Budget 2026-27 से पहले नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हुईं शामिल; जानें क्या है ये परंपरा
केंद्रीय बजट 2026–27 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. 1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्थ ब्लॉक में पारंपरिक हलवा सेरेमनी में हिस्सा लिया, जो बजट प्रक्रिया की अहम परंपरा मानी जाती है. जानें क्या है इस सेरेमनी का मतलब.
Budget 2026-27 and Halwa Ceremony: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार, 27 जनवरी को पारंपरिक हलवा सेरेमनी में हिस्सा लिया. इस आयोजन के साथ ही Union Budget 2026–27 की तैयारियों का अंतिम चरण आधिकारिक रूप से शुरू हो गया. आगामी बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने की समीक्षा
यह समारोह नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में आयोजित किया गया, जहां वित्त मंत्री के साथ वित्त मंत्रालय के सभी विभागों के सचिव, बजट तैयार करने से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद रहे. इस मौके पर निर्मला सीतारमण ने बजट प्रेस का दौरा किया, तैयारियों की समीक्षा की और बजट टीम को उनके कठिन परिश्रम के लिए शुभकामनाएं दीं.
डिजिटली उपलब्ध होंगे दस्तावेज
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बजट से जुड़े सभी अहम दस्तावेज, जैसे- Annual Financial Statement (Budget), Demand for Grants और Finance Bill आम जनता और सांसदों के लिए डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे. ये सभी दस्तावेज Union Budget Mobile App और आधिकारिक वेबसाइट पर वित्त मंत्री के बजट भाषण के पूरा होने के बाद अपलोड किए जाएंगे.
क्या होती है हलवा सेरेमनी?
हलवा सेरेमनी एक पुरानी और अहम परंपरा है, जो हर साल बजट पेश होने से पहले निभाई जाती है. इस दौरान बजट तैयार करने में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा परोसा जाता है. इसके साथ ही बजट से जुड़े अधिकारियों के लिए ‘लॉक-इन पीरियड’ शुरू हो जाता है. इस दौरान अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं और उन्हें मोबाइल फोन या बाहरी संपर्क की अनुमति नहीं होती, ताकि बजट से जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय बनी रहे और किसी तरह का लीक न हो.
नया रिकॉर्ड बनाएंगी सीतारमण
Union Budget 2026–27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट होगा. इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का रिकॉर्ड तोड़ देंगी, जिन्होंने 1959 से 1964 के बीच पांच वार्षिक और एक अंतरिम बजट पेश किया था. इस उपलब्धि के साथ सीतारमण देश की सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाली वित्त मंत्रियों में शुमार हो जाएंगी.
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