कौन हैं वेणु श्रीनिवासन? टाटा सन्स के IPO पर Trust से भिड़े, चंद्रशेखरन के पक्ष में डाला था वोट; अब हुआ ये खुलासा

TVS Group के दिग्गज वेणु श्रीनिवासन टाटा सन्स के प्रस्तावित IPO को लेकर चर्चा में हैं. Tata Sons के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक श्रीनिवासन ने Sir Dorabji Tata Trust के निर्देश के बावजूद लिस्टिंग के पक्ष में वोट किया. उनका कहना था कि निदेशक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी पूरी Tata Sons के हित में काम करना है. अब एक बड़ा खुलासा हुआ है आइए जानते हैं.

वेणु श्रीनिवासन

Highlights

  • Venu Srinivasan Tata Sons के IPO को लेकर चर्चा में हैं.
  • TVS Group के अलावा श्रीनिवासन का टाटा ग्रुप से भी लंबे समय से जुड़ाव है.
  • जानें TVS Group के इस दिग्गज का Tata Sons, टाटा ट्रस्ट और TVS Motor से क्या रिश्ता है.

Venu Srinivasan: उद्योगपति वेणु श्रीनिवासन इन दिनों Tata Sons के IPO और कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के एक और कार्यकाल के समर्थन को लेकर चर्चा में हैं. Tata Sons के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक श्रीनिवासन ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) के उस निर्देश के बावजूद Tata Sons की प्रस्तावित लिस्टिंग के पक्ष में वोट किया, जिसमें उन्हें इस प्रस्ताव पर वोट करने से रोकने की कोशिश की गई थी. उन्होंने ट्रस्ट के निर्देश को सही नहीं मानते हुए कहा कि Tata Sons के निदेशक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी पूरी कंपनी के हित में काम करने की है, न कि किसी एक शेयरधारक के हित में.

अब इस पूरे मामले के बीच Mint की एक जांच में चंद्रशेखरन के परिवार और TVS Motor के बीच कारोबारी रिश्ते की बात सामने आई है. यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि TVS Motor के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन ने हाल ही में चंद्रशेखरन को Tata Sons के चेयरमैन के तौर पर एक और पांच साल का कार्यकाल देने के प्रस्ताव का समर्थन किया था.

चंद्रशेखरन के परिवार की कंपनी को TVS Motor ने दी 17 एकड़ जमीन

Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रशेखरन की पत्नी ललिता और बेटे प्रणव Hanno One Warehousing Pvt Ltd के निदेशक हैं. यह कंपनी मार्च 2025 में बनाई गई थी. Mint ने यह जानकारी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और राज्य के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड्स के आधार पर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, Hanno Infra LLP के पास Hanno One की 99.99% हिस्सेदारी है. ललिता ने इस एलएलपी की तरफ से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि प्रणव के पास सीधे तौर पर कंपनी का एक शेयर है.

कंपनी बनने के करीब तीन महीने बाद TVS Motor ने तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में 17 एकड़ कृषि जमीन Hanno One को गोदाम बनाने की परियोजना के लिए लीज पर दी यानी यहां कनेक्शन यह है कि एक तरफ Hanno One में चंद्रशेखरन के परिवार के सदस्य निदेशक हैं, तो दूसरी तरफ इस कंपनी को TVS Motor से जमीन लीज पर मिली है.

₹60 करोड़ का कर्ज, ₹106.3 करोड़ की परियोजना

Mint के मुताबिक, नवंबर 2025 में HDFC Bank ने Hanno One को 60 करोड़ रुपये का निर्माण कर्ज देने की पेशकश की थी. यह कर्ज कंपनी के लीज अधिकार और प्रस्तावित इमारत के आधार पर दिया जाना था. Mint की ओर से देखी गई टर्म शीट के मुताबिक, करीब 3.3 लाख वर्ग फुट की इस परियोजना की अनुमानित लागत 106.3 करोड़ रुपये थी और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था.

हालांकि, TVS Motor और Hanno One के बीच हुई लीज में कितना किराया तय हुआ है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है.

Tata Sons की बैठक में क्या हुआ?

अब इस पूरे मामले को समझने के लिए Tata Sons की हालिया बोर्ड बैठक को देखना जरूरी है. इस बैठक में एन चंद्रशेखरन को Tata Sons के चेयरमैन के तौर पर दोबारा नियुक्त करने और Tata Group की होल्डिंग कंपनी की प्रस्तावित लिस्टिंग पर वोटिंग हुई.

वेणु श्रीनिवासन उन चार निदेशकों में शामिल थे, जिन्होंने चंद्रशेखरन को एक और कार्यकाल देने और Tata Sons की लिस्टिंग, दोनों प्रस्तावों के पक्ष में वोट किया. वहीं Tata Trusts के चेयरमैन Noel Tata ने चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव का विरोध किया. इससे पहले SDTT ने श्रीनिवासन को Tata Sons की लिस्टिंग पर वोट करने से रोकने की कोशिश की थी. इसकी वजह यह थी कि श्रीनिवासन सार्वजनिक तौर पर Tata Sons को निजी कंपनी बनाए रखने की ट्रस्ट की पसंद से अलग रुख रख चुके थे.

श्रीनिवासन ने ट्रस्ट का निर्देश क्यों नहीं माना?

श्रीनिवासन ने लिखित जवाब में कहा कि ट्रस्ट का निर्देश उनसे सलाह किए बिना जारी किया गया था. उनका कहना था कि Tata Sons के निदेशक के तौर पर उनकी कानूनी जिम्मेदारी पूरी कंपनी के हित में काम करने की है, न कि किसी एक शेयरधारक के हित में. इसी आधार पर उन्होंने ट्रस्ट के निर्देश को नहीं माना और Tata Sons की लिस्टिंग के प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया.

मामला इसलिए अहम, क्योंकि Srinivasan की दोनों जगह अहम भूमिका

पूरे मामले में एक और बात ध्यान देने वाली है. वेणु श्रीनिवासन Tata Trusts के Vice-Chairman हैं और Tata Sons की Nomination and Remuneration Committee के सदस्य भी हैं. यह समिति Tata Sons के चेयरमैन के प्रदर्शन और उनके वेतन-भत्तों से जुड़े मामलों का मूल्यांकन करती है यानी एक तरफ श्रीनिवासन की Tata Trusts में अहम भूमिका है, वहीं दूसरी तरफ वह उस समिति का हिस्सा हैं जो Tata Sons के चेयरमैन के प्रदर्शन और पारिश्रमिक का मूल्यांकन करती है.

कौन हैं वेणु श्रीनिवासन?

वेणु श्रीनिवासन, TVS Group के संस्थापक टी. वी. सुंदरम अयंगर के पोते हैं. टी. वी. सुंदरम अयंगर ने 1911 में TVS Group की शुरुआत की थी. श्रीनिवासन ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गुइंडी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. यह संस्थान अन्ना यूनिवर्सिटी का हिस्सा है. इसके बाद उन्होंने अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की.

TVS Motor को यहां तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका

श्रीनिवासन ने 1980 के दशक की शुरुआत में उस समय सुंदरम-क्लेयटन के दोपहिया कारोबार की जिम्मेदारी संभाली थी. उन्हें TVS Motor Company को देश की बड़ी दोपहिया और तिपहिया वाहन कंपनियों में शामिल करने का श्रेय दिया जाता है. कंपनी ने उनके नेतृत्व में भारत के अलावा इंडोनेशिया और ब्रिटेन में भी अपनी इकाइयां स्थापित कीं. उनके नेतृत्व में कंपनी के ब्रेक्स डिवीजन ने 1998 में गुणवत्ता प्रबंधन के लिए जापान का Deming Prize जीता. इसके अलावा गुणवत्ता से जुड़े काम में योगदान के लिए श्रीनिवासन को 2012 में Ishikawa-Kano Award भी मिला.

अब टीवीएस मोटर्स में क्या भूमिका है?

श्रीनिवासन ने पिछले साल अगस्त में TVS Motor के रोजमर्रा के कामकाज से दूरी बना ली थी. इसके बाद उनके बेटे सुदर्शन वेणु ने TVS Motor के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली. फिलहाल Srinivasan TVS Motor के चेयरमैन एमेरिटस और TVS होल्डिंग के गैर-कार्यकारी चेयरमैन हैं.

Tata Sons और Tata Trusts से भी गहरा जुड़ाव

TVS Group के अलावा श्रीनिवासन का टाटा ग्रुप से भी लंबे समय से जुड़ाव है. वह 2016 से Tata Sons के बोर्ड में हैं. वह Sir Ratan Tata Trust (SRTT) के वाइस चेयरमैन भी हैं. यह Tata Sons को कंट्रोल करने वाले दो सबसे बड़े चैरिटेबल ट्रस्ट में से एक है. पिछले साल अक्टूबर में उन्हें SDTT का Life Trustee भी दोबारा नियुक्त किया गया था. यह नियुक्ति उनका तीन साल का कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले हुई थी.

पहले भी उठा चुके हैं Trust के कामकाज पर सवाल

श्रीनिवासन ने पिछले साल नवंबर में हुई एक बैठक में Trusts के आंतरिक कामकाज को लेकर भी आपत्ति जताई थी. इसमें नए Trustees को शामिल करने की प्रक्रिया समेत Trusts से जुड़े कुछ आंतरिक शासन के मुद्दे शामिल थे. Tata Sons के निदेशक के तौर पर Trust के निर्देश के खिलाफ उनका वोट करना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह Trusts से उनकी स्वतंत्रता दिखाने वाला एक दुर्लभ और सार्वजनिक उदाहरण है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारतीय रिजर्व बैंक बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को सार्वजनिक लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कह रहा है. हालांकि, Tata Sons और Tata Trusts की तरफ से Srinivasan और Noel Tata के बोर्ड बैठक में रखे गए रुख के अलावा इस मामले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है.

RBI के बोर्ड में भी रह चुके हैं श्रीनिवासन

वेणु श्रीनिवासन को 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड में गैर-सरकारी निदेशक नियुक्त किया गया था. उन्हें 2020 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. Srinivasan का दक्षिण कोरिया से भी जुड़ाव रहा है. वह चेन्नई में Republic of Korea के Honorary Consul General रह चुके हैं. भारत और दक्षिण कोरिया के कारोबारी रिश्तों को मजबूत करने में भूमिका के लिए उन्हें 2010 में South Korea के Order of Diplomatic Service Merit से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा वह Srirangam Sri Ranganathaswamy Temple के Board of Trustees के चेयरमैन भी हैं. Forbes ने 2026 की अपनी अरबपतियों की लिस्ट में भी श्रीनिवासन को शामिल किया है.

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