राधाकिशन दमानी और विजय केडिया का बड़ा मूव, इन 2 स्मॉल कैप स्टॉक्स से किया किनारा, जानें क्यों बेची हिस्सेदारी
राधाकिशन दमानी और विजय केडिया ने दो स्मॉल कैप स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. दोनों शेयरों ने पिछले 5 साल में 230% से 540% तक का जबरदस्त रिटर्न दिया, इसके बावजूद दिग्गज निवेशकों ने इससे एग्जिट कर लिया. तो आखिर क्या है इसकी वजह आइए जानते हैं.
Radhakishan Damani and Vijay Kedia portfolio: शेयर बाजार में जब आम निवेशक किसी स्टॉक को लेकर दुविधा में होता है, तो उसकी नजर अक्सर दिग्गज निवेशकों पर जाती है. हाल ही में भारत के दो दिग्गज निवेशकों- राधाकिशन दमानी और विजय केडिया ने अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने दो स्मॉल कैप स्टॉक्स से किनारा किया है. तो आखिर हिस्सेदारी बेचने के पीछे क्या वजह है और ये स्टॉक्स कौन-से हैं, आइए जानते हैं.
Precision Camshafts
1992 में स्थापित Precision Camshafts Limited भारत और वैश्विक बाजार में कैमशाफ्ट बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है. कंपनी पैसेंजर व्हीकल्स, ट्रैक्टर, लाइट कमर्शियल व्हीकल्स और लोकोमोटिव इंजनों के लिए 150 से ज्यादा प्रकार के कैमशाफ्ट सप्लाई करती है.
कितनी बेची हिस्सेदारी?
करीब 1,458 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी में विजय केडिया मार्च 2023 से निवेशित थे. केडिया की कुल हिस्सेदारी, उनके पर्सनल पोर्टफोलियो और Kedia Securities के जरिए मिलाकर लगभग 2.10% थी. जून 2025 की तिमाही तक आते-आते उनकी हिस्सेदारी दोनों 1% से नीचे आ गई, जो आंशिक या पूर्ण एग्जिट का इशारा करती है.
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो FY23 तक सेल्स में मजबूत ग्रोथ दिखी, लेकिन FY24 में गिरावट आई और FY25 में बड़ा झटका लगा. H1FY26 में कंपनी की बिक्री 393 करोड़ रुपये रही. EBITDA भी इसी तरह का ट्रेंड दिखाता है और H1FY26 में यह 28 करोड़ रुपये रहा.
हालांकि नेट प्रॉफिट्स की बात करें तो FY21 में 1 करोड़ रुपये के नुकसान के बाद मुनाफा लगातार बढ़ा और H1FY26 में कंपनी ने 32 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया.
शेयर का हाल
शेयर प्राइस की बात करें तो जनवरी 2021 में 45 रुपये का यह स्टॉक 16 जनवरी 2026 तक 149 रुपये तक पहुंच गया, यानी करीब 231% की छलांग लगाई है. फिलहाल स्टॉक 44x के PE पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री मीडियन 29x है. वैल्यूएशन के लिहाज से स्टॉक अब सस्ता नहीं है.
TSF Investments
TSF Investments, जो पहले Sundaram Finance Holdings के नाम से जानी जाती थी, ये TVS ग्रुप की एक अहम होल्डिंग कंपनी है. 1954 में स्थापित यह कंपनी निवेश, बिजनेस प्रोसेसिंग और सपोर्ट सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है और कई बड़ी ऑटो एंसिलरी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है.
कितनी बेची हिस्सेदारी?
करीब 9,680 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी में राधाकिशन दमानी 2018 से निवेशित थे. हालिया एक्सचेंज फाइलिंग्स में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे आ गई है. मतलब ये आंशिक या पूर्ण रूप से एग्जिट की ओर इशारा करता है.
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फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
FY20 में 93 करोड़ रुपये की सेल्स FY25 में बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गई, यानी करीब 11% की CAGR. H1FY26 में ही कंपनी ने 429 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज कर ली.
EBITDA FY20 के 31 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 116 करोड़ रुपये हो गया और H1FY26 में यह 97 करोड़ रुपये रहा. नेट प्रॉफिट्स तो और भी शानदार रहे हैं. FY20 के 78 करोड़ रुपये से FY25 में 412 करोड़ रुपये तक, यानी करीब 39% की कंपाउंड ग्रोथ. H1FY26 में ही कंपनी 260 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमा चुकी है.
शेयर का हाल
शेयर प्राइस ने भी निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. जनवरी 2021 में 68 रुपये का यह शेयर 16 जनवरी 2026 तक 435 रुपये तक पहुंच गया, यानी करीब 540% की उछाल दर्ज किया गया है. फिलहाल स्टॉक 21x के PE पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री मीडियन 31x से कम है. जानकारों के मुताबिक दोनों दिग्गजों के इन शेयरों से एग्जिट की वजह मुनाफावसूली हो सकती है. साथ ही आगे के ग्रोथ का सीमित होना भी एक वजह हो सकती है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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