महीनों खड़ी रहने के बाद कार नहीं हो रही स्टार्ट? ये हैं असली वजह, जानें कैसे करें समाधान

अगर आपकी गाड़ी लंबे समय तक खड़ी रहने के बाद स्टार्ट नहीं हो रही है और डैशबोर्ड बेजान नजर आ रहा है, तो यह बैटरी डिस्चार्ज या वायरिंग समस्या का संकेत हो सकता है. अक्सर बैटरी का चार्ज खत्म होना, टर्मिनलों का ढीला होना या चूहों द्वारा तार काट देना ऐसी दिक्कतें पैदा करता है. साथ ही, कार को नियमित चलाना बेहद जरूरी है ताकि अल्टरनेटर बैटरी को पूरी तरह चार्ज कर सके.

कार की वायरिंग समस्या Image Credit: AI/canva

Car battery discharge: कई बार ऐसा होता है कि लोग अपनी गाड़ियों को कई महीनों तक नहीं चलाते हैं. हालांकि इससे एक गंभीर समस्या उत्पन्न होती है. कई बार महीनों तक बिना चलाए एक ही स्थान पर कोई गाड़ी खड़ी रहती है तो वह स्टार्ट नहीं होती है. इसके अलावा उसका डैशबोर्ड पूरी तरह से बेजान नजर आता है और उसमें करेंट नहीं पहुंचता है. अगर आपकी गाड़ी में भी यह समस्या हो रही है तो यह परेशानी का कारण बन सकता है. ऐसी समस्या आमतौर पर वाहन की बिजली सप्लाई सिस्टम में किसी गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि कहां समस्या हो सकती है और इसका समाधान क्या है.

कहां है प्रमुख समस्या

वाहन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाना: जब कोई कार लंबे अरसे तक नहीं चलाई जाती, तो उसकी बैटरी धीरे-धीरे अपना चार्ज खोने लगती है. कई हफ्तों या महीनों बाद, बैटरी इतनी अधिक डिस्चार्ज हो सकती है कि वह वाहन को कोई भी बिजली सप्लाई करने में असमर्थ हो जाती है. डैशबोर्ड पर कोई भी लाइट न जलना, हॉर्न न बजना या इग्निशन चालू करने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलना, ये सभी लक्षण बैटरी के पूरी तरह से डिस्चार्ज होने का संकेत देते हैं.

इलेक्ट्रिकल वायरिंग को चूहों द्वारा काटा जाना: वाहन के लंबे समय तक पड़े रहने का एक और बड़ा जोखिम है कीट-पतंगों का उसमें घर बना लेना. चूहे अक्सर इंजन के डिब्बे में घुसकर तारों और केबलों को काट देते हैं. इससे वाहन की करेंट सप्लाई पूरी तरह से टूट जाती है और बैटरी में चार्ज होने के बावजूद करेंट विभिन्न उपकरणों तक नहीं पहुंच पाता.

इन समस्याओं का कारगर इलाज

सबसे पहले बैटरी की जांच करें: सबसे पहले, बैटरी के टर्मिनलों (पॉजिटिव और नेगेटिव) की सफाई करें और उन्हें दोबारा कसकर फिट करें, क्योंकि कई बार जंग लगने या ढीले होने से भी संपर्क टूट जाता है. सबसे प्रभावी उपाय है किसी अन्य कार की सहायता से ‘जम्प-स्टार्ट’ लेना. इसके लिए जम्पर केबल्स का इस्तेमाल किया जाता है. यदि बैटरी बहुत पुरानी है या उसमें कोई आंतरिक क्षति है, तो उसे बदलकर नई बैटरी लगवाना ही स्थायी समाधान होगा.

वाहन की वायरिंग और फ्यूज का निरीक्षण करवाएं: यदि बैटरी बदलने या चार्ज करने के बाद भी वाहन में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, तो संभावना है कि चूहों ने तारों को नुकसान पहुंचाया है. इसकी जांच एक योग्य इलेक्ट्रीशियन या अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही करवानी चाहिए. साथ ही, फ्यूज बॉक्स के सभी फ्यूज भी चेक करने चाहिए.

वाहन को पर्याप्त समय तक चलाएं: अगर जम्प-स्टार्ट से कार चल पड़ती है, तो उसे कम से कम 20 से 30 मिनट तक निरंतर चलाए रखें. इससे वाहन का अल्टरनेटर बैटरी को पूरी तरह से रिचार्ज करने में सक्षम हो पाएगा.

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