भारत पहुंचे ट्रंप के खास दूत, 4 दिन का दौरा है बेहद खास; क्या ट्रेड डील, चीन और एनर्जी सप्लाई पर बनेगी बात?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देशों के रिश्तों में व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक मुद्दों को लेकर तनाव देखा जा रहा है. इस दौरे में व्यापारिक विवाद कम करने, क्वाड को मजबूत बनाने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
Marco Rubio Visits to India : अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio 23 मई यानी आज से 26 मई तक भारत दौरे पर हैं. आज सुबह ही रूबियो कोलकाता एयपोर्ट पर लैंड कर गए हैं. इस दौरे को भारत और अमेरिका के बीच बिगड़ते रिश्तों को सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले कुछ समय में व्यापार, तेल और रणनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है. ऐसे में यह दौरा कई अहम मुद्दों पर नई दिशा तय कर सकता है.
अमेरिका-भारत रिश्तों में क्यों आई दूरी?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास बढ़ी. खासतौर पर रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया था. इससे भारत ने अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाते हुए दूसरे देशों के साथ भी संबंध मजबूत करने शुरू किए.
क्वाड समूह को फिर मजबूत करने की कोशिश
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह ‘क्वाड’ को चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अहम माना जाता है. लेकिन पिछले साल क्वाड शिखर सम्मेलन रद्द होने से इस समूह की सक्रियता पर सवाल उठे. अब मार्को रुबियो भारत में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे, जिससे इस साझेदारी को फिर मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.
भारत दौरे के मुख्य कारण
व्यापारिक तनाव कम करना
- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर भारी टैक्स लगाए जाने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. इस दौरे का मकसद व्यापार से जुड़े विवादों को कम करना और आर्थिक सहयोग बढ़ाना है.
क्वाड समूह को फिर सक्रिय बनाना
- भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का ‘क्वाड’ समूह चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए बनाया गया था. हाल के समय में इसकी गतिविधियां धीमी पड़ी थीं, इसलिए अमेरिका इसे फिर मजबूत करना चाहता है.
भारत को ऊर्जा सप्लाई बढ़ाना
- पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. अमेरिका चाहता है कि भारत उससे और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदे ताकि भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकें.
चीन के बढ़ते प्रभाव पर रणनीति बनाना
- अमेरिका और भारत दोनों एशिया में चीन की बढ़ती ताकत को लेकर सतर्क हैं. इस दौरे में सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी.
भारत-अमेरिका रिश्तों को नई मजबूती देना
- पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच भरोसे में कमी आई थी. मार्को रुबियो का यह दौरा रिश्तों को फिर मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है.
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