भारतीय इंटरनेट कंपनियों को निशाना बना रहा चीन, हैकर्स ने की सेंधमारी
लुमेन टेक्नोलॉजीज इंक की यूनिट ब्लैक लोटस लैब्स के मुताबिक बॉट नेट के तौर पर जाना जाने वाला वोल्ट टाइफून चीन की ओर से संचालित किया जाता है. ये चीनी हैकिंग अभियान भारत समेत दूसरे प्रमुख देशों की इंटरनेट कंपनियों को हैक करने की कोशिश कर रहा है.
भारतीय और अमेरिकी इंटरनेट कंपनियों को हैक करने के लिए चीन सेंधमारी कर रहा है. ये आरोप लुमेन टेक्नोलॉजीज इंक की यूनिट ब्लैक लोटस लैब्स ने लगाए हैं. रिसर्च टीम के मुताबिक बॉट नेट के तौर पर जाना जाने वाला वोल्ट टाइफून चीन की ओर से संचालित किया जाता है. ये चीनी हैकिंग अभियान भारत समेत दूसरे प्रमुख देशों की इंटरनेट कंपनियों को हैक करने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए उसने कैलिफोर्निया स्थित स्टार्टअप वर्सा की सिक्योरिटीज को तोड़ दिया है. हैकर्स बग के जरिए इसका फायदा उठा रहे हैं. नेशनल वल्नरेबिलिटी डेटाबेस के अनुसार, बग की गंभीरता काफी ज्यादा है. ऐसे में साइबरसिक्यूरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्यूरिटी एजेंसी ने संघीय एजेंसियों को 13 सितंबर तक वर्सा उत्पादों को पैच करने या उनका उपयोग बंद करने का आदेश दिया है.
वर्सा ने इस सिलसिले में एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हैकिंग समूह की ओर से सिक्योरिटी तोड़ने का मामला सामने आया है. हालांकि कंपनी ने अभी समूह की पहचान नही कर पाई है. इस बारे में लुमेन टेक्नोलॉजीज इंक का कहना है कि वोल्ट टाइफून ने अमेरिकी फर्मों समेत इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों और भारत की एक कंपनी की सिक्योरिटी, वर्सा नेटवर्क्स सर्वर में सेंध लगाई है. वोल्ट टाइफून अनपैच्ड सिस्टम, जिनमें लेटेस्ट सॉफट्वेयर अपडेट नहीं हुआ है, ऐसे को टारगेट कर रहा है. लुमेन के मुताबिक चीनी हैकर्स ने वर्सा सिस्टम का उल्लंघन किया है और ये अभी भी जारी है.
बता दें वर्सा, सॉफ्टवेयर बनाता है, ये नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन को मैनेज करता है और जिसने ब्लैकरॉक इंक और सिकोइया कैपिटल से डील की है, उसने पिछले हफ्ते एक बग की घोषणा की और सिक्योरिटीज के लिए कुछ उपाय सुझाए. इस साल अमेरिका ने भी वोल्ट टाइफून पर देश की जल सुविधाओं, बिजली ग्रिड और संचार क्षेत्रों सहित दूसरे महत्वपूर्ण अमेरिकी सेवाओं को संचालित करने वाले नेटवर्क में घुसपैठ करने का आरोप लगाया था. लुमेन ने जून के अंत में वर्सा के साथ अपने निष्कर्ष साझा किए. कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में स्थित वर्सा ने कहा कि उसने जून के अंत में एक ऐसा बग पाया था जो सिक्योरिटीज से छेड़छाड़ कर रहा था. इसके लिए एक इमरजेंसी पैच जारी किया था, लेकिन जुलाई में एक व्यक्ति ने सूचना दी कि सिक्योरिटी का उल्लंघन हुआ है.
वर्सा ने कहा कि जिन ग्राहकों को बग की पहचान नहीं है और वे फ़ायरवॉल जैसे सुरक्षा नियमों और अन्य उपायों के लिए जारी दिशानिदे्रश फॉलो नहीं करते हैं, उनके लिए भीवर्सा ने सिस्टम को “डिफ़ॉल्ट रूप से सुरक्षित” बनाने के लिए खुद के उपाय किए हैं. ऐसे में ग्राहक अब उस जोखिम के संपर्क में नहीं आएंगे, भले ही उन्होंने कंपनी के दिशानिर्देशों का पालन न किया हो.
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