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CIPP ने गायत्री संपत को दी अहम जिम्मेदारी, MSME सेक्टर को मिलेगा पॉलिसी फ्रेमवर्क का सपोर्ट

इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है. इस पहल के जरिए उन बिजनेस को अतिरिक्त क्रेडिट सहायता देगी जो पश्चिम एशिया के हालात की वजह से लिक्विडिटी की कमी का सामना कर रहे हैं.

एमएसएमई सेक्टर को पॉलिसी फ्रेमवर्क का मिलेगा फायदा Image Credit: Money9live

MSME सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में सेंटर फॉर इनोवेशन पॉलिसी (CIPP) ने एक अहम कदम उठाया है. इसके तहत डॉ गायत्री संपत को सीनियर फेलो नियुक्त किया गया है. CIPP का फोकस ऐसे नीतिगत समाधान तैयार करना है, जो खासतौर पर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSME) सेक्टर की ग्रोथ और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ा सकें. CIPP का उद्देश्य सरकार, निजी क्षेत्र और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर ऐसे पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करना है, जो MSME सेक्टर को न केवल प्रतिस्पर्धी बनाए, बल्कि उसे रोजगार सृजन और समावेशी विकास का मजबूत आधार भी बना सके.

डॉ. संपत ने IFCऔर Ford Foundation जैसे ग्लोबल संस्थानों के साथ काम किया है. उनके प्रोजेक्ट्स में MSMEs के लिए मार्केट एक्सेस, फाइनेंसिंग मॉडल और पॉलिसी फ्रेमवर्क को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस रहा है. उन्होंने Deloitte, Avalon Consulting जैसे संस्थानों में काम करते हुए मार्केट एंट्री, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर काम किया है, जो MSME सेक्टर के लिए बेहद अहम पहलू माने जाते हैं. जो बदलती अर्थव्यवस्था में MSMEs के टिकाउ बने रहने में बेहद जरूरी हैं. उनका हालिया रिसर्च उम्र और जेंडर के संदर्भ में उद्यमिता, और सोशल मीडिया के सामाजिक-आर्थिक ट्रेंड्स पर प्रभाव को समझने पर केंद्रित है. यह रिसर्च नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण इनपुट देता है, खासकर ऐसे समय में जब डिजिटल प्लेटफॉर्म MSME ग्रोथ का बड़ा इंजन बन रहे हैं.

युद्ध से जूझ रहे एमएसएमई को सरकार की राहत

इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है. इस पहल के जरिए उन बिजनेस को अतिरिक्त क्रेडिट सहायता देगी जो पश्चिम एशिया के हालात की वजह से लिक्विडिटी की कमी का सामना कर रहे हैं. सरकार के अनुसार यह स्कीम नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के जरिए कर्ज देने वाली संस्थाओं को MSME के ​​लिए 100 फीसदी और नॉन-MSME व एयरलाइंस के लिए 90 फीसदी गारंटी कवरेज देगी. इस योजना के तहत एमएसएमई को FY26 की चौथी तिमाही में इस्तेमाल किए गए अधिकतम वर्किंग कैपिटल का 20 फीसदी तक अतिरिक्त क्रेडिट दिया जा सकता है.

लोन अवधि 5 साल


MSMEs और अन्य व्यवसायों के लिए लोन की अवधि पांच वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है. जबकि एयरलाइन कर्ज की अवधि सात वर्ष होगी, जिसमें दो वर्ष की मोहलत मिलेगी. यह योजना 31 मार्च, 2027 तक मंजूर किए गए कर्जों पर लागू होगी. इसका मकसद कारोबारों को ‘पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने’ में मदद करना है, और इससे उनके कामकाज को सहारा मिलने, रोजगार सुरक्षित रहने और सप्लाई चेन बनी रहने की उम्मीद है.