RBI KCC New Rules: किसानों के लिए बदले लोन के नियम, ₹2 लाख तक बिना गारंटी मिलेगा पैसा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत छोटे और सीमांत किसानों को ₹50,000 तक फ्लेक्सी केसीसी लोन आसान शर्तों पर मिलेगा. वहीं, ₹2 लाख तक के लोन पर गारंटी और मार्जिन मनी की जरूरत नहीं होगी.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसानों के हक में एक बड़ा फैसला लेते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इस नए कदम का सबसे ज्यादा फायदा देश के छोटे और सीमांत किसानों को होगा, जिन्हें अब ₹50,000 तक का फ्लेक्सी केसीसी लोन बेहद आसान शर्तों पर मिल सकेगा. नए नियमों का मकसद बैंकों की मनमानी रोकना और किसानों को सही समय पर खेती और दूसरे कामों के लिए पैसा मुहैया कराना है.
1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम
आरबीआई ने साफ किया है कि ‘कमर्शियल बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम निर्देश, 2026’ के नाम से जारी यह नया फ्रेमवर्क 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह लागू हो जाएगा. केंद्रीय बैंक ने इस बार फसल के सीजन (Crop Season) की परिभाषा को बदल दिया है. अब फसल सीजन को बैंक के एनपीए (IRAC) नियमों के साथ जोड़ा गया है, जिसका सीधा मतलब है कि लोन की किस्त चुकाने की समय-सीमा अब फसल की बुआई से लेकर उसकी कटाई और बाजार में बिकने के समय के आधार पर तय होगी. इससे किसानों पर बेवजह लोन चुकाने का दबाव नहीं रहेगा.
₹2 लाख तक के लोन पर कोई गारंटी नहीं
छोटे किसानों को सबसे बड़ी राहत देते हुए आरबीआई ने मार्जिन मनी और कोलैटरल सिक्योरिटी (गारंटी) की शर्तों को बेहद आसान कर दिया है:
- ₹2 लाख तक का लोन: अगर कोई किसान ₹2 लाख तक का केसीसी लोन लेता है, तो बैंकों को न तो कोई गारंटी मांगनी होगी और न ही मार्जिन मनी की जरूरत होगी.
- ₹3 लाख तक का लोन: अगर किसान की फसल या स्टॉक बैंक के पास हाइपोथिकेशन के तौर पर है और बैंक का रिकवरी एग्रीमेंट है, तो ₹3 लाख तक के लोन पर भी कोई गारंटी नहीं देनी होगी.
- ₹2 लाख से अधिक का लोन: इससे ज्यादा रकम होने पर बैंक अपनी आंतरिक क्रेडिट पॉलिसी के हिसाब से गारंटी तय कर सकते हैं.
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समय-समय पर बढ़ेगी लोन की लिमिट
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बैंकों को अब केसीसी के तहत दी गई शॉर्ट-टर्म क्रेडिट लिमिट की समय-समय पर समीक्षा (Review) करनी होगी. खेती की बदलती लागत और किसानों की जरूरतों को देखते हुए बैंक इस लिमिट को रिन्यू और बढ़ा भी सकेंगे. हालांकि, कुछ संगठनों ने बिना गारंटी वाले लोन की सीमा को और बढ़ाने की मांग की थी, जिसे आरबीआई ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दिसंबर 2024 में ही इसे बढ़ाया गया था, इसलिए फिलहाल इसे और बढ़ाने की जरूरत नहीं है.
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