भारत में बैठ कर के अमेरिका में ठगी, गिफ्ट कार्ड से क्रिप्टो तक ठगी का खेल, ईडी ने बड़े साइबर फ्रॉड कार्टेल को पकड़ा

ED ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा किया है जो अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहा था. आरोपी खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते और उनसे गिफ्ट कार्ड के जरिए पैसा वसूलते थे.

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Cyber Fraud: ED ने तेलंगाना से जुड़े एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि यह गिरोह अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहा था. ठगी से जुटाई गई रकम को क्रिप्टो करेंसी और हवाला नेटवर्क के जरिये छिपाया जा रहा था. यह कार्रवाई साइबराबाद पुलिस और सीबीआई की शिकायतों के बाद शुरू हुई. एजेंसी के अनुसार यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था और संगठित तरीके से काम कर रहा था.

अवैध कॉल सेंटर का नेटवर्क

जांच में पता चला कि अहमदाबाद से कई अवैध कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे. ये कॉल सेंटर अलग-अलग जगहों पर थे लेकिन सभी का ऑपरेशन एक ही ग्रुप के कंट्रोल में था. सभी जगह समान तकनीकी सिस्टम कॉल स्क्रिप्ट और ट्रेनिंग कर्मचारियों का इस्तेमाल हो रहा था. पूरा नेटवर्क एक सेंट्रालाइज सिस्टम से ऑपरेट किया जा रहा था जिससे ठगी और पैसों का मैनेज किया जाता था.

धमकी देकर ठगी

गिरोह के सदस्य खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों या प्राइवेट कंपनियों का अधिकारी बताकर कॉल करते थे. वे पीडितों को टैक्स बकाया लोन या कानूनी कार्रवाई की धमकी देते थे. डर और दबाव बनाकर तुरंत पेमेंट की मांग की जाती थी. कई मामलों में फर्जी केस दर्ज होने की चेतावनी दी गई जिससे लोग घबरा कर पैसे भेज देते थे.

गिफ्ट कार्ड से क्रिप्टो करेंसी में बदली रकम

जांच एजेंसी के अनुसार ठगी की रकम अधिकतर ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड के रूप में ली जाती थी. इन गिफ्ट कार्ड को बाद में रिडीम कर बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता था. इस प्रक्रिया में विदेशी नागरिकों और अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद ली जाती थी. इससे पैसों की असली पहचान छिपाने में आसानी होती थी.

हवाला और नकद लेनदेन से छिपाई कमाई

ईडी की जांच में सामने आया कि बहुत कम रकम बैंकिंग सिस्टम से होकर गुजरी. अधिकतर पैसा नकद और क्रिप्टो करेंसी के जरिए इधर उधर किया गया. हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर रकम को अलग- अलग चैनलों में भेजा गया. इस तरीके से अवैध कमाई को लंबे समय तक छिपाया गया.

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छापेमारी में मिले अहम सबूत

ED ने अहमदाबाद में कई ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान नकद राशि क्रिप्टो संपत्ति और डिजिटल सबूत बरामद किए गए. कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.