अडानी ग्रुप से बड़ा ऑर्डर मिलते ही रॉकेट हुआ ये एनर्जी स्टॉक, 5% से ज्यादा की लगाई छलांग, 534 MW का है प्रोजेक्ट
अडानी ग्रुप से सोलर प्रोजेक्ट का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद KPI Green Energy के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई. मजबूत ऑर्डर बुक और शानदार वित्तीय प्रदर्शन के चलते निवेशकों की इसमें खरीदारी बढ़ी, जिससे स्मॉल-कैप एनर्जी स्टॉक में जोरदार उछाल देखने को मिला. तो क्या है ऑर्डर और कब तक की है डेडलाइन, यहां जानें डिटेल.
Renewable energy stock: शेयर बाजार में स्मॉल-कैप रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी KPI Green Energy Ltd के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. शेयर एक ही दिन में 5% से ज्यादा चढ़ गए. ये इंट्राडे में 454 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव 432 रुपये से लगभग 5% ज्यादा है. शेयर में आई इस तेजी की वजह कंपनी काे अडानी ग्रुप से मिला बड़ा ऑर्डर है.
KPI Green Energy Limited का कहना है कि कंपनी को गुजरात के कच्छ जिले के खावड़ा में अडाणी ग्रुप के रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के लिए 534 मेगावाट के सोलर पावर प्रोजेक्ट्स का बड़ा ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर बैलेंस ऑफ सिस्टम (BoS) सप्लाई और ऑनसाइट सर्विसेज के लिए दिया गया है. BoS सप्लाई का ऑर्डर Adani Green Energy Limited की ओर से मिला है, जबकि ऑनसाइट सर्विसेज का कॉन्ट्रैक्ट Adani Green Energy Six Limited से मिला है.
प्रोजेक्ट की खास बातें
इस प्रोजेक्ट के तहत मैन्युफैक्चरिंग, प्रोक्योरमेंट, ट्रांसपोर्टेशन, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग, कमीशनिंग और परफॉर्मेंस गारंटी टेस्टिंग का काम शामिल होगा. इसमें सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल वर्क भी शामिल हैं. ये बड़े यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट्स कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक अलग-अलग चरणों में पूरे किए जाएंगे.
HFY26 तक KPI Green Energy की ऑर्डर बुक 3.08 गीगावाट से ज्यादा हो चुकी है, जबकि इसी अवधि में कंपनी 1.07 गीगावाट से अधिक की सोलर क्षमता इंस्टॉल कर चुकी है.
शेयर का हाल
करीब 8,756 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली KPI Green Energy का शेयर इंट्राडे में 454 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव 432 रुपये से लगभग 5% ज्यादा है. बीते 5 साल में इस शेयर ने निवेशकों को 3 साल में 360% और 5 साल में 3051 फीसदी का धमाकेदार रिटर्न दिया है.
कंपनी का कारोबार
2008 में स्थापित KPI Green Energy Ltd, KP Group का हिस्सा है. यह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करती है. कंपनी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर के तौर पर सोलर और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स का डेवलपमेंट, स्वामित्व और संचालन करती है. इसके अलावा ‘Solarism’ ब्रांड के तहत कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर्स को एंड-टू-एंड सोल्यूशंस भी देती है. कंपनी के क्लाइंट्स में टाटा मोटर्स, लार्सन एंड टुब्रो जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.
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फाइनेंशियल स्टेटस
- वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q2FY26 में कंपनी की आय सालाना आधार पर 76% बढ़कर 360 करोड़ रुपये से 634 करोड़ रुपये हो गई. तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो Q1FY26 में 603 करोड़ रुपये था.
- नेट प्रॉफिट में भी मजबूत उछाल देखने को मिला. Q2FY26 में कंपनी का मुनाफा 67% बढ़कर 70 करोड़ रुपये से 117 करोड़ रुपये हो गया. तिमाही आधार पर मुनाफा 5% बढ़ा, जो Q1FY26 में 111 करोड़ रुपये था.
- लॉन्ग टर्म ग्रोथ देखें तो कंपनी का 5 साल का प्रॉफिट CAGR 118% और 3 साल का 95% है. वहीं 5 साल का सेल्स CAGR 97% और 3 साल का 96% रहा है. कंपनी का ROCE 17% और ROE 20% है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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