT ने अगली तारीख जल्द तय करने को कहा, अडानी ग्रुप के इस स्टॉक में हलचल

अब बाजार की नजर NCLAT की अगली सुनवाई पर रहेगी. इस केस का फैसला JAL के अधिग्रहण की दिशा तय करेगा, जिसका असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. Adani Enterprises का शेयर सोमवार को मजबूती के साथ करीब 2,140.6 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और इसमें 2.58 प्रतिशत की तेजी देखी गई है. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक करीब 16.7 प्रतिशत चढ़ा है.

अडानी ग्रुप Image Credit: Getty image

Vedanta Group और Adani Group के बीच Jaiprakash Associates (JAL) की बोली को लेकर चल रहे विवाद में फिलहाल सुनवाई टल गई है. सोमवार को National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) ने इस मामले की सुनवाई को टाल दिया गया है. NCLAT ने बताया कि बेंच के एक सदस्य की अनुपलब्धता के कारण बेंच की संरचना में बदलाव हुआ है, जिसकी वजह से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी. अब ट्रिब्यूनल जल्द ही अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा.

क्या है पूरा मामला?

Vedanta Ltd ने दो याचिकाएं दाखिल की हैं, जिनमें उसने 17 मार्च को NCLT इलाहाबाद बेंच के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें Adani Enterprises की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी गई थी. यह बोली दिवालिया प्रक्रिया के तहत Jaiprakash Associates के अधिग्रहण के लिए दी गई थी.

पहले क्या हुआ था

24 मार्च को NCLAT ने Adani Group की बोली पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था. हालांकि, ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा था कि यह डील Vedanta की अपील के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी.

इसके बाद इस अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई, लेकिन वहां से भी कोई स्टे नहीं मिला. सुप्रीम कोर्ट ने इतना जरूर कहा कि अगर मॉनिटरिंग कमेटी कोई बड़ा फैसला लेती है, तो पहले ट्रिब्यूनल की अनुमति लेनी होगी.

शेयरों पर असर

  • Adani Enterprises का शेयर सोमवार को मजबूती के साथ करीब 2,140.6 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और इसमें 2.58 प्रतिशत की तेजी देखी गई है. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक करीब 16.7 प्रतिशत चढ़ा है.
  • वहीं Jaiprakash Associates का शेयर दबाव में है और यह करीब 2.42 रुपये पर 4.72 प्रतिशत गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. पिछले तीन महीनों में स्टॉक में करीब 25.77 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि एक साल में यह करीब 37.95 प्रतिशत टूट चुका है.

आगे क्या देखें

अब बाजार की नजर NCLAT की अगली सुनवाई पर रहेगी. इस केस का फैसला JAL के अधिग्रहण की दिशा तय करेगा, जिसका असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है.

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