Gold and Silver Rate Today: सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी, मुनाफावसूली हावी, सिल्वर 100 डॉलर पार जाने का अनुमान
सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसल गई हैं और डॉलर की मजबूती के बीच मुनाफावसूली के दबाव में दोनों धातुओं में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि करेक्शन के बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत मांग के चलते चांदी आगे चलकर 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर की ओर बढ़ सकती है.
Gold and Silver PriceToday: सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड हाई से नीचे आ गई हैं. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में इन कीमती धातुओं के रेट में गिरावट देखने को मिली है. घरेलू बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई. जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर से कीमतें नीचे आने और डॉलर के मजबूत होने के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 43 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 1,42,774 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी भी 61 रुपये की हल्की गिरावट के साथ 287,701 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी.
इंटरनेशनल लेवल पर भी गिरावट
विदेशी बाजारों में एशियाई कारोबार के दौरान भी बुलियन की कीमतों में करेक्शन देखा गया. कॉमेक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 21.9 डॉलर या 0.47% गिरकर 4,601.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इससे पहले 14 जनवरी को सोने ने 4,650.50 डॉलर प्रति औंस का ऑल टाइम हाई बनाया था.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 1.8% टूटकर 90.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. हालांकि इसके बावजूद चांदी साप्ताहिक आधार पर अब भी 13% से ज्यादा की बढ़त की ओर बढ़ रही है. पिछले सत्र में चांदी ने 93.57 डॉलर प्रति औंस का ऑल टाइम हाई बनाया था.
US टैरिफ फैसले का दिखा असर
चांदी में आई गिरावट की एक वजह अमेरिका का अहम खनिजों पर फिलहाल आयात शुल्क न लगाना भी माना जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही अभी टैरिफ की घोषणा नहीं की, लेकिन भविष्य में शुल्क लगाए जाने की संभावना से इनकार भी नहीं किया. इससे बाजार में थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है.
लॉन्ग टर्म में पलटेगा खेल
विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में चांदी की कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिल सकता है. हालांकि उससे पहले चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर की ओर बढ़ सकती है. सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में अहम भूमिका के चलते चांदी को अब भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है. यानी फिलहाल सोने-चांदी में करेक्शन का दौर दिख रहा है, लेकिन लंबी अवधि में इन कीमती धातुओं पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी.