Budget 2026: 1 फरवरी को यहां देख सकेंगे बजट की लाइव स्ट्रीमिंग, जानें कितने बजे से वित्त मंत्री शुरू करेंगी भाषण
केंद्रीय बजट 2026 वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा. यह पहली बार होगा जब यूनियन बजट रविवार के दिन आएगा. बजट सत्र, इकोनॉमिक सर्वे, हलवा सेरेमनी और मोदी सरकार 3.0 के दूसरे फुल बजट से जुड़ी सभी अहम जानकारियां यहां पढ़ें.
Budget 2026 Date and Time: केंद्रीय बजट 2026 वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा. इसकी पुष्टि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की है. यह भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब यूनियन बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, जिससे यह बजट अपने आप में खास बन जाता है. साल 2017 से बजट को 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा चली आ रही है और 2026 में यह तारीख रविवार पड़ रही है, हालांकि बजट का समय पहले की तरह ही सुबह 11 बजे रहेगा.
बजट 2026 के बारे में
बजट सत्र 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल चुकी है और इसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 के बीच होगा. बजट से एक दिन पहले, यानी 31 जनवरी 2026 को इकोनॉमिक सर्वे पेश किए जाने की संभावना है. इसके बाद 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट भाषण देंगी. बजट 2026 को लोग Sansad TV पर लाइव स्ट्रीम कर देख सकते हैं. इससे इतर, इंटरनेट पर भी यूट्यूब के जरिये लोग इसे देख सकते हैं.
- 28 जनवरी 2026: बजट सत्र की शुरुआत
- 31 जनवरी 2026 (संभावित): इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा
- 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 प्रस्तुत
- 13 फरवरी 2026: बजट सत्र का पहला चरण समाप्त
- 9 मार्च 2026: बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू
- 2 अप्रैल 2026: बजट सत्र का समापन
क्यों खास है बजट 2026?
यूनियन बजट सरकार का वार्षिक वित्तीय दस्तावेज होता है, जिसमें अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की आय, खर्च, टैक्स में बदलाव, विकास योजनाएं, नीतियां और सुधारों की रूपरेखा पेश की जाती है. बजट 2026 खास इसलिए भी है क्योंकि यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा और मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट भी रहेगा. इससे पहले 2024 में अंतरिम बजट और 2025 में पहला फुल बजट पेश किया गया था.
हलवा सेरेमनी
बजट 2026 की तैयारी अगस्त 2025 से ही शुरू हो गई थी, जब सभी मंत्रालयों और विभागों को उनके संभावित खर्च और राजस्व का अनुमान देने के निर्देश भेजे गए थे. इसके बाद प्री-बजट बैठकों, विशेषज्ञों से सलाह और अलग-अलग वर्गों से मिले सुझावों के आधार पर बजट को अंतिम रूप दिया गया. बजट से ठीक पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी होती है, जिसके बाद लॉक-इन पीरियड शुरू हो जाता है. इस दौरान बजट से जुड़े अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक से बाहर नहीं जा सकते, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे.
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