ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, परमाणु हथियारों से बनानी होगी दूरी; नहीं तो वेनेजुएला से भी बुरा होगा अंजाम

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कडी चेतावनी देते हुए परमाणु हथियारों से दूरी बनाने की मांग की है. ट्रंप ने साफ कहा है कि NO NUCLEAR WEAPONS समझौते पर सहमति जरूरी है, जबकि USS Abraham Lincoln के नेतृत्व में अमेरिकी स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती ने मध्य पूर्व में चिंता बढा दी है.

डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: tv9 bharatvarsh

Trump Iran warning: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कडा संदेश देते हुए दावा किया है कि एक विशाल नौसेनिक बेडा तेजी से ईरान की ओर बढ रहा है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को बातचीत की मेज पर आना होगा और NO NUCLEAR WEAPONS वाले समझौते पर सहमत होना होगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व पहले से ही राजनीतिक और सैन्य अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है.

USS Abraham Lincoln के नेतृत्व में स्ट्राइक ग्रुप तैनात

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि USS Abraham Lincoln के नेतृत्व वाला स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्वी जलक्षेत्र में पहुंच चुका है. हालांकि, सुरक्षा कारणों से इसकी सटीक लोकेशन सार्वजनिक नहीं की गई है. ट्रंप ने इस बेडे की तुलना पहले वेनेजुएला की ओर भेजे गए नौसेनिक समूह से करते हुए कहा कि यह उससे भी बडा और ज्यादा ताकतवर है. राष्ट्रपति के मुताबिक यह फ्लीट तैयार है और जरूरत पडने पर तेजी और कठोरता से अपने मिशन को अंजाम दे सकती है.

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का हवाला

ट्रंप ने अपने बयान में पहले हुए अमेरिकी सैन्य अभियान का जिक्र करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि अगला हमला उससे कहीं ज्यादा गंभीर और विनाशकारी हो सकता है. उन्होंने कहा कि समय बेहद अहम है और अगर ईरान ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो हालात तेजी से बिगड सकते हैं. हालांकि ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई आखिरी विकल्प होगी, लेकिन इसे पूरी तरह खारिज भी नहीं किया गया है.

ईरान का कडा जवाब

ईरान की ओर से भी इस चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया आई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि सैन्य धमकी के जरिए कूटनीति कारगर नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका सच में बातचीत चाहता है, तो उसे धमकियों, अत्यधिक मांगों और अव्यावहारिक शर्तों को छोडना होगा. ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि दबाव की राजनीति के तहत कोई बातचीत संभव नहीं है.

तेहरान में लगे पोस्टर

इसी बीच तेहरान में नए होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमले को दिखाया गया है. इन पोस्टरों में अमेरिका विरोधी नारे और ईरान के सर्वोच्च नेता के बयान भी शामिल हैं. यह साफ संकेत देता है कि जमीनी स्तर पर भी तनाव लगातार बढ रहा है.

अंदरूनी हालात और बैक चैनल डिप्लोमेसी

ईरान के भीतर जारी विरोध प्रदर्शन और सरकार की सख्त कार्रवाई ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार हजारों लोगों की मौत और बडी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं. इसके बावजूद पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं. कतर और मिस्र जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं.

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