100 डॉलर के नीचे आया कच्चा तेल, 6 फीसदी से ज्यादा टूटा Brent क्रूड, क्या सस्ता होगा पेट्रोल -डीजल!
कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को बड़ी गिरावट आई और Brent crude करीब 6 फीसदी गिरकर 100 डॉलर के नीचे पहुंच गया. यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों की खबरों के बाद आई है. बाजार को उम्मीद है कि तनाव कम हो सकता है, जिससे सप्लाई बाधित नहीं होगी. इससे पहले पश्चिम एशिया तनाव के कारण कीमतों में तेजी आई थी.
Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली है. Brent crude की कीमत करीब 6 फीसदी गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है. यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों की खबरें सामने आईं. इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है. तेल की कीमतों में उतार- चढ़ाव का असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी सीधा पड़ता है.
100 डॉलर के नीचे आया Brent crude
Brent crude की कीमत करीब 6 फीसदी गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है. यह स्तर निवेशकों के लिए काफी अहम माना जाता है क्योंकि 100 डॉलर के नीचे आना राहत का संकेत देता है. इससे एनर्जी मार्केट में नरमी का माहौल बना है. कीमतों में यह गिरावट हाल की तेजी को पूरी तरह पलटती नजर आ रही है.
| कमोडिटी | वास्तविक कीमत | बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| कच्चा तेल | 87.595 | 4.755 | -5.15% |
| ब्रेंट | 98.064 | 6.426 | -6.15% |
| नेचुरल गैस | 2.8748 | 0.0682 | -2.32% |
| पेट्रोल | 2.9877 | 0.1603 | -5.09% |
| हीटिंग ऑयल | 4.0288 | 0.2621 | -6.11% |
कूटनीतिक कोशिशों से कीमतों पर दबाव
अमेरिका द्वारा ईरान के साथ तनाव खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक वाशिंगटन एक महीने के युद्धविराम पर काम कर रहा है ताकि बातचीत आगे बढ़ सके. इसके अलावा अमेरिका ने ईरान को 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भी भेजा है. इन खबरों से बाजार में यह उम्मीद बनी कि हालात जल्द सुधर सकते हैं. इसी कारण तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला.
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अन्य एनर्जी प्रोडक्ट में गिरावट
सिर्फ कच्चा तेल ही नहीं बल्कि अन्य प्रोडक्ट की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है. Natural gas, gasoline और heating oil में 2 से 6 फीसदी तक की कमी आई है. इससे संकेत मिलता है कि पूरे एनर्जी मार्केट में नरमी का रुख बना हुआ है. आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत के नतीजे कीमतों की दिशा तय करेंगे.
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