सरकार ने फिर बढ़ाए सोने-चांदी के इंपोर्ट प्राइस, विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए उठाए कदम, 3 दिन पहले घटाए थे रेट
केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में फिर बढ़ोतरी कर दी है. CBIC की नई अधिसूचना के अनुसार सोने का आयात मूल्य 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी का 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम कर दिया गया है. सरकार के इस कदम को विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव और कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
Silver Import Rules: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने सोमवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सोने और चांदी के बेस इम्पोर्ट प्राइस में बढ़ोतरी कर दी है. सरकार के इस कदम का सीधा मकसद गैर-जरूरी आयात पर लगाम लगाना और देश से बाहर जा रहे डॉलर को रोकना है.
सोने और चांदी की नई कीमतें लागू
नई अधिसूचना के मुताबिक, सोने के बेस इम्पोर्ट प्राइस में 5 डॉलर प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी की गई है. इस 0.37% के इजाफे के बाद अब सोने की बेस इम्पोर्ट कीमत बढ़कर 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम हो गई है. वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा उछाल देखा गया है. चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस 83 डॉलर प्रति किलोग्राम (लगभग 4%) बढ़ाकर 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम कर दिया गया है.
हैरानी की बात यह है कि महज तीन दिन पहले ही सरकार ने सोने की कीमत में 80 डॉलर और चांदी में 276 डॉलर की कटौती की थी, लेकिन बदलते आर्थिक हालातों को देखते हुए सरकार को अपना फैसला तुरंत बदलना पड़ा.
विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने की कवायद
पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) पर भारी दबाव देखा जा रहा है. आरबीआई (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 5 जून तक देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 711 मिलियन डॉलर घटकर 681.61 अरब डॉलर रह गया है. इसका मुख्य कारण फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में आई 2.70 अरब डॉलर की गिरावट है. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान आरबीआई के पास मौजूद गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.98 अरब डॉलर बढ़कर 114.58 अरब डॉलर पर पहुंच गई.
यह भी पढ़ें: डीजल और ATF पर फिर टैक्स बढ़ा, पेट्रोल पर कोई बदलाव नहीं, जानें क्यों लिया गया फैसला?
चांदी के आयात पर सरकार की सख्त पाबंदी
सोने-चांदी पर पिछले दो महीनों में यह दूसरी बड़ी सख्ती है. पिछले महीने ही सरकार ने इन कीमती धातुओं पर इम्पोर्ट लेवी (आयात शुल्क) बढ़ाकर 15% कर दी थी.
इसके साथ ही, सरकार ने चांदी के बेलगाम आयात को रोकने के लिए नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने चांदी के आयात को ‘फ्री’ कैटगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ यानी प्रतिबंधित कैटगरी में डाल दिया है. इसका मतलब यह है कि अब कोई भी व्यापारी बिना सरकारी लाइसेंस के चांदी का आयात नहीं कर पाएगा.
जून की शुरुआत में जारी नए नियमों के तहत, अब बैंकों, आरबीआई द्वारा नामांकित एजेंसियों या इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के जरिए भी चांदी मंगाने के लिए DGFT की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है.
Latest Stories
डीजल और ATF पर फिर टैक्स बढ़ा, पेट्रोल पर कोई बदलाव नहीं, जानें क्यों लिया गया फैसला?
HCLTech ने भारतीय Sarvam AI में हासिल की 10.46% हिस्सेदारी, नए निवेश से यूनिकॉर्न बना स्टार्टअप
11 महीने के हाई पर बेरोजगारी, मई में 5.5 फीसदी पहुंचा रेट; जानें इकोनॉमी पर क्या होगा असर
