Gold Price Today: नाकाम शांति वार्ता से घबराया कमोडिटी बाजार! 5,020 रुपये लुढ़की चांदी, सोना भी ढलान पर

सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. इंडियन बुलियन मार्केट से लेकर MCX और ग्लोबल स्पॉट बाजार तक दबाव दिखा. मजबूत डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान बदलता नजर आ रहा है, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है.

gold and silver rate fallen Image Credit: canva/AI image

Gold-Silver Price 13 April 2026: वैश्विक अनिश्चितता के बीच जिस सोने को सुरक्षित निवेश का सहारा माना जाता है, उसी में अब दबाव साफ दिखने लगा है. सोमवार को सोना और चांदी दोनों ही मोर्चों पर कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए. MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट और भारतीय बुलियन बाजार, हर जगह कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. इसके पीछे एक तरफ वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़त है, तो दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया सख्त फैसलों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है.

MCX पर सोना-चांदी, दोनों में गिरावट

घरेलू वायदा बाजार MCX पर आज सोने की कीमत ₹1,51,856 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जिसमें ₹796 की गिरावट दर्ज की गई. वहीं चांदी की कीमत भी दबाव में रही और ₹2,40,766 प्रति किलोग्राम पर आ गई, जिसमें ₹4,334 की गिरावट देखने को मिली.

इंडियन बुलियन मार्केट में भी सोना-चांदी में नरमी

भारतीय बुलियन बाजार में भी कमजोरी साफ दिखी.

  • सोने की कीमत ₹1,52,130 प्रति 10 ग्राम पर रही, जिसमें ₹780 (-0.51%) की गिरावट दर्ज हुई.
  • चांदी की कीमत ₹2,39,230 प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो ₹5,020 (-2.06%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रही थी.

यह संकेत है कि घरेलू स्तर पर भी मांग कमजोर पड़ रही है और ग्लोबल ट्रेंड का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिख रहा है.

स्पॉट मार्केट: अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई.

  • स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,720.09 प्रति औंस पर रही, जिसमें $42.81 (-0.90%) की गिरावट आई.
  • वहीं स्पॉट सिल्वर $74.4 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जिसमें $1.86 (-2.44%) की गिरावट दर्ज की गई.

डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना है.

गिरावट की वजह, ग्लोबल फैसले और ट्रंप का असर

बाजार में यह गिरावट सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि बड़े वैश्विक कारणों से जुड़ी है. अमेरिका में हाल के दिनों में बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है, जिससे निवेशकों का रुझान सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स से हटकर फिक्स्ड इनकम की ओर बढ़ा है.

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में युद्धविराम के लिए हुई नाकाम शांति वार्ता, फिर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त रुख और संभावित समुद्री नाकेबंदी जैसे फैसलों ने भू-राजनीतिक तनाव बढ़ाया जरूर है, लेकिन साथ ही डॉलर को मजबूत किया है, जो सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक माना जाता है.

यह भी पढ़ें: होर्मुज पर बढ़ा तनाव! अमेरिका करेगा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी, तेहरान आने-जाने वाले जहाजों को दी चेतावनी

तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक महंगाई की चिंताओं ने भी बाजार को अस्थिर बनाए रखा है.

निवेशकों के लिए क्या संकेत

मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि सोना-चांदी में फिलहाल उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. हालांकि लंबी अवधि में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में डॉलर, ब्याज दर और वैश्विक राजनीतिक फैसलों का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है. ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए और बाजार के रुझान पर नजर बनाए रखनी चाहिए.

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