AI बना रहा नए Billionaire! हुरुन लिस्ट 2026 में 114 AI अरबपति, टेक दिग्गजों की दौलत बढ़ी; भारत के IT सेक्टर को झटका

Hurun Global Rich List 2026 के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब दुनिया में दौलत बनाने का सबसे बड़ा इंजन बन गया है. रिपोर्ट में 114 ऐसे अरबपतियों की पहचान हुई है जिनकी संपत्ति सीधे AI कंपनियों से जुड़ी है, जबकि इस टेक्नोलॉजी की वजह से कई पारंपरिक टेक कंपनियों की संपत्ति में गिरावट भी दर्ज की गई है. देखें पूरी रिपोर्ट.

AI बना रहा अरबपति! Image Credit: @AI

AI Create Billionaire Boom Hurun List 2026: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती ताकत सिर्फ टेक्नोलॉजी को ही नहीं, बल्कि अरबपतियों की दुनिया को भी तेजी से बदल रही है. Hurun Global Rich List 2026 की नई रिपोर्ट के मुताबिक AI अब दुनिया में दौलत बनाने का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरा है. रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के कुल 4,020 अरबपतियों में से 114 अब सीधे तौर पर AI से जुड़ी कंपनियों से जुड़े हुए हैं. खास बात यह है कि इनमें से करीब 46 लोग नए अरबपति हैं, जो इस क्षेत्र में तेज रफ्तार से बन रही संपत्ति को दर्शाता है.

रिपोर्ट के मुख्य शोधकर्ता रूपर्ट हूगेवर्फ के अनुसार पिछले साल दुनिया में जिस गति से नई संपत्ति बनी, वह Hurun Global Rich List के इतिहास में अब तक की सबसे तेज रफ्तार रही. सिर्फ एक साल में 700 से ज्यादा नए अरबपति इस सूची में शामिल हुए, यानी औसतन हर दिन लगभग दो नए अरबपति बने. इस दौड़ में चीन सबसे आगे रहा, जहां से आधे से ज्यादा नए नाम सूची में जुड़े.

AI बना दुनिया का नया ‘वेल्थ इंजन’

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल AI ने ग्लोबल लेवल पर सबसे ज्यादा संपत्ति बनाने वाला सेक्टर बनने का रिकॉर्ड बनाया. इस उछाल का सबसे बड़ा फायदा उन कंपनियों को हुआ जो AI तकनीक, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस चिप्स के क्षेत्र में काम कर रही हैं. Nvidia के सीईओ जेंसन हुआंग इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. AI के लिए जरूरी ग्राफिक्स चिप्स की भारी मांग के चलते उनकी संपत्ति में करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर 172 अरब डॉलर तक पहुंच गई. इसी उछाल की वजह से Nvidia का मार्केट कैप भी 5 ट्रिलियन डॉलर के पार चला गया और जेंसन हुआंग दुनिया के 9वें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए.

गूगल के फाउंडर्स को भी मिला बड़ा फायदा

AI की लहर का असर Alphabet (Google) पर भी साफ दिखाई दिया. कंपनी के सह-संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन दोनों की संपत्ति में बड़ी छलांग लगी और वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमशः तीसरे और पांचवें स्थान पर पहुंच गए. Alphabet का मार्केट वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया, जिसमें Gemini 4 AI मॉडल की बढ़ती लोकप्रियता और Google Cloud की मजबूत स्थिति का अहम योगदान माना जा रहा है.

लैरी एलिसन और सैम ऑल्टमैन की संपत्ति भी बढ़ी

Oracle के संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में भी जबरदस्त उछाल देखा गया. AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में कंपनी के बड़े निवेश के कारण उनकी कुल संपत्ति करीब 32 फीसदी बढ़कर 267 अरब डॉलर तक पहुंच गई. वहीं OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन की संपत्ति भी तेजी से बढ़ी है. ChatGPT और अन्य AI प्रोडक्ट्स की वैश्विक सफलता के चलते उनकी नेटवर्थ लगभग तीन गुना बढ़कर 4.7 अरब डॉलर हो गई.

Anthropic ने बनाए कई नए अरबपति

OpenAI की प्रतिद्वंदी कंपनी Anthropic, जो Claude AI बनाती है, ने भी इस साल कई नए अरबपति तैयार किए. कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर करीब 380 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इसके साथ ही कंपनी के फाउंडर्स डारियो अमोडेई, डेनिएला अमोडेई और अन्य सह-संस्थापकों की संपत्ति भी करीब 3.7 अरब डॉलर तक पहुंच गई.

10 गुना बढ़ी इस AI उद्यमी की दौलत

AI सेक्टर में सबसे ज्यादा फीसदी बढ़ोतरी Figure AI के संस्थापक ब्रेट एडकॉक्स की संपत्ति में दर्ज की गई. ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स पर काम करने वाली उनकी कंपनी का वैल्यूएशन 39 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसके बाद उनकी कुल संपत्ति 10 गुना बढ़कर करीब 16 अरब डॉलर हो गई.

दुनिया के सबसे युवा अरबपति भी AI से

Hurun Global Rich List 2026 में शामिल सबसे युवा सेल्फ-मेड अरबपति भी AI सेक्टर से ही जुड़े हैं. ब्रेंडन फूडी, आदर्श हीरेमठ और सूर्य मिधा, जिनकी उम्र सिर्फ 22 साल है, AI आधारित भर्ती स्टार्टअप Mercor के फाउंडर हैं. इन तीनों की व्यक्तिगत संपत्ति करीब 2.4 अरब डॉलर बताई गई है.

चीन में भी AI से बढ़ी दौलत

रिपोर्ट के अनुसार चीन में इस समय 1,110 अरबपति हैं और नए अरबपतियों की संख्या के मामले में भी चीन सबसे आगे रहा. हालांकि AI सेक्टर से जुड़े नए अरबपतियों की संख्या यहां अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन कई मौजूदा अरबपतियों की संपत्ति में भारी वृद्धि दर्ज की गई. ByteDance (TikTok) के संस्थापक झांग यिमिंग की संपत्ति में करीब 19 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और उनकी कुल नेटवर्थ 79 अरब डॉलर तक पहुंच गई. वहीं, Tencent के सीईओ मा हुआतेंग की संपत्ति भी बढ़कर 66 अरब डॉलर हो गई. इसके अलावा Cambricon Technologies के सीईओ चेन तियानशी की संपत्ति दोगुनी होकर 25 अरब डॉलर, जबकि डेटा सेंटर कंपनी Zhongji Innolight से जुड़े वांग वेइक्सियू की संपत्ति छह गुना बढ़कर 15 अरब डॉलर तक पहुंच गई.

AI की वजह से पुरानी कंपनियों को नुकसान

हालांकि AI की इस तेज रफ्तार ने जहां कई लोगों को अरबपति बनाया है, वहीं दूसरी तरफ टेक इंडस्ट्री के कई पुराने बिजनेस मॉडल पर इसका नकारात्मक असर भी पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक AI के बढ़ते इस्तेमाल से कई पारंपरिक सॉफ्टवेयर और डेटा कंपनियों की वैल्यूएशन में गिरावट आई है. उदाहरण के तौर पर ब्लूमबर्ग के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग की संपत्ति में करीब 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसी तरह Atlassian के सह-संस्थापक माइक कैनन-ब्रूक्स और स्कॉट फार्कुहार की संपत्ति लगभग आधी रह गई. वहीं Salesforce के सीईओ मार्क बेनिओफ और Workday के संस्थापक डेविड डफील्ड की संपत्ति में भी करीब एक-तिहाई की गिरावट देखी गई.

भारत की IT कंपनियों पर भी असर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI के तेजी से विस्तार का असर भारत की IT आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला है. कई पारंपरिक IT कंपनियों से जुड़े परिवारों की कुल संपत्ति में औसतन करीब 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. Hurun रिपोर्ट के चेयरमैन रूपर्ट हूगेवर्फ के मुताबिक AI क्रांति का एक दूसरा पहलू भी है. उनका कहना है कि AI से बनने वाली हर नई संपत्ति के साथ टेक इंडस्ट्री के पुराने मॉडल में उतनी ही बड़ी हलचल भी देखने को मिल रही है.

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