इन 4 राज्यों में अभी भी टोल बूथ पर कैश में कर सकते हैं पेमेंट, जानें- पेनल्टी और छूट से जुड़ी बड़ी जानकारी
10 अप्रैल से पूरे देश में नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर सभी टोल पेमेंट सिर्फ डिजिटल तरीकों से ही लिए जा रहे हैं. लेकिन, अभी सभी राज्य इस नियम के दायरे में नहीं आए हैं. हाईवे का अक्सर इस्तेमाल करने वालों के लिए, NHAI अपने FASTag एनुअल पास को भी बढ़ावा दे रहा है.
अगर आपने हाल ही में किसी नेशनल हाईवे पर गाड़ी चलाई है, तो शायद आपने ध्यान दिया होगा कि ज़्यादातर राज्यों में टोल बूथ पर अब कैश नहीं लिया जा रहा है. 10 अप्रैल से पूरे देश में नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर सभी टोल पेमेंट सिर्फ डिजिटल तरीकों से ही लिए जा रहे हैं या तो FASTag से या फिर UPI के जरिए. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस बदलाव का ऐलान करते हुए कहा कि इससे टोल गेट पर लगने वाली लंबी लाइनें कम होंगी और हाईवे पर सफर करना ज्यादा आसान हो जाएगा. यह जानकारी NHAI के एक सीनियर अधिकारी ने दी.
किन राज्यों में अभी छूट और क्यों?
लेकिन, अभी सभी राज्य इस नियम के दायरे में नहीं आए हैं. 11 अप्रैल को जारी PIB की एक रिलीज के मुताबिक, तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य, और साथ ही केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अभी इस बदलाव का हिस्सा नहीं हैं.
इसकी वजह है ‘आचार संहिता’ (Model Code of Conduct). ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अभी चुनावी प्रक्रिया के बीच में हैं, और वहां आचार संहिता लागू है. PIB की रिलीज में बताया गया है कि, चूंकि आचार संहिता वाले इलाकों में किसी बड़े नीतिगत बदलाव का ऐलान करना और उसे लागू करना, मतदाताओं को प्रभावित करने या चुनावों के दौरान प्रशासनिक मुश्किलें पैदा करने जैसा लग सकता है, इसलिए सरकार ने चुनाव खत्म होने तक इसे टालने का फैसला किया है.
तो अगर आप इस महीने इन इलाकों में नेशनल हाईवे पर सफर कर रहे हैं, तो वहां के टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट का विकल्प अभी भी उपलब्ध हो सकता है.
अगर आपके पास FASTag नहीं है तो क्या होगा?
देश के बाकी हिस्सों के लिए, FASTag ही टोल चुकाने का मुख्य तरीका है. लेकिन अगर आपके वाहन पर कोई वैलिड FASTag नहीं है, तो आप पूरी तरह से फंस नहीं जाएंगे. आप अभी भी UPI के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. हालांकि, इसमें एक पेंच है – इसके लिए आपसे ज्यादा पैसे लिए जाएंगे.
भारत में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर 1,150 से ज्यादा ऐसे टोल प्लाजा हैं जो इस नई व्यवस्था के दायरे में आते हैं.
कितना अधिक देना होगा शुल्क?
मंत्रालय की एक गजट अधिसूचना के अनुसार, कोई भी वाहन जो बिना वैलिड FASTag के किसी टोल प्लाजा में प्रवेश करता है और UPI के जरिए पेमेंट करने का विकल्प चुनता है, तो उससे उस वाहन श्रेणी के लिए लागू टोल शुल्क का 1.25 गुना लिया जाएगा. दूसरे शब्दों में FASTag न होने के कारण आपको 25 फीसदी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा.
अगर आपके पास न तो FASTag है और न ही आप UPI के जरिए पेमेंट करने का विकल्प चुनते हैं, तो उस वाहन के साथ उन नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी जो टोल शुल्क का भुगतान न करने पर लागू होते हैं.
FASTag एनुअल पास
हाईवे का अक्सर इस्तेमाल करने वालों के लिए, NHAI अपने FASTag एनुअल पास को भी बढ़ावा दे रहा है. इस पास से साल भर में 3,075 रुपये में 200 बार तक टोल पार किया जा सकता है. NHAI के अनुसार, यह योजना 15 अगस्त को शुरू की गई थी और तब से इसके 50 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हो चुके हैं. इन पासों के जरिए कुल 26.55 करोड़ ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं.
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