25 लाख क्रिएटर और 1 ट्रिलियन डॉलर का असर, अटेंशन अब बना रही है पैसा; कंटेंट इंडस्ट्री के इन 3 शेयरों पर रख सकते हैं नजर

भारत की क्रिएटर इकॉनमी तेजी से बढ़ते हुए एक बड़े बिजनेस इकोसिस्टम में बदल चुकी है. 25 लाख से ज्यादा क्रिएटर और 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के कंज्यूमर स्पेंड पर असर डालने वाली यह इंडस्ट्री अब निवेशकों का ध्यान खींच रही है. रील, ब्लॉग, पॉडकास्ट और गेमिंग कंटेंट अटेंशन को सीधे रेवेन्यू में बदल रहे हैं.

कंटेंट इंडस्ट्री शेयर Image Credit: AI/canva

Content industry stocks: आजकल लोग कोई नोटिफिकेशन देखने के लिए फोन खोलते हैं और 4–5 रील देख लेते हैं. यह अब बेहद आम बात हो गई है और इसके पीछे काम करते हैं कंटेंट क्रिएटर. भारत की क्रिएटर इकॉनमी अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह एक ऐसा इकोसिस्टम बन चुकी है जो अटेंशन को सीधे कमाई में बदल रही है. रील, व्लॉग, पॉडकास्ट और गेमिंग कंटेंट पर बिताया गया हर सेकंड किसी न किसी के लिए रेवेन्यू पैदा कर रहा है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी हो गया है कि इस अटेंशन इकॉनमी से कौन-सी कंपनियां सीधे और टिकाऊ तरीके से कमाई कर रही हैं. आइए जानते हैं कि कंटेंट इंडस्ट्री में काम करने वाली किन कंपनियों पर नजर रखी जा सकती है.

Zee Entertainment Enterprises

Zee Entertainment Enterprises भारत की जानी-मानी मीडिया कंपनियों में शामिल है, जिसका कारोबार सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्टिंग, स्पेस सेलिंग और कंटेंट राइट्स की बिक्री से जुड़ा है. Q2 वित्त वर्ष 26 में कंपनी के नतीजे कमजोर रहे, क्योंकि डिजिटल बिजनेस और व्यूअरशिप बढ़ाने के लिए खर्च बढ़ाया गया. इस तिमाही में कंपनी की आय 1,969 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा घटकर 76 करोड़ रुपये पर आ गया.

हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म ZEE5 से रेवेन्यू में 32 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली और EBITDA लॉस में 80 फीसदी से ज्यादा की कटौती हुई. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि लागत स्थिर होने के बाद मार्जिन में सुधार आएगा. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 4.33 फीसदी गिरकर 81.39 रुपये पर पहुंच गया.

Saregama India

Saregama India भारत की सबसे पुरानी म्यूजिक लेबल कंपनियों में से एक है, जिसकी स्थापना साल 1902 में हुई थी. Q2 वित्त वर्ष 26 में कंपनी की आय 230 करोड़ रुपये रही और नेट प्रॉफिट 44 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. हाल ही में कंपनी ने Bhansali Productions में 325 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है, जिससे उसे भविष्य की फिल्मों के म्यूजिक पर एक्सक्लूसिव राइट्स मिलेंगे. स्ट्रीमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर इसके म्यूजिक कैटलॉग से स्थिर कैश फ्लो बना हुआ है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.03 फीसदी बढ़कर 333.75 रुपये पर पहुंच गया.

Nazara Technologies

Nazara Technologies भारत की प्रमुख गेमिंग और स्पोर्ट्स मीडिया कंपनी है, जिसकी मौजूदगी भारत के साथ-साथ अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका जैसे ग्लोबल मार्केट्स में भी है. Q2 वित्त वर्ष 26 में कंपनी का रेवेन्यू 65 फीसदी बढ़कर 526 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, रियल मनी गेमिंग से जुड़े इम्पेयरमेंट के कारण कंपनी को 33.9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. अब नजारा की 90 फीसदी से ज्यादा गेमिंग आय इंटरनेशनल मार्केट्स से आ रही है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 2.83 फीसदी गिरकर 277.90 रुपये पर पहुंच गया.

25 लाख क्रिएटर

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2030 तक भारत की क्रिएटर इकॉनमी 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के कंज्यूमर स्पेंड को प्रभावित कर सकती है, जबकि इस इकोसिस्टम से सीधे रेवेन्यू 100 से 125 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस समय करीब 20 से 25 लाख एक्टिव डिजिटल क्रिएटर हैं. ये क्रिएटर हर साल करीब 350 अरब डॉलर के कंज्यूमर स्पेंड को प्रभावित कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले वर्षों में यह असर कई गुना बढ़ सकता है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.