सोने में निवेश करना है? Digital Gold और Gold ETF में कौन है सही विकल्प; जानें डिटेल्स
Digital Gold और Gold ETF आज सोने में निवेश के दो लोकप्रिय विकल्प बन चुके हैं. Digital Gold में निवेशक ऑनलाइन सोना खरीद सकते हैं, जबकि Gold ETF शेयर बाजार के जरिए ट्रेड होता है और SEBI द्वारा रेगुलेटेड होता है. दोनों विकल्पों में निवेश का तरीका, जोखिम और टैक्स नियम अलग हैं. Digital Gold में फिजिकल डिलीवरी का विकल्प मिलता है, जबकि Gold ETF में बेहतर लिक्विडिटी और सुरक्षा मिलती है.
Digital Gold vs Gold ETF: भारत में सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश और पारंपरिक एसेट के रूप में देखा जाता रहा है. लेकिन अब समय बदल रहा है और निवेशकों के पास सोने में निवेश के कई आधुनिक विकल्प भी मौजूद हैं. Digital Gold और Gold ETF ऐसे ही दो विकल्प हैं, जो तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. ऐसे में निवेशक अब पारंपरिक गोल्ड के अलावा नए विकल्पों को भी समझने लगे हैं.
क्या है डिजिटल गोल्ड
डिजिटल गोल्ड एक ऐसा विकल्प है, जिसमें निवेशक ऑनलाइन सोना खरीद सकते हैं. यह लगभग फिजिकल गोल्ड जैसा ही होता है, लेकिन इसे संभालने की जरूरत नहीं होती. निवेशक बहुत कम रकम से भी इसमें निवेश शुरू कर सकते हैं. हालांकि, यह पूरी तरह से RBI या SEBI के तहत रेगुलेटेड नहीं है, जो इसमें एक जोखिम का पहलू भी जोड़ता है. टैक्स के लिहाज से, 24 महीने से ज्यादा रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 12.5 फीसद लगता है, जबकि कम अवधि पर टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है.
क्या है गोल्ड ETF
गोल्ड ETF एक प्रकार का म्यूचुअल फंड होता है, जो सोने में निवेश करता है. इसमें निवेशक सीधे सोना नहीं खरीदते, बल्कि यूनिट्स खरीदते हैं, जो सोने की कीमत को ट्रैक करती हैं. हर यूनिट लगभग 1 ग्राम सोने के बराबर होती है और इसे शेयर बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें स्टोरेज की चिंता नहीं होती और यह SEBI द्वारा रेगुलेटेड होता है, जिससे निवेश अधिक सुरक्षित माना जाता है.
डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में अंतर
दोनों विकल्पों में निवेश का तरीका और जोखिम अलग-अलग होता है. डिजिटल गोल्ड में आप सीधे सोने के मालिक होते हैं, जबकि गोल्ड ETF में आप फंड की यूनिट्स के जरिए निवेश करते हैं. डिजिटल गोल्ड को मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए कभी भी खरीदा-बेचा जा सकता है, जबकि गोल्ड ETF सिर्फ बाजार के समय में ट्रेड होता है. डिजिटल गोल्ड में फिजिकल डिलीवरी का विकल्प भी मिलता है, जबकि ETF में ऐसा नहीं होता. वहीं, गोल्ड ETF पूरी तरह रेगुलेटेड है, जबकि डिजिटल गोल्ड पर एक समान रेगुलेशन नहीं है.
निवेश से पहले क्या रखें ध्यान
एक्सपर्ट के अनुसार, सोने में निवेश कुल पोर्टफोलियो का 10 फीसद तक ही रखना चाहिए. साथ ही निवेश से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है. सोने में निवेश मध्यम अवधि के लिए बेहतर माना जाता है और इसमें जुड़े खर्च जैसे ब्रोकरेज या अन्य चार्ज को भी समझना जरूरी है.
किसे चुनें निवेशक
अगर आप आसान और छोटे निवेश से शुरुआत करना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड एक अच्छा विकल्प हो सकता है. वहीं, अगर आप रेगुलेटेड और बाजार से जुड़े निवेश को प्राथमिकता देते हैं, तो गोल्ड ETF बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. कुल मिलाकर, दोनों विकल्पों के अपने फायदे और सीमाएं हैं, इसलिए निवेश से पहले अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता को समझना बेहद जरूरी है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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