35 साल बाद बांग्लादेश को मिलेगा पुरुष प्रधानमंत्री, 151 सीटों पर BNP की जीत, तारिक रहमान होंगे अगले वजीरे आजम
बांग्लादेश के आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत का दावा किया है. शुरुआती रुझानों में पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, हालांकि चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई देशों ने तारिक रहमान को बधाई दी है, जिससे नई सरकार के गठन की राह लगभग साफ मानी जा रही है.
Bangladesh Election Result 2026: भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत का दावा किया है. हालांकि चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती रुझानों में पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है. इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देशों ने BNP नेता तारिक रहमान को बधाई दी है. माना यह जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे ही तारिक रहमान बांग्लादेश के अलगे वजीरे आजम होंगे.
चुनाव में BNP को बहुमत मिलने के संकेत
Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसे 300 सदस्यीय संसद में बहुमत मिल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी को 151 से अधिक सीटें मिली हैं, जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त हैं. हालांकि Bangladesh Election Commission ने अभी आधिकारिक नतीजों की घोषणा नहीं की है. कुछ सीटों के परिणाम आने बाकी हैं.
तारिक रहमान बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री
BNP ने पहले ही घोषणा की थी कि जीत मिलने पर पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. 60 वर्षीय रहमान पिछले साल दिसंबर में 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद देश लौटे थे. अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं, तो 35 साल बाद बांग्लादेश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलेगा.
भारत और अमेरिका ने दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह बांग्लादेश की जनता के विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत करने की बात कही. ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी BNP और रहमान को ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी और भविष्य में सहयोग की उम्मीद जताई.\
जमात-ए-इस्लामी ने लगाए आरोप
चुनाव को BNP और Bangladesh Jamaat-e-Islami के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था. जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों ने परिणामों में देरी और हेरफेर के आरोप लगाए हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि कुछ सीटों पर जानबूझकर नतीजों को रोका गया. हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है.
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ मतदान
देश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी, जो अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था बताई जा रही है. चुनाव के दौरान लगभग 48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. 300 में से 299 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव टाल दिया गया. इन चुनावों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने और अंतरिम सरकार के 18 महीने के शासन के बाद एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
