केले और संतरे के छिलकों से कमाई कर रही ये राजस्थानी कंपनी, फोर्ब्स एशिया की 100 टू वॉच लिस्ट में हुई शामिल

ईएफ पॉलिमर ने असल में किसानों की फसल सूखने, खराब हो जाने और कम पैदावार की समस्याओं से निजात दिलाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है. कंपनी केले और संतरे के छिलकों जैसी बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों से एक विशेष हाइड्रोजेल पॉलिमर तैयार करती है, जिससे किसानों को फसल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल रही है.

ईएफ पॉलिमर का फसल अमृत असल में जमीन की नमी बरकरार रखने का जैविक उपाय है. Image Credit: EF Polymer

अक्सर कहा जाता है कि किसी का कबाड़ किसी के लिए खजाना होता है. ऐसा ही काम राजस्थान के उदयपुर की एक कंपनी कर रही है. ईएफ पॉलिमर नाम की यह कंपनी असल में केले और संतरे के छिलकों जैसी चीजों से हाइड्रोजेल पॉलिमर तैयार कर रही है. कंपनी का यह उत्पाद राजस्थान सहित देश के शुष्क इलाकों के तमाम किसानों के लिए बेहद कारगर साबित होगा रहा है. कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और नए तौर तरीकों से समाधान पेश करने के लिए फोर्ब्स ने कंपनी को इसी सप्ताह जारी की गई प्रतिष्ठित फोर्ब्स एशिया 100 टू वॉच सूची में जगह दी है. फोर्ब्स की इस सूची में देश की कुल 20 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें कृषि क्षेत्र में ईएफ पॉलिमर के साथ ही फायलो और वराह शामिल हैं.

ईएफ पॉलिमर ने असल में किसानों की फसल सूखने, खराब हो जाने और कम पैदावार की समस्याओं से निजात दिलाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है. कंपनी केले और संतरे के छिलकों जैसी बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों से एक विशेष हाइड्रोजेल पॉलिमर तैयार करती है, जिससे किसानों को फसल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल रही है. इसी साल ईएफ पॉलिमर के संस्थापकों को फोर्ब्स 30 अंडर 30 सूची में भी शामिल किया है.

ईएफ पॉलिमर के सीईओ नारायण लाल गुर्जर ने बताया कि उन्होंने अंकित जैन और पूरन सिंह राजपूत के साथ 2018 में इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी. उन्होंने बताया कि वे तीनों किसान परिवारों से संबंध रखते हैं और सिंचाई की कमी और कम पानी की वजह से फसलों के सूखने व नष्ट होने की पीड़ा को समझते हैं. इसी वजह से उन्होंने किसानों की इस मुश्किल का हल खोजने की ठानी.

नारायण बताते हैं कि ईएफ पॉलिमर के उत्पाद भारत के साथ ही कई देशों के किसानों तक पहुंच रहे हैं और किसान इसके नतीजों से काफी खुश हैं. उन्होंने बताया कि केले व संतरे जैसे फलों के अवशेषों से बने हाइड्रोजेल पॉलीमर से मिट्टी की पोषकता और नमी को बनाए रखा जा सकता है. यह पर्यावरण के लिहाज से भी अनुकूल उपाय है. उन्होंने बताया कि भारतीय बाजार में उनका यह उत्पाद फसल अमृत के नाम से उपलब्ध है.

फोर्ब्स एशिया की 100 टू वॉच सूची असल में एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के ऐसे स्टार्टअप्स और उभरती कंपनियों को पहचान दिलाने का काम कर रही है, जो नई सोच और नए तरीकों से समाधान पेश कर आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं.

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