भारत का 38 देशों के साथ FTA, लेकिन बजट की इस बात ने बढ़ा दी टेंशन! 100000 करोड़ ड्यूटी का है मामला
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के कारण भारत को FY27 में 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक कस्टमर ड्यूटी का रिवेन्यू नुकसान हो सकता है. FY26 में भी 98,569 करोड़ रुपये की ड्यूटी forgone दर्ज की गई, जो अनुमान से ज्यादा थी. Asean से 40,833 करोड़ रुपये, Japan से 11,365 करोड़, South Korea से 10,872 करोड़ और UAE से 9,267 करोड़ रुपये का असर अनुमानित है.
FTA Revenue Loss: भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA अब सरकारी खजाने पर बड़ा असर डाल रहे हैं. FY27 में टैरिफ कटौती की वजह से कस्टम ड्यूटी forgone 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो सकता है. FY26 में यह आंकड़ा 98,569 करोड़ रुपये रहा, जो बजट अनुमान 94,172 करोड़ रुपये से ज्यादा था. इससे साफ है कि FTA के तहत दी गई रियायतों का सीधा असर रिवेन्यू पर पड़ रहा है.
Asean से सबसे ज्यादा नुकसान
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, FTA पार्टनर देशों में सबसे ज्यादा रिवेन्यू प्रभाव ASEAN के साथ समझौते से हो रहा है. FY27 में Asean के कारण 40,833 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी कम हो सकती है. भारत ने Asean के साथ समझौते की समीक्षा की मांग की है, क्योंकि Asean देशों से आयात तेजी से बढ़ा है, जबकि भारत का निर्यात उसी रेशियो में नहीं बढ़ पाया.
जापान और दक्षिण कोरिया भी बड़ी वजह
Japan के साथ FTA से FY27 में 11,365 करोड़ रुपये का रिवेन्यू प्रभाव अनुमानित है. South Korea के साथ समझौते से 10,872 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है. इन दोनों देशों के साथ व्यापार बढ़ा है, लेकिन टैरिफ कटौती की वजह से कस्टम कलेक्शन में कमी आई है.
UAE और Australia से भी असर
India UAE trade deal, जो मई 2022 में लागू हुआ था, उससे FY27 में 9,267 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी forgone हो सकती है. Australia के साथ FTA से 5,107 करोड़ रुपये का असर अनुमानित है. यानी हाल के वर्षों में हुए नए समझौते भी रिवेन्यू दबाव बढ़ा रहे हैं.
MFN टैरिफ और गहरी कटौती की कीमत
भारत के लागू MFN टैरिफ कई डेवलप अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक हैं. ऐसे में FTA वार्ता के दौरान भारत को ज्यादा टैरिफ कट देने पड़ते हैं. जैसे जैसे अधिक प्रोडक्ट प्रेफरेंशियल ट्रीटमेंट में आते हैं और आयात बढ़ता है, वैसे-वैसे छोड़े गए रिवेन्यू का आंकड़ा भी बढ़ता जाता है.
| देश या समूह | अनुमानित कस्टम ड्यूटी forgone FY27 करोड़ रुपये में |
|---|---|
| Asean | 40,833 |
| Japan | 11,365 |
| South Korea | 10,872 |
| UAE | 9,267 |
| Australia | 5,107 |
सरकार के भीतर मतभेद
रेवेन्यू विभाग का मानना है कि गहरी टैरिफ कटौती से कस्टम कलेक्शन प्रभावित होता है, जो केंद्र के ग्रोस टैक्स कलेक्शन का लगभग 6 से 7 फीसदी हिस्सा है. दूसरी ओर ट्रेड पॉलिसी से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि कस्टम ड्यूटी केवल रिवेन्यू का साधन नहीं है, बल्कि व्यापार नीति का उपकरण है. उनका तर्क है कि सस्ते कच्चे माल और इनपुट से इंडस्ट्री की कंपटीशन बढ़ती है और लंबे समय में अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है.
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5 साल में 38 देशों से FTA
सरकार ने FY27 में कस्टम ड्यूटी कलेक्शन 2.7 ट्रिलियन रुपये रहने का अनुमान लगाया है, जो 5 फीसदी की ग्रोथ दिखाता है. लेकिन जानकारों का मानना है कि रिवेन्यू forgone का रियल असर और ज्यादा हो सकता है, क्योंकि पिछले पांच वर्षों में भारत ने 38 देशों के साथ नौ FTA किए हैं और कई अब प्रभावी हो रहे हैं. कुल मिलाकर, FTA से बाजार तक पहुंच बढ़ी है, लेकिन इसके साथ सरकारी रिवेन्यू पर बढ़ता दबाव भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है.
Forgone का क्या मतलब
Forgone का आसान मतलब है जो पैसा मिल सकता था लेकिन नहीं मिला. सरकार के मामले में इसका मतलब होता है वह इनकम जिसे किसी छूट या रियायत की वजह से नहीं लिया गया. जैसे customs duty forgone का मतलब है वह कस्टम ड्यूटी जो सरकार ले सकती थी, लेकिन FTA या टैक्स छूट के कारण नहीं ली.
