IRCTC को LPG का संकट! स्टेशनों पर माइक्रोवेव-इंडक्शन से बनेगा खाना, फूड सप्लाई में आ सकती है दिक्कत
नए दिशा निर्देशों के मुताबिक, रेलवे स्टेशनों पर मौजूद कैटरिंग यूनिट्स को रेडी टू ईट यानी RTE फूड का पर्याप्त स्टॉक भी रखना होगा. इसका मकसद यह है कि यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा में किसी तरह की परेशानी न हो. कंपनी का कहना है कि इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को यात्रा के दौरान बिना रुकावट भोजन उपलब्ध होता रहे.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण LPG की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है. इसी के बीच Indian Railway Catering and Tourism Corporation यानी IRCTC ने रेलवे स्टेशनों पर चलने वाली अपनी कैटरिंग यूनिट्स के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं. कंपनी ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि LPG की कमी के बावजूद रेलवे स्टेशनों पर खाने पीने की सेवाएं प्रभावित न हों. रेलवे स्टेशनों पर चलने वाले फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार जैसे आउटलेट्स पर संचालन सामान्य बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.
खाना बनाने के तरीके में बदलाव
10 मार्च 2026 के एक सर्कुलर में IRCTC ने वेस्ट जोन के सभी कैटरिंग यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे LPG सिलेंडर की कमी को देखते हुए खाना बनाने के वैकल्पिक तरीके अपनाएं. इसके तहत माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकर के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है. LPG की कमी का मुख्य कारण ईरान से जुड़े युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन को माना जा रहा है. इससे गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है और आशंका है कि अगर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कैटरिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है.
रेडी टू ईट खाने का स्टॉक रखने के निर्देश
नए दिशा निर्देशों के मुताबिक, रेलवे स्टेशनों पर मौजूद कैटरिंग यूनिट्स को रेडी टू ईट यानी RTE फूड का पर्याप्त स्टॉक भी रखना होगा. इसका मकसद यह है कि यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा में किसी तरह की परेशानी न हो. कंपनी का कहना है कि इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को यात्रा के दौरान बिना रुकावट भोजन उपलब्ध होता रहे.
वैश्विक हालात का असर
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ग्लोबल ऑयल कीमतों में तेजी आई है और LPG की सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ गया है. भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा का असर घरेलू और कमर्शियल दोनों सेक्टर पर पड़ता है. रेलवे कैटरिंग सेक्टर भी इससे प्रभावित हो सकता है, और कई आउटलेट्स को संचालन में दिक्कत आने का डर है. हालांकि माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे विकल्प अपनाने से इस संकट के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है. IRCTC ने यह भी साफ किया है कि यात्रियों की सुविधा उसकी पहली प्राथमिकता है, और LPG सप्लाई से जुड़े हालात के अनुसार आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
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