India-US Trade Live: रूसी तेल खरीद पर आया MEA का बयान, कहा- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना मुख्य लक्ष्य
भारत और अमेरिका के बीच जारी नए ट्रेड डील फ्रेमवर्क के तहत दोनों देशों ने टैरिफ में बड़ी कटौती की है. साथ ही ऊर्जा, कृषि व तकनीकी क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे भारत के निर्यातकों और किसानों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनाल्टी शुल्क भी हटा लिया है. बिजनेस से जुड़ी और प्रमुख खबरों के लिए यहां बने रहें.
Summary
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील हमारे देश के पक्ष में है: लद्दाख LG
- यूएस ट्रेड डील के बाद वाइन-स्पिरिट्स पर टैरिफ घटने की उम्मीद, CIABC ने की मांग
- रूसी तेल खरीद पर आया MEA का बयान
- भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है: शिवराज सिंह चौहान
- इंडिया-चीन ट्रेड पर एक्सटर्नल फैक्टर्स का नहीं होगा असर: चीन के कौंसुल जनरल Qin Jie
Live Coverage
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील हमारे देश के पक्ष में है: लद्दाख LG
लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को कहा कि हालिया भारत-अमेरिका समझौता भारत के हित में है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता लोगों को फायदा पहुंचाएगा और बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के अपने लक्ष्य पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा.
LG ने PTI को बताया, “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक स्वागत योग्य कदम है क्योंकि यह हमें ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा, और किसानों सहित लोगों को फायदा पहुंचाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और हमें एक बहुत बड़े बाजार तक पहुंच देगा.”
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यूएस ट्रेड डील के बाद वाइन-स्पिरिट्स पर टैरिफ घटने की उम्मीद, CIABC ने की मांग
घरेलू स्पिरिट निर्माता संघ सीआईएबीसी (CIABC) ने शनिवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि स्पिरिट वाले पेय पदार्थों पर लगने वाले टैरिफ को भारत के हाल ही में यूके और ईयू के साथ साइन हुए एफटीए (FTA) के मुताबिक एलाइन किया जाएगा. भारत और अमेरिका के बीच इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए फाइनल हुए फ्रेमवर्क के अनुसार, वाइन और स्पिरिट्स से लेकर ड्राई फ्रूट्स तक अमेरिकी गुड्स भारत में या तो ड्यूटी-फ्री या रिड्यूस्ड इम्पोर्ट टैरिफ के साथ एंटर कर सकेंगे.
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रूसी तेल खरीद पर आया MEA का बयान
अमेरिका की ओर से रूस तेल खरीद पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की बात पर अब भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही सभी फैसले लेता है. मालूम हो कि रूसी तेल खरीद को लेकर भारत का स्टैंड यह पहले भी रह चुका है. MEA ने कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है.
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भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है: शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि India-US Trade Deal के तहत भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है. उन्होंने विपक्ष के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि यह समझौता किसानों को नुकसान पहुंचाएगा. शिवराज सिंह चौहान का यह बयान अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर विपक्ष के लगातार हमलों के बीच आया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी स्तर पर किसानों के हितों से समझौता नहीं किया है और सभी शर्तें देश के कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखकर तय की गई हैं.
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इंडिया-चीन ट्रेड पर एक्सटर्नल फैक्टर्स का नहीं होगा असर: चीन के कौंसुल जनरल Qin Jie
मुंबई में चीन के कौंसुल जनरल Qin Jie ने शनिवार को कहा कि इंडिया और चीन के बीच ट्रेड पर एक्सटर्नल फैक्टर्स का खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों देश बहुत बड़ी इकोनॉमी हैं और मल्टीलेटरलिज्म व मल्टीलेटरल ट्रेड को सपोर्ट करते हैं. इंडिया द्वारा यूएस और यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ किए गए एग्रीमेंट्स पर पूछे जाने पर कौंसुल जनरल ने कहा कि इंडिया अपने ग्लोबल रिलेशन्स तय करने के लिए फ्री है लेकिन इंडिया और चीन को कोऑपरेशन जारी रखना चाहिए, टाइज स्ट्रॉन्ग करने चाहिए और अलग-अलग फील्ड्स में कम्युनिकेशन बनाए रखना चाहिए.
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विमान के कलपुर्जों का बड़ा खरीदार है अमेरिकी कंपनी बोइंग- पीयूष गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि अमेरिका स्थित बोइंग भारत से विमान के कलपुर्जों की एक बड़ी खरीदार है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी कंपनी भविष्य में भारत को घटकों के लिए अपने सबसे बड़े विदेशी मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) आधार के रूप में देख रही है. भारत के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका कुछ विमानों और विमान के कलपुर्जों पर शुल्क हटाने पर सहमत हो गया है.
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मेड इन इंडिया स्मार्टफोन पर लगेगा शून्य फीसदी टैरिफ
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों को 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी मार्केट तक एक्सेस मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मेड इन इंडिया स्मार्टफोन पर शून्य फीसदी टैरिफ लागू किया जाएगा.
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यह पहला चरण है, बातचीत आगे भी जारी रहेगी: India-US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेल डील को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि यह डील का केवल पहला चरण है और दोनों देशों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहेगी. उन्होंने कहा, “हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं और आगे यह चर्चा जारी रहेगी कि किन-किन क्षेत्रों में हम पारस्परिक रूप से लाभ उठा सकते हैं. यह पहला चरण है, बातचीत आगे भी जारी रहेगी.”
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Tariff on Auto Parts: ऑटो पार्ट्स के इंपोर्ट में लगेगी दोनों तरह की ड्यूटी
प्रेस कॉन्फ्रेस में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऑटो पार्ट्स के एक्सपोर्ट पर अमेरिका दोनों तरह की ड्यूटी लागू लगाएगा. कुछ ऑटो पार्ट्स पर शून्य टैरिफ रहेगा, जबकि कुछ पर 18 फीसदी शुल्क लगेगा. उन्होंने बताया कि ऑटो पार्ट्स का करीब 44 मिलियन डॉलर का निर्यात होता है. गोयल के मुताबिक इन फैसलों से भारत वैश्विक व्यापार के लिहाज से अधिक प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार हो रहा है. मंत्री पियूष गोयल ने कहा, इस डील के साथ किसान सरंक्षित, देश विकसित और भारत फ्यूचर रेडी बन गया है.
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Tariff on Steel and Aluminum: स्टील और एल्युमिनियम पर 50% टैरिफ रहेगा लागू
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्टील और एल्युमिनियम पर जारी 50 फीसदी टैरिफ के जवाब में कहा कि स्टील और एल्युमिनियम पर 50 फीसदी टैरिफ लागू रहेगा. यह शुल्क केवल भारत पर नहीं, बल्कि अमेरिका ने इसे पूरी दुनिया के लिए समान रूप से लागू किया है. भारत पर लगाए गए टैरिफ में कोई अलग या अतिरिक्त भेदभाव नहीं किया गया है.
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India-US Trade Deal on Apple: सेब, कपास और सोयाबिन तेल पर क्या बोले मंत्री पीयूष गोयल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सेब और कपास के सवाल पर कहा कि सेब और कपास इन दोनों उत्पादों पर भारत में भारी मात्रा में पहले से आयात होता है. अकेले सेब का आयात करीब 6 लाख टन तक पहुंचता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल सेब 50 रुपये न्यूनतम आयात मूल्य पर आता है, जिस पर 50 प्रतिशत ड्यूटी लगती है. देश के किसानों को संरक्षण देने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है, क्योंकि देश में खपत अधिक और उत्पादन कम है. अमेरिका को जो आयात कोटा दिया गया है, वह मौजूदा आयात से कम रखा गया है. इस कोटे पर न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये तय किया गया है और 25 रुपये ड्यूटी लगेगी. यानी 75 रुपये के मौजूदा फ्लोर प्राइस की तुलना में यह करीब 100 रुपये बैठता है. इसलिए किसानों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा सोयाबिन तेल की बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यहां भी भारत ने इंपोर्ट पर कोटा तट क्या है. मंत्री ने कहा कि देश में इन चीजों की खपत ज्यादा है और प्रोडक्शन कम इसलिए हमें ये चीजें इंपोर्ट करनी पड़ती हैं.
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Tarriff deal on DDGS: DDGS, वाइन और कॉस्मेटिक्स पर राहत, आयात नीति में कई अहम रियायतें
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, DDGS के लिए बाजार को सीमित रूप में खोला गया है, जिसकी मांग पशुपालन विभाग ने की थी. इससे पोल्ट्री उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. कुछ वाइन और स्पिरिट्स के आयात की अनुमति दी गई है, लेकिन स्वदेशी उत्पादों को नुकसान न पहुंचे, इसलिए शराब पर न्यूनतम आयात मूल्य तय किया गया है. मंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े कुछ औद्योगिक उत्पादों को भी छूट दी गई है. इसके अलावा ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक कॉस्मेटिक उत्पादों पर ड्यूटी घटाई गई है. भारत अब भी ऐसे उत्पादों का करीब 26 अरब डॉलर का आयात करता है, जिन पर अमेरिका में रियायतें दी गई हैं, और कुछ मामलों में टैरिफ कोटा भी तय किया गया है.
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प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत पर अमेरिका ने सबसे कम ड्यूटी लगाई है - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
भारत-अमेरिका संयुक्त बयान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की मजबूत प्रतिस्पर्धी स्थिति पर जोर दिया. मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने चीन पर 35 प्रतिशत, वियतनाम और बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत तथा इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत ड्यूटी लगाई गई है, जबकि भारत पर इससे कम ड्यूटी है, केवल 18 प्रतिशत. भारत अपने सभी पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में खड़ा है.
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India-US trade deal: भारतीय बासमती चावल का बजेगा डंका
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर खुशी जताते हुए सरकार की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य फसलों और डेयरी उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित की है. उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते से अमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए निर्यात अवसर खुलेंगे. उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा,”हमारा बासमती चावल अमेरिकी बाजार में धूम मचा देगा.”
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ट्रंप ने PoK और अक्साई चीन भारत का दिखाया, भारत को ट्रेड डील में बड़ी राहत
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेम वर्क के ऐलान के साथ ही Donald Trump प्रशासन के तहत जारी एक आधिकारिक नक्शे में पूरे Jammu and Kashmir, पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके और Aksai Chin को भारत का हिस्सा दिखाया गया. इससे Pakistan असहज हो गया और इसे उसके लिए कड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
खासकर इसलिए क्योंकि पहले अमेरिकी नक्शों में विवादित हिस्सों को अलग तरह से दर्शाया जाता था. इसी दौरान ट्रेड डील के तहत भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है. इससे निर्यातकों को राहत मिली है और स्टील, एल्युमिनियम, तांबा, दवाइयों, कार और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टरों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जबकि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भारत ने अपनी सीमा बनाए रखी है.
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Piyush Goyal आज India-US ट्रेड डील पर करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस!
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal आज भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते पर जारी संयुक्त बयान को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. यह ब्रीफिंग करीब दोपहर 1.30 बजे शुरू होने की उम्मीद है. इसमें India और United States के बीच बनी इस अंतरिम ट्रेड व्यवस्था से जुड़े अहम पहलुओं पर जानकारी दी जा सकती है और आगे की प्रक्रिया पर भी बात हो सकती है.
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क्या है सोने-चांदी का भाव
शनिवार को सर्राफा बाजार खुलते ही सोने और चांदी के भाव तय हुए, 10 ग्राम के लिए 22 कैरेट सोना 14420 रुपये, और एक किलो चांदी 285 रुपये प्रति ग्राम रही. वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी की कीमतों में इस हफ्ते काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती सप्ताह में जहां इन कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली तो वहीं आखिरी तीन दिन में इनमें जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. हालांकि इन सबके बावजूद गोल्ड की कीमतों में इजाफा रहा, जबकि चांदी की कीमतें काफी लुढ़क गईं. 1 से 7 फरवरी के बीच 24 कैरेट सोना 7000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया, वहीं चांदी 16000 रुपये से ज्यादा लुढ़क गई.
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Dow Jones की ऐतिहासिक छलांग पर ट्रंप का बयान
अमेरिका में शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल के बाद राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तेजी उनकी टैरिफ नीति की वजह से आई है और उन्होंने विपक्षी डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा. शुक्रवार को Dow Jones पहली बार 50,000 के पार पहुंच गया और करीब 1,200 अंक उछलकर बंद हुआ, जबकि दूसरे इंडेक्स भी मजबूत रहे. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि विशेषज्ञों ने जिस स्तर को उनके कार्यकाल के अंत तक संभव बताया था, वह उन्होंने तीन साल पहले ही हासिल कर लिया है.
आगे उन्होंने Dow Jones के 100,000 तक पहुंचने की भविष्यवाणी भी की. बाजार में यह तेजी खास तौर पर टेक शेयरों की बदौलत दिखी, जहां Nvidia और Broadcom जैसे शेयरों में जोरदार उछाल आया, वहीं निवेशकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बढ़ते खर्च से भी उम्मीदें हैं, जिस पर Amazon और उसकी प्रतिद्वंद्वी Alphabet ने बड़े निवेश की बात कही है, जिससे पूरे अमेरिकी बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा.
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India-US trade deal: डील पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच से जुड़े प्रावधानों पर चिंता जताई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस भाषा का मतलब यह है कि भारत ने अपने औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को अमेरिका के लिए पूरी तरह खोलने पर सहमति दे दी है, वह भी बिना किसी रोक-टोक या शर्त के. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रावधानों का असर घरेलू उद्योगों और किसानों पर पड़ सकता है, इसलिए इस पर स्पष्टता जरूरी है.
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India-US trade deal: 7 फरवरी से USA में भारतीय प्रोडक्ट्स पर नहीं लगेगा अतिरिक्त 25% टैरिफ
अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने का फैसला कर भारत को बड़ी व्यापारिक राहत दी है. यह 7 फरवरी से लागू होगा. यह कदम भारत की ओर से रूस से कच्चे तेल की खरीद रोकने और अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने के आश्वासन के बाद उठाया गया. इस फैसले से भारतीय निर्यातकों, खासकर MSME सेक्टर को लाभ होगा. हालांकि यह राहत शर्त के साथ मिली है. अगर भारत भविष्य में रूस से तेल खरीदना शुरू करता है तो अमेरिका फिर से टैरिफ लगा सकता है. दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और आने वाले वर्षों में व्यापार को नई ऊंचाई तक ले जाने पर सहमति जताई है.
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India-US trade deal: PM मोदी बोले, व्यापार समझौते से मिलेगा बड़ा फायदा
PM Narendra Modi ने कहा कि India और United States ने अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति बना ली है और उन्होंने राष्ट्रपति Donald Trump को दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच भरोसे और साझेदारी को और गहरा करता है और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगा, जिससे किसानों, उद्यमियों, MSME, स्टार्टअप, मछुआरों और अन्य लोगों को नए मौके मिलेंगे तथा महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस ढांचे से निवेश और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा, सप्लाई चेन मजबूत होगी और वैश्विक विकास को मदद मिलेगी, साथ ही भारत ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते हुए भविष्य को ध्यान में रखकर वैश्विक साझेदारियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
Great news for India and USA!
We have agreed on a framework for an Interim Trade Agreement between our two great nations. I thank President Trump for his personal commitment to robust ties between our countries.
This framework reflects the growing depth, trust and dynamism of… https://t.co/zs1ZLzamhd
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
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रूस से तेल खरीदना बंद करेगा भारत: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश जारी कर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटा दिया है. यह टैरिफ भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद के कारण लगाया गया था. ट्रंप ने कहा कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी और सिफारिशें मिली हैं, जिसमें भारत ने राष्ट्रीय आपातकाल (Executive Order 14066) को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. भारत ने सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, साथ ही अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति व्यक्त की है. ट्रंप ने इस आधार पर निर्णय लिया कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक मामलों में अमेरिका के साथ पर्याप्त संरेखण किया है, इसलिए भारत से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को समाप्त किया जा रहा है. यह कदम 7 फरवरी से प्रभावी होगा.
STORY | US removes 25 per cent tariffs imposed on India for Russian oil purchases
US President Donald Trump has removed the 25 per cent tariffs it imposed on India for purchasing Russian oil, citing that the country has undertaken "significant steps" and New Delhi has committed… pic.twitter.com/3FNn7HXiZO
— Press Trust of India (@PTI_News) February 7, 2026
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India-Us Interim Trade Deal: कृषि में इन चीजों से हटा टैरिफ
डील के तहत भारत ने कई अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने का भी वादा किया है, जिनमें फल, सोयाबीन तेल, ट्री नट्स, अनाज, वाइन और स्पिरिट्स जैसी वस्तुएं शामिल हैं. हालांकि यह सिर्फ एक प्रारंभिक फ्रेमवर्क है और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहेगी.
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India-Us Interim Trade Deal: कच्चे तेल पर बनी सहमति
भारत की ओर से रूस से तेल खरीदने के चलते अमेरिकी सरकार ने भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था. मगर समझौते के तहत इसे हटाने का आदेश दिया गया है. इस डील के तहत रूस से तेल आयात कम करने और अमेरिका तथा वेनेज़ुएला से ऊर्जा खरीद बढ़ाने पर भी सहमति जताई है .
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India-Us Interim Trade Deal: 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत
समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में लगभग 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदेगा, जिसमें कच्चा तेल, गैस, कोकिंग कोल, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े तकनीकी उपकरण जैसे ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं.
India-Us Interim Trade Deal: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए एक अहम व्यापार ढांचा समझौते की घोषणा की, जिसमें ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया गया है. इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को करीब 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है. इस दौरान कृषि से लेकर कच्चे तेल और टेक्नोलॉजी समेत कई मसलों पर बात बन गई है. इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पेनाल्टी के तौर पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए है, जो भारत की ओर से रूस से तेल खरीद के कारण लगाया गया था. ट्रेड डील और बिजनेस से जुड़ी ऐसी ही लेटेस्ट खबरें पढ़ने के लिए यहां बने रहें.
