बैंक से आए ऐसे कॉल या मैसेज तो हो जाएं सतर्क, साइबर ठगों की हो सकती है चाल; ठगी से बचाव के लिए अपनाएं ये 5 तरीके

डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. इन दिनों ठग KYC अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल, SMS और लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. अनजान लिंक पर क्लिक करते ही या निजी जानकारी साझा करते ही बैंक खाते से पैसे गायब हो सकते हैं. ऐसे में सतर्क रहना और बचाव के तरीके जानना बेहद जरूरी है.

KYC Cyber Fraud Image Credit: @AI/Money9live/chatGpt

KYC Cyber Fraud: डिजिटल दौर में जहां बैंकिंग और फाइनेंशियल सेवाएं तेजी से ऑनलाइन हो रही हैं, वहीं साइबर ठगी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं. हाल के दिनों में KYC अपडेट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं. साइबर अपराधी फर्जी कॉल, SMS और लिंक के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं. कई बार लोग अनजाने में OTP, बैंक डिटेल या कार्ड की जानकारी साझा कर देते हैं और कुछ ही मिनटों में उनके खाते से पैसे गायब हो जाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग इस नए साइबर फ्रॉड के तरीके को समझें और समय रहते सतर्क रहें.

क्या है KYC के नाम पर होने वाली ठगी?

KYC (Know Your Customer) बैंक और वित्तीय संस्थाओं द्वारा ग्राहकों की पहचान जांचने की प्रक्रिया होती है. लेकिन साइबर अपराधी इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर लोगों को ठग रहे हैं. ठग खुद को बैंक अधिकारी, RBI कर्मचारी या किसी फाइनेंशियल कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते हैं या मैसेज भेजते हैं. वे कहते हैं कि अगर तुरंत KYC अपडेट नहीं किया गया तो बैंक खाता या सिम कार्ड बंद हो जाएगा. डर या जल्दबाजी में लोग अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं और इसी का फायदा उठाकर ठग उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं.

यह ठगी कैसे की जाती है?

इस तरह की साइबर ठगी आमतौर पर तीन तरीकों से की जाती है.

  • फर्जी कॉल: ठग बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और KYC अपडेट के नाम पर आधार, पैन, बैंक डिटेल या OTP मांगते हैं.
  • फर्जी SMS या लिंक: लोगों को मैसेज भेजा जाता है जिसमें लिखा होता है कि KYC अपडेट नहीं करने पर खाता बंद हो जाएगा. साथ में एक लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है.
  • फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना: कई बार अपराधी लोगों से स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस वाले ऐप डाउनलोड करवाते हैं और फिर मोबाइल के जरिए बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं.


इन तरीकों से अपराधी कुछ ही मिनटों में लोगों की संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं और खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं.

ऐसे फ्रॉड से बचने के तरीके

KYC के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं.

  • किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें.
  • बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन या मैसेज के जरिए KYC डिटेल नहीं मांगती.
  • किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें.
  • फोन पर कहने पर कोई भी स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें.
  • अगर ऐसी कोई कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.