6 साल में साइबर ठगों ने लूटे ₹53 हजार करोड़, फर्जी निवेश के नाम पर सबसे अधिक ठगी

भारत में साइबर ठगों ने पिछले छह सालों में लोगों से 52,976 करोड़ रुपये से ज्यादा लूट लिए. सिर्फ 2025 में ही 19,813 करोड़ का नुकसान हुआ. निवेश के झूठे वादों में फंसकर 77% लोग ठगे गए. महाराष्ट्र, कर्नाटक सबसे ज्यादा प्रभावित.

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Cyber Fraud in 6 Yrs: पिछले छह सालों में भारतीयों ने साइबर अपराधों से जुड़ी धोखाधड़ी में 52,976 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए. यह आंकड़े केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने तैयार किए हैं. ये अपराध फर्जी निवेश, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और कार्ड फ्रॉड जैसे कई प्रकार के हैं. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से लिए गए इन आंकड़ों से पता चलता है कि ये घोटाले कितने बड़े पैमाने पर हो रहे हैं.

साल दर साल बढ़ता नुकसान

बीते 6 वर्षों में सबसे अधिक नुकसान 2025 में हुआ. इस साल सरकारी एजेंसी को 21 लाख 77 हजार 524 शिकायतें मिली थीं. इसमें लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

सालनुकसान (करोड़ रुपये में)शिकायतें
202519,812.9621,77,524
202422,849.4919,18,852
20237,463.213,10,361
20222,290.236,94,446
2021551.652,62,846
20208.561,27,746

पैसा कहां गंवाया गया

2025 के आंकड़ों में नुकसान की श्रेणियां बताती हैं कि सबसे ज्यादा धोखा कहां हुआ. फर्जी इन्वेस्टमेंट के नाम पर 77 फीसदी ठगी हुई है. वहीं ऐप या मैलवेयर आधारित फ्रॉड में सबसे कम नुकसान हुआ है.

कौन से राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित

पिछले साल की शिकायतों से पता चलता है कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. टॉप राज्य इस प्रकार हैं.

राज्यनुकसान (करोड़ रुपये में)शिकायतें
महाराष्ट्र3,2032,83,320
कर्नाटक2,4132,13,228
तमिलनाडु1,8971,23,290
उत्तर प्रदेश1,4432,75,264
तेलंगाना1,37295,000

ये पांच राज्य कुल नुकसान का आधा से ज्यादा हिस्सा हैं. अन्य बड़े नुकसान वाले राज्य गुजरात (1,312.26 करोड़), दिल्ली (1,163 करोड़) और पश्चिम बंगाल (1,073.98 करोड़). मणिपुर में 16.74 करोड़ का नुकसान और 1,807 शिकायतें दर्ज हुईं.

क्यों बढ़ रहे हैं ये अपराध

तेज डिजिटलाइजेशन, ऑनलाइन पेमेंट्स की बढ़ोतरी और औद्योगिक स्तर के घोटाला नेटवर्क इसके पीछे की वजह हैं. ये नेटवर्क स्क्रिप्टेड कॉल्स, फेक ऐप्स, निवेश सलाहकार और दबाव वाली सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करते हैं. अब ये अपराध सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रहे हैं, खासकर फर्जी लोन ऐप्स और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश झांसों से.