99% लोग खुद खराब कर रहे हैं अपनी कार, स्टार्ट और बंद करने की गलत आदतें बन रहीं बड़ी वजह
भारत में ज्यादातर कारें किसी तकनीकी खराबी से नहीं, बल्कि ड्राइवरों की गलत स्टार्ट और स्टॉप आदतों की वजह से समय से पहले खराब हो रही हैं. ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कार स्टार्ट करते समय एसी और हेडलाइट ऑन रखना, क्लच का गलत इस्तेमाल, सुबह इंजन को तुरंत रेस देना और टर्बो इंजन को अचानक बंद करना बड़ी गलतियां हैं.
Car Maintenance Tips: भारत में सड़कों पर दौड़ रही ज्यादातर कारें किसी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या तकनीकी खराबी से नहीं, बल्कि ड्राइवरों की रोजमर्रा की गलत ड्राइविंग और स्टार्ट-स्टॉप आदतों की वजह से समय से पहले खराब हो रही हैं. ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि करीब 99 फीसदी कार यूजर्स अनजाने में अपनी ही गाड़ी की लाइफ कम कर रहे हैं. कार स्टार्ट करने और बंद करने से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी गलतियां इंजन, गियरबॉक्स, बैटरी, सेंसर्स और टर्बोचार्जर जैसे महंगे पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं.
कार स्टार्ट करते समय कौन सी गलतियां पड़ती हैं भारी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कार स्टार्ट करने से पहले एसी, हेडलाइट और अन्य इलेक्ट्रिकल सिस्टम बंद रखना बेहद जरूरी है. अगर स्टार्ट के समय ये सभी ऑन रहते हैं, तो बैटरी पर अचानक ज्यादा लोड पड़ता है, जिससे वोल्टेज ड्रॉप होता है. यही वोल्टेज ड्रॉप कई बार कार के महंगे इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स को नुकसान पहुंचा देता है. आधुनिक कारों में सेंसर्स की संख्या ज्यादा होने के कारण यह जोखिम और भी बढ़ जाता है.
इसके अलावा, कार को हमेशा न्यूट्रल गियर में रखकर क्लच दबाते हुए ही स्टार्ट करना चाहिए. ऐसा करने से गियरबॉक्स के इनपुट शाफ्ट का वजन इंजन पर नहीं पड़ता और स्टार्टर मोटर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता. इस सही प्रक्रिया को अपनाने से गियरबॉक्स और सेल्फ मोटर की उम्र लंबी हो जाती है.
सुबह स्टार्ट के बाद तुरंत रेस देना क्यों है खतरनाक
सुबह पहली बार इंजन स्टार्ट होते ही एक्सीलेरेटर दबाकर रेस देना इंजन के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है. इंजन ऑयल को ऊपर के सभी हिस्सों तक पहुंचने में लगभग 30 सेकंड का समय लगता है. अगर इससे पहले ही रेस दी जाती है, तो इंजन के अंदर मौजूद धातु के हिस्सों पर घर्षण बढ़ जाता है. लंबे समय तक ऐसा करने से इंजन की परफॉर्मेंस कमजोर होने लगती है और फ्यूल एफिशिएंसी भी गिरती है.
कार बंद करने का सही तरीका भी उतना ही जरूरी
ज्यादातर लोग गाड़ी रोकते ही बिना क्लच दबाए झटके से इंजन बंद कर देते हैं. ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसका सीधा असर इंजन माउंटिंग और गियर पर पड़ता है. खासकर टर्बो इंजन वाली कारों में यह गलती और भी महंगी साबित हो सकती है. टर्बोचार्जर को लगातार लुब्रिकेशन की जरूरत होती है और इंजन अचानक बंद होने पर लुब्रिकेशन रुक जाता है, जिससे टर्बो जाम होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए टर्बो कार को बंद करने से पहले कुछ सेकंड इंजन को आइडल मोड पर चलने देना जरूरी होता है.
पार्किंग और ड्राइविंग की आम आदतें जो नुकसान पहुंचाती हैं
मुड़े हुए टायरों के साथ गाड़ी पार्क करने से स्टीयरिंग रैक और टायर की लाइफ तेजी से घटती है. वहीं, ड्राइविंग के दौरान क्लच पर पैर टिकाकर रखने से क्लच रिलीज बेयरिंग जल्दी घिस जाती है और माइलेज पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. एक और आम गलती यह है कि इग्निशन स्विच ऑन करते ही तुरंत सेल्फ मार दी जाती है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पहले क्लस्टर मीटर की लाइटें बुझने दें, ताकि फ्यूल पंप सही प्रेशर बना सके.
परफॉर्मेंस और खर्च दोनों पर पड़ता है असर
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जरूरी स्टेप्स फॉलो नहीं किए जाते, तो कार की कुल परफॉर्मेंस 50 फीसदी तक गिर सकती है. इसके साथ ही मेंटेनेंस और रिपेयर का खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है. यही वजह है कि कार को लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर हालत में रखने के लिए सही स्टार्ट और स्टॉप प्रक्रिया को अपनाना बेहद जरूरी है.
यह भी पढ़ें: iOS 26.3 Update: एंड्रॉयड पर आसान स्विच, नई प्राइवेसी सेटिंग सहित मिलेंगे ये फीचर्स; जानें कैसे करें इंस्टॉल
