अमेरिका के पास कितना तेल, जिसके दम पर ट्रंप बोल रहे ‘Drill, Baby, Drill’

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले भाषण में अमेरिका में तेल और गैस के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. उन्होंने कहा कि वे "नेशनल एनर्जी इमरजेंसी" घोषित करेंगे और तेल की कीमतों को कम करने के लिए काम करेंगे. लेकिन अमेरिका के पास कितना तेल भंडार है?

अमेरिका के पास कितना तेल भंडार है? Image Credit: Freepik

Donald Trump Drill Baby Drill Plan: डोनाल्ड ट्रंप ने 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में कई बड़ी बातें कही, कई नारे भी दिए जिनका इस्तेमाल उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान किया था. इनमें से एक था “ड्रिल, बेबी, ड्रिल”, जिससे उन्होंने यह संकेत दिया कि उनकी सरकार अमेरिका में तेल और गैस के उत्पादन और खपत को बढ़ाने के लिए काम करेगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि वे अमेरिका में तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा देने और कीमतें कम करने के लिए “नेशनल एनर्जी इमरजेंसी” तक घोषित करेंगे. लेकिन फिलहाल अमेरिका के पास कितना तेल है, सऊदी, ईरान और भारत जैसे बाकी देशों की तुलना में कितना तेल है?

आखिर ट्रंप ने कहा क्या है?

ट्रंप की इन घोषणाओं के बाद माना जा रहा है तेल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है. उनके भाषण के बाद तेल की कीमतों में मामूली गिरावट भी आई है. ट्रंप ने कहा कि, “अमेरिका में महंगाई का संकट बड़े पैमाने पर खर्च और बढ़ती ऊर्जा कीमतों की वजह से है. यही कारण है कि आज मैं एक नेशनल एनर्जी इमरजेंसी घोषित कर रहा हूं. ड्रिल बेबी ड्रिल. अमेरिका फिर से एक मैन्युफैक्चरिंग राष्ट्र बनेगा, और हमारे पास वह चीज है जो किसी भी अन्य मैन्युफैक्चरिंग राष्ट्र के पास नहीं है, दुनिया का सबसे बड़ा तेल और गैस भंडार और हम इसका इस्तेमाल करेंगे.”  

उन्होंने यह भी कहा कि, “हम कीमतों को कम करेंगे, अपने रणनीतिक (पेट्रोलियम) भंडार को फिर से भरेंगे, और अमेरिकी ऊर्जा को दुनिया भर में निर्यात करेंगे. हम फिर से एक समृद्ध राष्ट्र बनेंगे, और यह हमारे पैरों के नीचे का ‘तरल सोना’ है जो हमें ऐसा करने में मदद करेगा.”  

ट्रंप ने यह भी कहा कि वे “इलेक्ट्रिक व्हीकल मैंडेट” को रद्द करेंगे, यानी बाइडेन प्रशासन की वे नीतियां जो इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थीं.  

अमेरिका के पास कितना है तेल भंडार

तेल भंडार यानी आयल रिजर्व, मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक ऑयल रिजर्व के मामले में अमेरिका टॉप 10 देशों में भी शामिल नहीं है. यह दुनिया का 11वां सबसे ज्यादा तेल भंडार करने वाला देश है. अमेरिका के पास 48 अरब बैरल तेल रिजर्व में हैं. एक बैरल में 163 लीटर होता है.

US एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक:

फोटो सोर्स: US एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन

वहीं दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार साउथ अमेरिका के देश वेनेजुएला के पास है, इसके पास 303 अरब बैरल तेल भंडार में हैं.

वहीं भारत के पास फिलहाल 4.6 अरब बैरल तेल भंडार है.

भारत पर असर

भारत जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का ग्राहक है और अपनी जरूरत का 85% से अधिक आयात करता है, इसके लिए तेल की कीमतों में गिरावट अच्छी खबर होगी. अमेरिका भी भारत को कच्चा तेल सप्लाई करता है और ऐसा करने वाला अमेरिका पांचवां सबसे बड़ा देश है. अगर अमेरिका अपने तेल निर्यात को बढ़ाता है, तो यह भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल वैश्विक तेल बाजारों के लिए कैसा होगा.

Latest Stories

चांदी की कीमतों पर कैसे पड़ सकता है बजट का असर! इन फैसलों पर रहेगी नजर; ये फैक्टर तय करेंगे कीमतों की दिशा

Budget 2026 से पहले जान लें कैपिटल बजट, फिस्कल पॉलिसी, रेवेन्यू बजट समेत सभी आसान टर्म, चुटकियों में समझ आ जाएंगे सारे फैसले

KEI vs Polycab: Q3 FY26 में किसने मारी बाजी? कौन है सेक्टर का असली लीडर? जानें सब कुछ

Union Bank of India और Bank of India के मर्जर की तैयारी तेज, 2026 के अंत तक हो सकता है विलय; बनेगा तीसरा सबसे बड़ा बैंक

नौवीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, राजकोषीय घाटे से लेकर कैपेक्स तक, इन बड़े आंकड़ों पर टिकी होंगी निगाहें

12 फरवरी से बदलेगा महंगाई मापने का फॉर्मूला, CPI के नए वेटेज स्ट्रक्चर से आंकड़ों से बदलेगी तस्वीर