Happy New Year के बहाने आ रहा लिंक, एक क्लिक में खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट, चेतावनी जारी
नए साल की खुशियां मना रहे लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है. 'Happy New Year' विशेज के नाम पर व्हाट्सएप पर स्कैम मैसेज तेजी से फैल रहे हैं. इन मैसेजेस में छिपी एपीके फाइलें फोन हैक कर बैंक अकाउंट खाली कर रही हैं. गृह मंत्रालय की साइबर यूनिट ने भी चेतावनी जारी की है कि ऐसे संदिग्ध मैसेजेस से सावधान रहें.
Happy New Year 2026: नए साल के जश्न के बीच साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं. नया साल मुबारकबाद के बहाने व्हाट्सएप पर स्कैम मैसेजेस फैलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए ठग लोगों के फोन हैक कर उनकी जेबें खाली कर रहे हैं. गृह मंत्रालय की इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि स्कैमर्स एपीके फाइल्स को फोटो या वीडियो की तरह भेजकर यूजर्स को फंसाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मैसेजेस से बचना जरूरी है, वरना बैंक अकाउंट और पर्सनल डेटा खतरे में पड़ सकता है.
ये ठगी होती कैसे है
स्कैमर्स नया साल मुबारक के नाम पर व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें एक लिंक या फाइल होती है जो एपीके फॉर्मेट में होती है. ये फाइल फोटो या वीडियो की तरह दिखती है, लेकिन असल में खतरनाक ऐप होती है. यूजर जैसे ही इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, ऐप फोन में घुसकर डेटा चुराती है, जैसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड. इससे ठग बैंक ट्रांजैक्शन कर पैसे निकाल लेते हैं या फोन को पूरी तरह कंट्रोल कर लेते हैं. I4C की चेतावनी के मुताबिक, ये मैसेज अक्सर दोस्तों या फैमिली के नंबर से आते हैं, क्योंकि उनका अकाउंट पहले ही हैक हो चुका होता है.
बचाव के तरीके
इस स्कैम से बचने के लिए सबसे पहले अनजान नंबरों से आने वाले मैसेजेस को इग्नोर करें. किसी भी एपीके फाइल को व्हाट्सएप से डाउनलोड न करें, भले ही वो दोस्त से क्यों न आई हो. फोन की सेटिंग्स में अननोन सोर्सेज से इंस्टॉलेशन को बंद रखें. एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें और रेगुलर अपडेट्स चेक करें. I4C सलाह देता है कि संदिग्ध मैसेज मिले तो सेंडर से वॉइस कॉल पर कन्फर्म करें. इसके अलावा, व्हाट्सएप की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें.
ठगी के बाद क्या करें
अगर आप स्कैम का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत फोन को एयरप्लेन मोड पर डालें और इंटरनेट डिसकनेक्ट करें. सभी बैंक अकाउंट्स और ऐप्स के पासवर्ड बदलें. संदिग्ध ट्रांजैक्शन चेक करें और बैंक को सूचित करें ताकि अकाउंट फ्रीज किया जा सके. साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें या cybercrime.gov.in पर कंप्लेंट दर्ज कराएं. I4C की गाइडलाइंस के अनुसार, पुलिस को फोन का फॉरेंसिक जांच करवाएं और सभी संदिग्ध ऐप अनइंस्टॉल करें. जल्दी एक्शन लेने से नुकसान को कम किया जा सकता है.