सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें- कितने रुपये पर आ गया भाव; क्यों सस्ता हुआ गोल्ड-सिल्वर?
Gold Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने कीमती मेटल्स के लिए माहौल बदल दिया है. वेस्ट एशिया में तनाव के बीच 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) की मांग से फायदा मिलने के बजाय, सोने पर दबाव बढ़ा है. तनाव ने महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
Gold Price Today: सोमवार को राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत 1,100 रुपये गिरकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे निवेशकों ने कीमती मेटल्स की बिकवाली की. स्थानीय बाजार के जानकारों के अनुसार, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले गोल्ड की कीमत शुक्रवार के 1,59,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के क्लोजिंग लेवल से 1,100 रुपये गिरकर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई.
चांदी भी हुई सस्ती
चांदी पर भी भारी बिकवाली का दबाव रहा और इसकी कीमत 5,000 रुपये गिरकर 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो लगातार चौथे सेशन में गिरावट है. 2 जून को चांदी की कीमत 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जिसमें अब 15,300 रुपये या लगभग 6 फीसदी की गिरावट आई है.
क्यों बदला मेटल्स के लिए माहौल?
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने कीमती मेटल्स के लिए माहौल बदल दिया है. वेस्ट एशिया में तनाव के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की मांग से फायदा मिलने के बजाय, सोने पर दबाव बढ़ा है क्योंकि निवेशकों को चिंता है कि एनर्जी की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं और मॉनेटरी पॉलिसी में ढील देने में देरी हो सकती है.\
HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, ‘सोमवार को सोने में गिरावट जारी रही, जो इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में आई कमजोरी को दिखाता है. इस तनाव ने महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.’
इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी
इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड लगभग 1 फीसदी गिरकर 4,291.79 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.34 फीसदी गिरकर 66.93 डॉलर प्रति औंस हो गई.
मिराए एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि मजबूत US जॉब्स डेटा और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
इस बीच, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 5 फीसदी तक बढ़कर 98.07 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, लेकिन बाद में ईरान की सेना द्वारा इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने की घोषणा के बाद शुरुआती बढ़त में कुछ कमी आई.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने लेबनान पर हमले फिर से शुरू किए, तो और कड़े हमले किए जाएंगे.
कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा, ’10 जून को US के मई महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े बहुत अहम हैं. अगर ये आंकड़े उम्मीद से अधिक आते हैं, तो फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के अनुमान और मजबूत हो सकते हैं. डॉलर और मजबूत हो सकता है और कीमती मेटल्स पर और दबाव बढ़ सकता है.’ उन्होंने आगे कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी के सख्त होने और हाल ही में ईरान-इजरायल के बीच तनाव बढ़ने की वजह से रिस्क झुकाव अभी भी गिरावट की तरफ ही बना हुआ है.
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