मां और दादी को देख मिले इस आईडिया ने बदली दो बहनों की तकदीर, खड़ी कर दी 50 करोड़ की ये मशहूर कंपनी
पश्चिम बंगाल की दो बहनों ने सुता नाम से एक साड़ी की कंपनी शुरू की, जो देखते ही देखते लोगों की पहली पसंद बन गई. इनके साडि़यों की डिमांड अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक में है.
Success Story: आमतौर पर महिलाएं साड़ी पहनना पसंद करती हैं. पश्चिम बंगाल में तो इसे और भी ज्यादा तवज्जो दी जाती है. महिलाओं की इसी पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल की दो बहनों ने सुता नाम से एक साड़ी की कंपनी शुरू की, जो देखते ही देखते लोगों की पहली पसंद बन गई. आज ये कंपनी लगभग 50 करोड़ की बन चुकी है. इतना ही नहीं उनके इस साड़ी ब्रांड की अमेरिका से लेकर सिंगापुर समेत अन्य देशों में काफी मांग है. आज हम आपको पश्चिम बंगाल की ऐसी ही दो बहनों की कामयाबी की कहानी बताएंगे, जिन्होंने अपनी मां और दादी के पहनावे को देख साड़ी के बिजनेस करने का मन बनाया था.
2016 में शुरू की थी कंपनी
पश्चिम बंगाल की इन दो बहनों को बिस्वास सिस्टर्स के नाम से जाना जाता है. इनमें से एक का नाम सुजाता बिस्वास और दूसरी का नाम तानिया बिस्वास है. उन्होंने साल 2016 में सुता कंपनी की शुरुआत की थी. उन्होंने सॉफ्ट मलमल कॉटन साड़ियों को नए अंदाज में पेश किया था. उनकी यही खूबी लोगों को पसंद आ गई और धीरे-धीरे उनका बिजनेस बड़ा हो गया. उनकी साडि़यों की डिमांड महज देश तक ही सिमट कर नहीं रहा, बल्कि ये अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, सिंगापुर, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों में भी धूम मचा रही हैं.
कैसे मिला बिजनेस आईडिया?
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों बहनें बचपन में अपनी मां और दादी को सॉफ्ट सिल्क साड़ी पहनते हुए देखती थीं. वहीं से उन्हें आईडिया आया कि क्यों न मलमल की कॉटन साड़ियां बेची जाएं, जिसे महिलाएं व लड़कियां घर या दफ्तरों में भी पहन सकें. दोनों बहनों ने साड़ी का बिजनेस शुरू करने का तय किया उन्होंने अपनी बचत में से 3-3 लाख रुपए लगाएं औश्र काम शुरू किया. दोनों ने उन कारीगरों और बुनकरों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया जिन्होंने मजबूरी में अपना मूल काम छोड़ दिया था.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिली पहचान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिस्वास बहनों का कहना है कि उनके बिजनेस को पहचान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिली. उन्होंने स्टार्च-फ्री साड़ियों का पहला बैच ऑनलाइन बेचा. इसके लिए उन्होंने कोई प्रमोशन भी नहीं किया. ग्राहकों को उनकी साडि़यां पसंद आई और उन्होंने साड़ी की क्वालिटी की तारीफ की. तब से उनकी कंपनी एक बेहतर ब्रांड के रूप में खड़ी हुई. महज 6 लाख रुपए से हुई सुता का रेवेन्यु वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 56 करोड़ रुपए का हो गया. दोनों बहनों ने आने वाले वर्षों में इसे 100 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.
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