खुलने जा रहा है गंगा एक्सप्रेसवे, पेट्रोल पंप खोलने का मौका; जाने प्रक्रिया और कमाई का गणित
उत्तर प्रदेश में तेजी से बनते एक्सप्रेसवे और हाईवे पेट्रोल पंप कारोबार के लिए नए अवसर खोल रहे हैं. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के ऑपरेशनल होने से ईंधन की मांग बढ़ने की उम्मीद है, ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता होगा कि पेट्रोल पंप खोलने का आखिर नियम क्या है. कौन खोल सकता हेै. क्या पात्रता है. कितनी जमीन की जरूरत होती है. इन तमाम सवालों के जवाब के लिए पढ़ें ये स्टोरी.
How to Open Petrol Pump Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है. हाल ही में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे को टोल दरों के साथ ऑपरेशनल मंजूरी मिलना इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. 91 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल के कई जिलों को तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी देता है. जैसे-जैसे प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाईवे और औद्योगिक कॉरिडोर बन रहे हैं, वैसे-वैसे पेट्रोल और डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. मौजूदा समय में एक्सप्रेस-वे पर हर 5-10 किमी पर पेट्रोल पंप की सुविधा मिल जाती है. ऐसे में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की मंजूरी वैसे कई लोगों के लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है जिन्हें अपना पेट्रोल पंप खोलना है.
एक्सप्रेस-वे और हाईवे क्यों बन रहे हैं पेट्रोल पंप के लिए सुनहरा मौका?
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स से तीन बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं पहला कि ट्रैफिक वॉल्यूम बढ़ता है. दूसरा, लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैवल आसान होता है. और तीसरा, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और निजी वाहनों की संख्या में इजाफा होता है. ऐसे रूट्स पर पेट्रोल पंप सिर्फ ईंधन भरने की जगह नहीं रहते, बल्कि वे कन्वीनियंस स्टोर, रेस्ट एरिया, एयर-वॉटर सर्विस और फूड आउटलेट के रूप में भी कमाई का बड़ा जरिया बन जाते हैं. यही कारण है कि एक्सप्रेस-वे के आसपास जमीन और पेट्रोल पंप डीलरशिप की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल पंप खोलने का नियम अलग होगा है. यहां पर हमने बताया है कि आमतौर पर अगर कोई अपना पेट्रोल पंप खोलना चाहता है तो उसकी क्या प्रक्रिया है.
यूपी में पेट्रोल पंप खोलना अब पहले से आसान
यूपी सरकार ने हाल ही में पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया को काफी सरल कर दिया है. पहले जहां 10 से ज्यादा विभागों से एनओसी लेनी पड़ती थी, अब यह प्रक्रिया घटकर सिर्फ 4 विभागों तक सीमित कर दी गई है. नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप खोलने के लिए मुख्य रूप से राजस्व, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग और विकास प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी. बाकी विभागों के लिए स्व-घोषणा पत्र मान्य होगा. इससे लाइसेंस मिलने में होने वाली देरी काफी हद तक खत्म हो गई है.
पेट्रोल पंप खोलने के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
अगर आप उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंप खोलना चाहते हैं, तो आपको कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होंगी-
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए.
- उम्र आमतौर पर 21 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- शैक्षणिक योग्यता सामान्य वर्ग के लिए 12वीं पास और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 10वीं पास होती है.
- शहरी इलाकों में कई बार ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल डिग्री को प्राथमिकता दी जाती है.
जमीन की जरूरत और लोकेशन का महत्व
पेट्रोल पंप बिजनेस में सबसे अहम भूमिका लोकेशन निभाती है. हाईवे या एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप के लिए आमतौर पर 1200 से 2000 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होती है. वहीं, शहरी इलाकों में यह 1000 से 1500 वर्ग मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में 800 से 1200 वर्ग मीटर हो सकती है. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे नए रूट्स के आसपास जमीन उपलब्ध होना भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ा देता है.
आवेदन कैसे करें?
पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए आवेदन सरकारी और निजी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों- जैसे IOC, BPCL, HPCL के जरिए किया जाता है. ये कंपनियां समय-समय पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लोकेशन के साथ विज्ञापन जारी करती हैं. आवेदक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करता है, जरूरी दस्तावेज अपलोड करता है और प्रोसेसिंग फीस जमा करता है. इसके बाद इंटरव्यू, साइट वेरिफिकेशन और फाइनेंशियल जांच के आधार पर चयन किया जाता है. इससे इतर, आवेदकों को लेकर कुछ निवेश राशि के नियम भी हैं. जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में डीलरशिप की शुरुआत 15 लाख रुपये से होती है. यह भी न्यूनतम राशि है. वहीं, शहरी क्षेत्रों के लिए यह राशि बढ़कर अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक हो सकती है.
कितना निवेश और कितनी कमाई?
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंप खोलने में कुल निवेश लोकेशन और जमीन के स्वामित्व पर निर्भर करता है. इससे औसतन 60 लाख रुपये से 1.2 करोड़ रुपये तक का निवेश लग सकता है. वहीं अगर कमाई की बात करें तो-
- पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर तय कमीशन मिलता है.
- रोजाना 10 से 20 हजार लीटर बिक्री होने पर महीने में 8–15 लाख रुपये तक का ग्रॉस कमीशन संभव है.
- अन्य सेवाओं को जोड़कर शुद्ध मुनाफा 3–7 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.
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