बड़े बैंकों को चुनौती… क्या ये 4 स्मॉल फाइनेंस बैंक बनेंगे ‘अगले HDFC’? 24% तक ग्रोथ का अनुमान!
स्मॉल फाइनेंस बैंक अब सिर्फ छोटे कर्जदाता नहीं रहे. वे धीरे-धीरे बड़े बैंकिंग प्लेयर बन रहे हैं. मजबूत जमा, बेहतर एसेट क्वालिटी और सुरक्षित लोन के कारण यह सेक्टर आने वाले वर्षों में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है. निवेशकों के लिए ये चार बैंक नजर रखने लायक हैं.
4 Small Finance Banks: भारत में स्मॉल फाइनेंस बैंक तेजी से मेनस्ट्रीम के बैंकिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं. पहले इन्हें सिर्फ माइक्रोफाइनेंस यानी छोटे कर्ज देने वाली संस्थाएं माना जाता था, लेकिन अब इनका दायरा काफी बढ़ चुका है. इन बैंकों का लोन बुक हर साल 20 से 25 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ रहा है और क्रिसिल के अनुसार FY26 तक कुल कर्ज 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है. साथ ही, ये बैंक आम लोगों से बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट जुटाने में भी सफल रहे हैं.
RBI की नई नीति के तहत कुछ मजबूत स्मॉल फाइनेंस बैंक भविष्य में यूनिवर्सल बैंक बन सकते हैं. इससे वे बड़े बैंकों से सीधी टक्कर ले सकेंगे. इसी उम्मीद ने निवेशकों का ध्यान इस सेक्टर की ओर खींचा है. लोन मांग मजबूत है, NPA कम हुआ है और ब्याज दरें स्थिर हैं, जिससे इन बैंकों को फायदा मिल रहा है. इसी आधार पर हमने चार स्मॉल फाइनेंस बैंकों को चुना है, जिनमें ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मुनाफा अच्छा दिख रहा है.
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक
AU बैंक अब धीरे-धीरे एक बड़े रिटेल बैंक की तरह काम कर रहा है. Q2 FY26 में इसकी जमा राशि 21 प्रतिशत बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपये हो गई. CASA रेशियो लगभग 29 प्रतिशत पर स्थिर रहा, जिससे फंड की लागत कम हुई. लोन बुक 17 प्रतिशत बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये हो गया. बैंक ने असुरक्षित लोन घटाए और सुरक्षित रिटेल लोन बढ़ाए.
हालांकि ग्रॉस NPA 2.41 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो पिछले साल से थोड़ा ज्यादा है. तिमाही में नेट interest income 2,144 करोड़ रुपये रही और मुनाफा 561 करोड़ रुपये रहा. पिछले एक साल में AU बैंक का शेयर करीब 67 प्रतिशत चढ़ा है. बैंक भविष्य में यूनिवर्सल बैंक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक
उज्जीवन बैंक ग्रामीण और छोटे ग्राहकों पर फोकस करता है. Q2 FY26 में इसकी जमा 15.1 प्रतिशत बढ़कर 39,211 करोड़ रुपये हो गई. बचत खातों में बैलेंस 10,000 करोड़ रुपये के पार चला गया. लोन बुक 14 प्रतिशत बढ़कर 34,588 करोड़ रुपये हुआ.
घर, MSME और वाहन लोन में अच्छी ग्रोथ दिखी. सुरक्षित लोन का हिस्सा 47 प्रतिशत हो गया है, जिससे जोखिम कम हुआ है. ग्रॉस NPA 2.5 प्रतिशत रहा, जो लगभग स्थिर है. तिमाही मुनाफा 122 करोड़ रुपये रहा. पिछले एक साल में इसका शेयर करीब 74.7 प्रतिशत बढ़ा है.
कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक
साल 1999 में शुरू हुआ कैपिटल बैंक भारत का पहला स्मॉल फाइनेंस बैंक है. इसकी जमा राशि 20 प्रतिशत बढ़कर 9,317 करोड़ रुपये हो गई. CASA रेशियो 33.9 प्रतिशत रहा, जो मजबूत है. लोन बुक 18 प्रतिशत बढ़कर 7,907 करोड़ रुपये हुआ. MSME, कृषि और हाउसिंग लोन में अच्छी ग्रोथ दिखी. ग्रॉस NPA 2.7 प्रतिशत रहा. तिमाही मुनाफा 35 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 5 प्रतिशत ज्यादा है. हालांकि पिछले एक साल में इसका शेयर करीब 13.6 प्रतिशत गिरा है.
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक
सूर्योदय बैंक ने Q2 FY26 में 35.5 प्रतिशत की तेज जमा वृद्धि दिखाई. जमा 11,991 करोड़ रुपये हो गई. डिजिटल डिपॉजिट 1,300 करोड़ रुपये पार कर गया. लोन बुक 18.9 प्रतिशत बढ़कर 11,124 करोड़ रुपये हुआ. बैंक अब ग्रुप लोन के बजाय व्यक्तिगत और सुरक्षित लोन पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. हालांकि एसेट क्वालिटी कमजोर रही. ग्रॉस NPA 5.9 प्रतिशत और नेट NPA 3.8 प्रतिशत रहा. तिमाही मुनाफा घटकर 30 करोड़ रुपये रह गया. पिछले एक साल में शेयर 7.8 प्रतिशत बढ़ा है.
| कंपनी | Price to Book Value Ratio | 3 Year Median P/BV | ROE |
| AU स्मॉल फाइनेंस बैंक | 4.0 | 3.9 | 14.2% |
| उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 1.9 | 1.6 | 12.4% |
| कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक | 0.8 | 1.0 | 10.4% |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 0.8 | 0.8 | 6.2% |
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