1 फरवरी: क्या बजट वीक में दबाव में रहेगा निफ्टी? जानें इतिहास और टेक्निकल ट्रेंड किस तरफ कर रहे इशारा
केंद्रीय बजट 2026 से पहले निफ्टी 50 पर दबाव के संकेत हैं. ऐतिहासिक आंकड़े बजट से पहले कमजोरी दिखाते हैं. टेक्निकल चार्ट पर निफ्टी 200-डे ईएमए के नीचे है और मोमेंटम कमजोर बना हुआ है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बजट वीक में उतार-चढ़ाव और गिरावट का जोखिम बना रह सकता है.
केंद्रीय बजट 2026 से पहले शेयर बाजार में एक बार फिर सतर्कता का माहौल बनता दिख रहा है. ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, बजट से पहले के सप्ताह में निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ती है और निफ्टी 50 में दबाव देखने को मिलता है. बीते वर्षों के ट्रेंड बताते हैं कि बजट से पहले बाजार में मुनाफावसूली हावी रहती है, जबकि बजट के बाद अक्सर रिकवरी देखने को मिलती है. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने वाले केंद्रीय बजट से कैपिटल एक्सपेडिंचर, मैन्युफैक्चरिंग आधारित विकास और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता पर फोकस रहने की उम्मीद है. हालांकि, वैश्विक चुनौतियों के बीच सरकार के सामने संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी. पारंपरिक रूप से बजट भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा ट्रिगर माना जाता है, जिससे कुछ विशेष सेक्टर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. आइये जानते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले निफ्टी को लेकर क्या टेक्निकल एनालिसिस बन रहा है.
क्या कहता है ट्रेंड
‘मिंट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बजट से पहले का सप्ताह ऐतिहासिक रूप से कमजोर रहा है. पिछले 15 वर्षों में बजट से एक सप्ताह पहले निफ्टी का औसत रिटर्न -0.52% रहा है और केवल 8 बार ही बाजार हरे निशान में बंद हुआ है. अनिश्चितता और संभावित नीतिगत सरप्राइज की आशंका के चलते निवेशक आमतौर पर सतर्क रुख अपनाते हैं.
आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में से चार बार बजट से पहले वाले महीने में निफ्टी ने नेगेटिव रिटर्न दिया है, जिसमें जनवरी 2025 भी शामिल है. हालांकि, बजट के बाद बाजार में अक्सर तेजी देखने को मिलती है. ऐतिहासिक रूप से बजट के बाद वाले सप्ताह में निफ्टी का औसत रिटर्न 1.36% रहा है. वहीं, बजट के दिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, जहां औसत इंट्राडे रेंज करीब 2.65% रही है.
बजट से पहले वाले हफ्ते में कैसी रह सकती है निफ्टी की चाल
एसबीआई सिक्योरिटीज के हेड (टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च) सुदीप शाह ने आने वाले कारोबारी हफ्ते को लेकर कहा है कि टेक्निकल मोर्चे पर एक अहम संकेत यह है कि निफ्टी अप्रैल 2025 के बाद पहली बार अपने 200-डे ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के नीचे फिसल गया है. इसके साथ ही वीकली चार्ट पर एक बड़ा बेयरिश कैंडल बना है. मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोर बने हुए हैं. वीकली आरएसआई करीब 45 के स्तर पर है, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है और यह अपने 9-वीक एवरेज से भी नीचे ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड में कमजोरी का संकेत देता है.
उन्होंने कहा कि 25,400–25,450 का जोन निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है. जब तक इंडेक्स 25,450 के नीचे बना रहता है, तब तक नीचे की ओर जोखिम ऊंचा बना रहेगा. तत्काल सपोर्ट 24,800 के आसपास है, इसके बाद 24,600 अगला महत्वपूर्ण स्तर माना जा रहा है.
आने वाले हफ्ते के लिए अहम ट्रिगर्स
सुदीप शाह के अनुसार, जियो-पॉलिटिकल मुद्दे जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के साथ संभावित अनुकूल ट्रेड डील को लेकर टिप्पणियां, शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती हैं और हल्की राहत भरी तेजी (रिलीफ रैली) को ट्रिगर कर सकती हैं. खासतौर पर तब, जब बाजार में पोजिशनिंग हल्की हो और रिस्क एपेटाइट सतर्क बना हुआ हो. हालांकि, निवेशकों को यह भी समझना जरूरी है कि ऐसी खबरें अक्सर हेडलाइन-ड्रिवन होती हैं और ठोस नीतिगत कदमों के बिना इनका असर आमतौर पर अल्पकालिक रहता है.
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