कहां पर है वेनेजुएला, पास में कितना तेल भंडार, अमेरिकी हमले के बाद क्या आएगा भूचाल

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव अब सैन्य कार्रवाई तक पहुंच गया है. कराकास में हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर ट्रंप के दावों ने वैश्विक राजनीति को झकझोर दिया है. दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला वेनेजुएला अमेरिकी प्रतिबंधों, ड्रग तस्करी के आरोप और तेल राजनीति के चलते गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है.

अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला Image Credit: AI

महीनों से अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रही तनातनी अब सीधे सैन्य टकराव में बदल गई है. 3 जनवरी 2026 की तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में कम-से-कम सात जोरदार धमाकों हुआ. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शहर के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते विमान भी दिखाई दिए. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला फ्लोरेस अमेरिकी सैनिकों की हिरासत में हैं और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है. इन घटनाओं के बाद पूरी दुनिया की नजरें वेनेजुएला पर टिक गई हैं. एक ऐसा देश, जो तेल भंडार के मामले में दुनिया में नंबर एक माना जाता है. ऐसे में सवाल है कि आखिर यह देश कहां है, इसके पास कितना तेल है और अमेरिकी हमले के बाद इससे वैश्विक राजनीति और तेल बाजार में क्या भूचाल आ सकता है.

कहां स्थित है वेनेजुएला और क्यों है रणनीतिक रूप से अहम ?

वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तट पर स्थित है. इसके पश्चिम में कोलंबिया, दक्षिण में ब्राजील, पूर्व में गुयाना और उत्तर में कैरेबियन सागर है. भौगोलिक रूप से यह कैरेबियन क्षेत्र के बेहद करीब है, जहां अमेरिका की नौसैनिक मौजूदगी हमेशा मजबूत रही है. वेनेजुएला की राजधानी कराकास है और देश का क्षेत्रफल करीब 9.16 लाख वर्ग किलोमीटर है. 2025 के अनुमान के मुताबिक यहां लगभग 3.4 करोड़ लोग रहते हैं.

खास बात ये है कि यह देश सिर्फ तेल के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है. दुनिया का सबसे ऊंचा जलप्रपात एंजेल फॉल्स, घने जंगलों वाला गुयाना हाइलैंड्स, एंडीज पर्वतमाला का उत्तरी हिस्सा और माराकाइबो झील जैसी भौगोलिक विशेषताएं इसे खास बनाती हैं.

कितना बड़ा है वेनेजुएला का तेल खजाना

वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है. रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के पास लगभग 303.2 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है. सऊदी अरब के पास करीब 267.2 अरब बैरल तेल भंडार है. ईरान के पास लगभग 208.6 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार मौजूद है. इराक के पास करीब 145 अरब बैरल तेल भंडार है. संयुक्त अरब अमीरात के पास लगभग 113 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है. रूस के पास लगभग 80 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास लगभग 45 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है.

हालांकि, इतने विशाल भंडार के बावजूद वेनेजुएला की मौजूदा तेल उत्पादन क्षमता काफी सीमित है. 2023 में वेनेजुएला ने वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन में सिर्फ 0.8 प्रतिशत का योगदान दिया. वर्तमान में वेनेजुएला करीब 9 लाख से 10 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का निर्यात करता है. इसमें सबसे बड़ा खरीदार चीन है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और नौसैनिक कार्रवाई के चलते हाल के महीनों में निर्यात पर असर पड़ा है.

इतना तेल रिजर्व होने के बावजूद गरीब क्यों है वेनेजुएला?

यह सवाल अक्सर उठता है कि इतना तेल होने के बावजूद वेनेजुएला आर्थिक संकट से क्यों जूझ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह तेल भंडारों की पहुंच और उत्पादन लागत है. वेनेजुएला का ज्यादातर तेल बहुत भारी और गहराई में है, जिसे निकालने के लिए महंगी तकनीक की जरूरत होती है. इसके उलट सऊदी अरब का तेल जमीन के काफी पास और सूखा क्षेत्र होने के कारण आसानी से निकाला जा सकता है. यही वजह है कि समान आबादी होने के बावजूद सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था वेनेजुएला से कहीं बड़ी और मजबूत है.

अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते कैसे बिगड़े

अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते हमेशा से तनावपूर्ण नहीं थे. 19वीं सदी में अमेरिका ने वेनेजुएला को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी और दोनों देशों के बीच सामान्य संबंध थे. लेकिन 1999 में ह्यूगो शावेज के सत्ता में आने के बाद हालात बदलने लगे. शावेज ने अमेरिका पर लैटिन अमेरिका में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और क्यूबा, रूस और ईरान जैसे देशों से नजदीकियां बढ़ाईं. साल 2013 में शावेज की मौत के बाद निकोलस मादुरो सत्ता में आए. उनके कार्यकाल में देश गहरे आर्थिक और राजनीतिक संकट में फंस गया. हाइपरइन्फ्लेशन, तेल उत्पादन में गिरावट, मानवाधिकार उल्लंघन और लाखों लोगों का देश छोड़कर जाना, इन सबने हालात और खराब कर दिए. जिस वजह से अमेरिका ने मादुरो सरकार पर प्रतिबंध लगाए और विपक्ष का समर्थन किया, जिससे रिश्ते और बिगड़ते चले गए.

ट्रंप क्यों हैं मादुरो से इतने नाराज ?

डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि मादुरो सरकार की वजह से लाखों वेनेजुएलाई लोग अमेरिका में शरण लेने पहुंचे हैं. ट्रंप का कहना है कि मादुरो ने अपने देश की जेलों और मानसिक संस्थानों से अपराधियों को बाहर भेजा. इसके अलावा ट्रंप प्रशासन का मुख्य फोकस ड्रग तस्करी पर है. इसके अलावा अमेरिका ने वेनेजुएला के आपराधिक संगठनों ट्रेन दे अरागुआ और कार्टेल दे लोस सोलेस को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है. ट्रंप का आरोप है कि कार्टेल दे लोस सोलेस सीधे मादुरो के संरक्षण में काम करता है. वहीं मादुरो इन सभी आरोपों को खारिज करते रहे हैं और कहते हैं कि अमेरिका ड्रग्स के खिलाफ युद्ध की आड़ में उनकी सरकार को गिराना चाहता है और वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करना चाहता है.

क्या वाकई अमेरिका में ड्रग्स की बाढ़ ला रहा है वेनेजुएला

कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला वैश्विक ड्रग तस्करी में एक ट्रांजिट देश भर है, मुख्य उत्पादक नहीं. कोलंबिया दुनिया का सबसे बड़ा कोकीन उत्पादक है और ज्यादातर ड्रग्स अमेरिका तक दूसरे रास्तों से पहुंचती हैं. अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी की रिपोर्ट भी बताती है कि अमेरिका में पहुंचने वाली कोकीन का बड़ा हिस्सा प्रशांत महासागर के रास्ते आता है, न कि वेनेजुएला से.

तेल उत्पादन पर अमेरिकी कार्रवाई का असर

अमेरिकी प्रतिबंधों और नौसैनिक कार्रवाई के चलते दिसंबर में वेनेजुएला का तेल उत्पादन घटा है. ओरिनोको बेल्ट, जो देश का मुख्य तेल क्षेत्र है, वहां उत्पादन में साफ गिरावट देखी गई. पश्चिमी और पूर्वी तेल क्षेत्रों में भी आउटपुट कम हुआ है. हालांकि कई रिपोर्ट ये भी बताते हैं कि वेनेजुएला से सप्लाई कम होने का वैश्विक तेल कीमतों पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वैश्विक बाजार में अभी पर्याप्त तेल मौजूद है. लेकिन अगर दूसरे ओपेक प्लस देशों से भी सप्लाई प्रभावित होती है, तो हालात बदल सकते हैं.

इसे भी पढ़ें- वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा, देश से बाहर भेजा; ट्रंप ने दी जानकारी

Latest Stories

पाकिस्तान जैसी गलती कर बैठा वेनेजुएला, चीन ने दिया धोखा, अमेरिका ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे कर दिए हालात

ड्रग्स, दबदबा और चीन के वर्चस्व का खेल! वेनेजुएला के बाद क्यूबा और कोलंबिया को आंखें क्यों तरेर रहा अमेरिका

तेल नहीं चीन है वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की वजह, जानें रॉबर्ट कियोसाकी ने क्यों इराक से की तुलना

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, कहा- अभी अमेरिका ही चलाएगा वेनेजुएला, जरूरत पड़ी तो फिर होगा हमला

जब-जब अमेरिका करता है हमला, रॉकेट बनते हैं तेल के दाम, वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा ऑयल रिजर्व, क्या दुनिया में बढ़ेगी महंगाई?

वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा, देश से बाहर भेजा; ट्रंप ने दी जानकारी