ईरानी बंदरगाहों पर US Navy की नाकेबंदी! 8% महंगा हुआ क्रूड, इन देशों के जहाजों को मिलेगी फ्री मूवमेंट
अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. इस कदम से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया. हालांकि, गैर-ईरानी टैंकरों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.
Blocade of Strait of Hormuz: अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है. इस कदम से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका और बढ़ गई है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली. ताजा आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल (Crude Oil – WTI) की कीमत 104.131 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिसमें 7.561 डॉलर यानी 7.83% की बढ़त दर्ज की गई है. वहीं ब्रेंट क्रूड (Brent) भी 102.438 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर 7.238 डॉलर (7.60%) की उछाल दिखा रहा है.
नाकाबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
ईरान के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है. यहां से रोजाना करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है. अमेरिका ने साफ किया है कि यह नाकाबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी, हालांकि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच चलने वाले जहाजों को रास्ता दिया जाएगा.
तेल की कीमतों में तेज उछाल
नाकाबंदी की खबर के बाद अमेरिकी कच्चा तेल करीब 8% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 7% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल हो गया. हालांकि, शांति वार्ता की उम्मीदों के चलते इससे पहले कीमतों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई थी, लेकिन इस्लामाबाद में वार्ता ब्रेक होने की बाद स्थिति फिर बिगड़ती जा रही है. हालांकि, 8 अप्रैल को दोनों देश दो हफ्ते के सीजफायर के लिए राजी हुए थे.
वैश्विक सप्लाई पर असर
इस स्थिति से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है. जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही कम होने और जोखिम बढ़ने से तेल की ढुलाई महंगी हो सकती है. इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जो पश्चिम एशिया से तेल आयात करते हैं.
इस बीच राहत की खबर यह है कि गैर-ईरानी बंदरगाहों से गुजरने वाले टैंकरों पर अमेरिकी नेवी सख्ती नहीं करेगी. इसलिए कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों से तेल खरीदने वाले देश अपेक्षाकृत सुचारु रूप से आवागमन कर सकेंगे, लेकिन इन टैंकरों को पहले की तरह ईरान द्वारा रोके जाने की आशंका बनी रहेगी.
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
यह भी पढ़ें: होर्मुज पर बढ़ा तनाव! अमेरिका करेगा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी, तेहरान आने-जाने वाले जहाजों को दी चेतावनी
Latest Stories
होर्मुज पर बढ़ा तनाव! अमेरिका करेगा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी, तेहरान आने-जाने वाले जहाजों को दी चेतावनी
चीन को ट्रंप की 50% टैरिफ की धमकी, कहां तेहरान की मदद की तो पड़ेगा भारी; ईरान को भी धमकाया
US-Iran शांति वार्ता के बाद ट्रंप का पहला बयान, कहा- ‘इस मुद्दे पर नहीं झुका ईरान, अब सख्त एक्शन तय’
