केंद्रीय कैबिनेट ने तीन बड़े फैसलों पर लगाई मुहर, गेहूं की MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को 2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए सभी छह तय रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी.
Highlights
- कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की घोषणा की.
- कैबिनेट ने अलग से रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए रबी मूल्य नीति को मंजूरी दी है.
- सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम (सैफ्लावर) के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है.
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी, जिनमें 2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए रबी मूल्य नीति, एक बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोग्राम और दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं. कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की घोषणा की. सरकार द्वारा बताए गए इन तीन फैसलों का कुल बजट 2,79,157 करोड़ रुपये था.
सबसे बड़ा आवंटन, 1,86,405 करोड़ रुपये का, PM DHARA (Developing Harmonized and Accelerated Renewable Energy Access) पहल के लिए है. सरकार ने दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के लिए भी 1,790 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
रबी मूल्य नीति
कैबिनेट ने अलग से रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए रबी मूल्य नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत किसानों को अनुमानित तौर पर 90,962 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को 2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए सभी छह तय रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी.
सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम (सैफ्लावर) के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है, इसके बाद रेपसीड और सरसों के लिए 413 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. मसूर के लिए MSP में 390 रुपये, जौ के लिए 136 रुपये, चना के लिए 83 रुपये और गेहूं के लिए 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.
कितनी हो गई गेहूं की MSP?
गेहूं की MSP 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि जौ की MSP अब 2,286 रुपये है, चना की MSP बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर की 7,390 रुपये, रेपसीड और सरसों की 6,613 रुपये और सैफ्लावर का MSP 7,215 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
सरकार ने कहा कि MSP में बदलाव, केंद्रीय बजट 2018-19 के उस फैसले के अनुरूप हैं, जिसमें MSP को उत्पादन की औसत लागत का कम से कम 1.5 गुना तय करने का निर्णय लिया गया था. सरकार ने यह भी कहा कि दालों और तिलहन के लिए अधिक MSP का मकसद फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देना है.
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 1790 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने नेशनल कैपिटल टेरिटरी दिल्ली में एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के लिए 1,790 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं. इस सिस्टम से उम्मीद है कि यह राजधानी में ट्रैफिक मूवमेंट की मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स का इस्तेमाल करेगा.
PM DHARA के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
कैबिनेट का एक और बड़ा फैसला PM DHARA को मंजूरी देना है, जिसके लिए 1,86,405 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह जानकारी बैठक के बाद जारी प्रेजेंटेशन में दी गई.
यह प्रोग्राम रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) तक पहुंच बढ़ाने और उसे तेजी से विकसित करने पर केंद्रित है. साथ ही, यह क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की सरकार की व्यापक कोशिशों का भी एक हिस्सा है.
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