गैस-तेल के बाद अब एल्यूमिनियम सेक्टर पर खतरा! ईरान का Alba Bahrain प्लांट पर हमला, 2 कर्मचारी घायल
ईरान के हमलों ने खाड़ी क्षेत्र के एल्यूमिनियम सेक्टर को झटका दिया है. बहरीन और यूएई की बड़ी कंपनियों के प्लांट प्रभावित हुए हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा बढ़ गया है. मिडिल ईस्ट तनाव अब कमोडिटी मार्केट और इंडस्ट्री पर साफ असर दिखा रहा है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे इंडस्ट्री और ग्लोबल सप्लाई चेन पर दिखने लगा है. ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में किए गए हमलों ने एल्यूमिनियम सेक्टर को भी अपनी चपेट में ले लिया है. बहरीन और यूएई की बड़ी कंपनियों को निशाना बनाए जाने से बाजार में चिंता बढ़ गई है.
बहरीन की कंपनी Alba पर हमला
Bahrain News Agency के हवाले से Aluminium Bahrain (Alba) ने बताया कि शनिवार को उसके प्लांट को ईरान के हमले में निशाना बनाया गया. इस हमले में कंपनी के दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं. कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है और फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
यूएई की Emirates Global Aluminium (EGA) ने भी पुष्टि की है कि उसके अल तवीलाह प्लांट को मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी नुकसान हुआ है. यह प्लांट अबू धाबी के खलीफा इंडस्ट्रियल जोन में स्थित है और क्षेत्र के सबसे बड़े मेटल प्रोडक्शन सेंटर में से एक है.
हमलों के पीछे क्या वजह बताई गई
रॉयटर्स की रिपोर्ट मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि जिन कंपनियों को निशाना बनाया गया, उनके संबंध अमेरिकी सैन्य और एयरोस्पेस कंपनियों से हैं. हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है.
पश्चिम एशिया का एल्यूमिनियम सेक्टर दुनिया की कुल सप्लाई का करीब 9% हिस्सा देता है. ऐसे में इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है. Alba पहले ही इस महीने अपनी तीन स्मेल्टिंग लाइनों को बंद कर चुकी है, जो उसकी कुल क्षमता का करीब 19% है.
यह भी पढ़ें: गिर चुके रेलवे स्टॉक्स में छिपा है बड़ा मौका? 5 साल में दिया 1235% तक का रिटर्न; 23,800 करोड़ तक का ऑर्डर बुक
बाजार और सप्लाई चेन पर असर
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए हॉर्मुज स्ट्रेट लगभग ठप हो चुका है, जिससे ऊर्जा और मेटल्स के निर्यात पर असर पड़ा है. EGA को भी अपने ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए ऑफशोर स्टॉक का सहारा लेना पड़ रहा है. इन हमलों से आर्थिक मोर्चे पर भी वैश्विक संकट की स्थिती लगातार बन रही है. एल्यूमिनियम, ऊर्जा और शिपिंग जैसे सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है.
