ट्रेड डील टेक्स्ट फाइनल करने के लिए भारत का डेलीगेशन अगले हफ्ते जाएगा USA, जानें- किन मुद्दों पर होगी बात
कॉमर्स सेक्रेटरी ने आगे कहा कि व्हाइट हाउस जल्द ही रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेगा, और अगर देरी होती है, तो भारतीय डेलीगेशन अगले हफ्ते वाशिंगटन में इस मामले पर बात करेगा. US ने पिछले साल अगस्त में भारतीय सामानों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था.
भारत के कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने 16 फरवरी को कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री में चीफ नेगोशिएटर और जॉइंट सेक्रेटरी दर्पण जैन की लीडरशिप में भारतीय अधिकारियों का एक डेलीगेशन ट्रेड डील की शर्तों को फाइनल करने के लिए अगले हफ्ते US जाएगा. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का मकसद मार्च में एग्रीमेंट पर साइन करना है.
रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती
कॉमर्स सेक्रेटरी ने आगे कहा कि व्हाइट हाउस जल्द ही रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेगा, और अगर देरी होती है, तो भारतीय डेलीगेशन अगले हफ्ते वाशिंगटन में इस मामले पर बात करेगा.
अतिरिक्त टैरिफ भी खत्म
जिस ट्रेड डील का बेसब्री से इंतजार था, उसके मुताबिक US ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को पहले के 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने और रूसी तेल इंपोर्ट पर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी एडिशनल पीनल टैरिफ को भी खत्म करने का वादा किया है. US ने पिछले साल अगस्त में भारतीय सामानों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था.
मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसि
जनवरी में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट दिसंबर के 25.04 अरब डॉलर से बढ़कर 34.68 अरब डॉलर हो गया, क्योंकि इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट से कहीं ज्यादा बढ़ा. गुड्स का एक्सपोर्ट 38.51 अरब डॉलर से घटकर 36.56 अरब डॉलर हो गया, जबकि इम्पोर्ट 63.55 अरब डॉलर से बढ़कर 71.24 अरब डॉलर हो गया.
इफेक्टिव रेट में गिरावट
जनवरी के नंबर ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ का भारत पर आखिरी असर दिखाते हैं, क्योंकि इफेक्टिव रेट गिरकर 25 फीसदी हो गया है और उम्मीद है कि यह और कम होकर 18 फीसदी हो जाएगा, क्योंकि भारत और US मार्च में एक प्रपोज़्ड ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने वाले हैं. भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ भी एक ट्रेड पैक्ट साइन किया है, जिसके अगले साल लागू होने की उम्मीद है.
