सोना ₹300 और चांदी ₹2700 टूटी, US-Iran टेंशन से दबाव में बाजार; अब केवल इस मीटिंग पर टिकी नजर

राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई. अमेरिका-ईरान तनाव और फेडरल रिजर्व की आगामी मीटिंग से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है.

सोने-चांदी का भाव Image Credit: @Money9live

Gold Silver Rate Today (सोने चांदी के आज का भाव): राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार, 22 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 300 रुपये फिसलकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं, चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज हुई और यह 2,700 रुपये टूटकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.

क्यों आई गिरावट?

कमोडिटी बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता में अनिश्चितता के कारण देखी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम को बढ़ाने का संकेत दिया था. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मिले-जुले संकेतों से बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, बातचीत में ठोस प्रगति न होने से अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल और डॉलर को सपोर्ट मिला, जबकि सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं पर दबाव बना.

इंटरनेशनल मार्केट में मिला सपोर्ट

दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की मजबूती देखने को मिली. स्पॉट गोल्ड करीब 0.48 फीसदी बढ़कर 4,742.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 1.46 फीसदी की तेजी के साथ 77.80 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा. LKP सिक्योरिटीज के वीपी (रिसर्च) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने की कीमतों में शुरुआती बढ़त देखने को मिली, जिसे संघर्ष विराम की उम्मीदों ने सपोर्ट दिया. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की तरफ से विरोधाभासी बयानों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. हालांकि, बुलियन से उलट 22 अप्रैल को MCX पर दोनों ही कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई.

फेडरल रिजर्व मीटिंग बनेगी अगला ट्रिगर

अब निवेशकों की नजर 29 अप्रैल को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर टिकी है. ब्याज दरों को लेकर फेड के संकेत सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अमेरिका-ईरान संबंधों और फेड की नीति पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में इसी तरह की अस्थिरता बनी रह सकती है.

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क्या संकेत मिल रहे हैं निवेशकों को?

मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि बाजार फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ मोड में है. जियो पॉलिटिकल घटनाक्रम, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों के फैसले, ये सभी कारक मिलकर आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे. ऐसे में निवेशकों के लिए सतर्कता और सही समय का इंतजार करना अहम रहेगा.

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