Budget 2026: दुनिया भर में युद्ध का साया, इस बार ऑल टाइम हाई पर पहुंचेगा डिफेंस बजट, हाई टेक युद्ध प्रणाली पर होगा फोकस
Aam Budget 2026-27: दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध और बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच भारत के डिफेंस बजट को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार रक्षा बजट ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच सकता है. सरकार का फोकस केवल बजट बढ़ाने पर नहीं बल्कि हाई टेक युद्ध प्रणाली, ड्रोन, एयर डिफेंस, मिसाइल सिस्टम और आधुनिक तकनीक पर निवेश बढ़ाने पर रहेगा.
Defence Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. बजट से पहले ही इससे जुड़े अनुमानों को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है. एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म अपनी- अपनी उम्मीदें जता रहे हैं. इस बार सबसे ज्यादा फोकस डिफेंस सेक्टर पर नजर आ रहा है. दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध और बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच जानकारों का मानना है कि इस बार रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि डिफेंस बजट रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है. हाल के सैन्य अभियानों और वैश्विक हालात को देखते हुए आधुनिक हथियारों और हाई टेक युद्ध प्रणाली पर खर्च बढ़ सकता है. आत्मनिर्भर भारत के तहत डोमेस्टिक डिफेंस इंडस्ट्रीज को भी बड़ी मदद मिलने की संभावना है.
डिफेंस बजट में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद
मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि आने वाले वित्त वर्ष में कुल डिफेंस बजट में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है. अनुमान है कि यह बढ़ोतरी 10 से 15 फीसदी के आसपास रह सकती है. कुछ एक्सपर्ट्स इसे इससे भी ज्यादा मान रहे हैं. बढ़ते सुरक्षा खतरे और सीमा से जुड़ी चुनौतियों के चलते सरकार रक्षा खर्च बढ़ाने के मूड में दिख रही है.
कैपिटल एक्सपेंडिचर पर रहेगा खास फोकस
इस बार बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी नए हथियार और सैन्य ढांचे पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है. जानकारों के अनुसार नए इक्विप और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन में तेज इजाफा हो सकता है. इंडस्ट्री संगठनों की मांग है कि कुल डिफेंस बजट का बड़ा हिस्सा कैपेक्स के लिए रखा जाए. इससे सेनाओं की ताकत और तैयारियां मजबूत होंगी.
हाई टेक युद्ध प्रणाली में होगा निवेश
बजट 2026 में अगली पीढ़ी की युद्ध तकनीक पर खास जोर दिया जा सकता है. ड्रोन और ड्रोन रोधी सिस्टम को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर वॉरफेयर से जुड़े सिस्टम के लिए अलग फंडिंग हो सकती है. मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर भी सरकार का ध्यान रहेगा.
रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बूस्ट
रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की तैयारी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि डीआरडीओ के बजट में बढ़ोतरी की जा सकती है. इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को भी रक्षा रिसर्च में शामिल करने के लिए एक्स्ट्रा फंड का प्रावधान हो सकता है. इससे नई तकनीकों का विकास तेज होगा.
आत्मनिर्भर भारत पर और जोर
डिफेंस बजट 2026 में आत्मनिर्भर भारत मिशन को आगे बढ़ाने के लिए नई नीतिगत पहल हो सकती है. डोमेस्टिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए नियमों को सरल किया जा सकता है. इसके साथ ही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव जैसी योजनाओं के जरिए भारतीय कंपनियों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा. इससे आयात पर निर्भरता कम होगी.
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GDP के मुकाबले डिफेंस खर्च पर नजर
पिछले बजट में डिफेंस के लिए GDP का सीमित हिस्सा ही खर्च हुआ था. जानकारों का मानना है कि लंबे समय की रणनीतिक जरूरतों को देखते हुए यह हिस्सा और बढ़ना चाहिए. मौजूदा वैश्विक हालात में सरकार इस दिशा में कदम उठा सकती है. ऐसे में डिफेंस बजट का ऑल टाइम हाई पर पहुंचना संभव माना जा रहा है.